सामाजिक

लोकजीवन की दशाएँ : सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, राजनीतिक और साहित्यिक विन्यास

लोकजीवन की स्थिति : सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, राजनीतिक और साहित्यिक विन्यास :- 1.] भारतीय स्वतंत्रता के पूर्व कथित अस्पृश्य व अछूत वर्ग, जो महात्मा गाँधी के द्वारा दिए नाम ‘हरिजन’ से ख्यात हुए, तो डॉ. भीमराव अंबेडकर और भारतीय संविधान के तत्वश: अनुसूचित जाति / जनजाति के हेत्वर्थ विहित हुए, फिर दलित और अब महादलित […]

पर्यावरण विज्ञान

प्लास्टिक खानेवाले कीड़े पर रिसर्च !

सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के अंतर्गत केंद्रीय सूचना आयोग (C.I.C.) में ‘द्वितीय अपील’ वाद (case) दायर करनेवाली भारत की पहली महिला हैं अर्चना कुमारी पॉल। इसतरह से पहली महिला  RTI एक्टिविस्ट भी हैं । आल इंडिया रेडियो के एक कार्यक्रम ‘पब्लिक स्पीक’ के माध्यम से इनकी खोज ‘प्लास्टिक खानेवाले कीड़े’ पर विशद चर्चा चली, जिनके पेटेंट […]

क्षणिका

चीनी दरिंदगी

हिंदी-चीनी भाई-भाई में चीनी दरिंदगी क्यों ? अगर कोई 500 ओडीआई रन भी बना ले, तो भारत 506 बनाकर जीतेगा । 6 रन इसलिए, क्योंकि मैच बराबरी के बाद भारतीय वीर छक्का जो मारेगा !

लेख सामाजिक

बा दिवस की ओर

‘पिता’ पर उदय प्रकाश, ज्ञानरंजन, मन्नू भंडारी और मिथिलेश्वर की समृद्ध कहानी है, तो इस जीव पर शहंशाह आलम, पंकज चौधरी, राकेश प्रियदर्शी और स्वर्णलता ‘विश्वफूल’ की अच्छी कविताएं भी! इस धराधाम पर मुझे लाने का श्रेय ‘पिता’ को देना ही चाहिए, किन्तु उनकी मर्जी से यहाँ नहीं आया हूँ, अपितु ‘माँ’ के साथ उनके […]

समाचार

महापुरुषों की लाखों सूक्तियों को डायरी में लिखनेवाली अर्चना कुमारी को ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में मिली जगह

महापुरुषों की सूक्तियों को डायरी में लिखनेवाली अर्चना कुमारी को ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ (LBR) में मिली जगह, जिनके उन्हें LBR की तरफ से प्रमाणपत्र प्राप्त हुई है। ध्यातव्य है, उनकी कई रिकॉर्ड्स की चर्चा अनेक रिकॉर्ड बुकों में हैं, यथा- असिस्ट बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया इत्यादि। वहीं 2018 […]

कविता

दिनकर जी को सादर नमन

एक प्रगतिवादी और मानववादी कवि के रूप में उन्होंने ऐतिहासिक पात्रों और घटनाओं को प्रखरतम शब्दों के सहारे बुना । उनकी महान रचनाओं में ‘रश्मिरथी’ और ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ शामिल है । ‘उर्वशी’ को छोड़कर दिनकर की अधिकतर रचनाएँ वीर रस से ओतप्रोत हैं । कवि भूषण के बाद उन्हें वीर रस का सर्वश्रेष्ठ कवि […]

क्षणिका

आत्मनिर्भर देश !

वे रोज दोस्तों के साथ ताश खेलते हैं, फिर घर आते हैं, बीवी को पीटते हैं, क्योंकि वे आज चौका-बर्त्तन करने नहीं गयी थी…. फिर बच्चों के हिस्से का भी खाना खा लेते हैं, फिर ताश खेलने चले जाते हैं ! यह है, आत्मनिर्भर भारत !

कविता

भविष्यद्रष्टा माँ

रसोई से होते हुए देश दुनिया को अपने आँचल से समेटने की जी तोड़ कोशिश में लगी हैं । उनकी खुशबू भरी एहसास, स्नेह से लिपटी दरियादिली, उमस सीजन को भी ठण्डाई देती है । जीवन की पहली शिक्षिका माँ ! ना जाने कितने लम्हों से जुड़ी हूँ तुमसे, कुछ पल और जोड़ लेती !! […]