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  • ज़ुबानें हो गईं गाली-गाली

    ज़ुबानें हो गईं गाली-गाली

    बादल बना है फिर सवाली आसमाँ क्यों खाली-खाली किसने लूटा है गुलिस्तां को बिखरा हुआ है डाली-डाली किस-किस से करे हिफाज़त डरा हुआ हर माली-माली चाँद खा गया सेंक के कोई रात रह गई काली-काली उम्मीदें...