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  • इंक़लाब लेके आएँगें मजलूम

    इंक़लाब लेके आएँगें मजलूम

    यहाँ अब जीना भी मुहाल है ये सियासत की सब चाल है जो जवाब मालूम हो,वही पूछो इस माजरे का शिकार,सवाल हैं मिट्टी है सोना,सोना है मिट्टी न जाने ये कैसा गोलमाल है आप गलत देखें...


  • न जाने किनका ख्याल आ गया

    न जाने किनका ख्याल आ गया

    न जाने किनका ख्याल आ गया रूखे-रौशन पे जमाल* आ गया जो झटक दिया इन जुल्फों को ज़माने भर का सवाल आ गया मैं मदहोश न हो जाती क्यों-कर खुशबू बिखेरता रूमाल आ गया मैं मिट...




  • वो सीने से लगकर यूँ रो दिए

    वो सीने से लगकर यूँ रो दिए

    वो सीने से लगकर यूँ रो दिए जितने भी पाप थे,सारे धो दिए छूके अपनी जादुई निगाहों से जवानी के कितने वसंत बो दिए हर पल हीरा हर पल जवाहरात अपनी ज़िंदगी के पल उसने जो...