Author :

  • जीरो फिगर

    जीरो फिगर

    नींद ना आने के कारण रीमा ने टीवी चला दिया पति गहरी निद्रा में सो रहे थे| रात के साढे बारह बज रहे थे| टीवी पर किसी क्लिम टी की बात हो रही थी मात्र तीन...



  • नेता जी

    नेता जी

    नेता जी ! देश का दिल आज भी है गरीब दूर दराज से आते यहाँ हैं गरीब गरीब-गरीब करके बन गये तुम अमीर कर देना अब गरीब जनता का भला बिजली-पानी, रोजी-रोटी मुफ्त में देंगे नेता...

  • कविता : नहीं चाहिये भीख…

    कविता : नहीं चाहिये भीख…

    मेरे देश में आते हैं विश्व की सबसे बडी पहचान मुझे पहनना चाहिये अच्छे ही परिधान क्यों में दिखूँ अमेरिका के सामने गरीब बराबरी का सौदा करना हो जब नहीं चाहिये भीख…… सबने मिलकर आआपा को...

  • बुखार

    वर्षों से लागे है जैसे इमाम के ईमान को आ रहा बुखार अब मियादी हो चला दिल -दिमाग से चलो दें इसे बुहार मालिक को काटे है गैरों के तलवे चाटे है यह भले समाज में...

  • नयी रातें

    नयी रातें

    हो चली अब पुरानी बातें नया जमाना नयी हैं रातें सोचो जरा— उनका क्या होगा? जो करते थे केवल गरीब की बातें, भूखी रखते थे गरीब की आंतें पुँजीवाद की बेबजह बुराई करना लोंगों को रोजगार...

  • प्रेम और आग

    प्रेम और आग

    विश्वभर में एक भारत जीता अनेक विविधताओं संग नापाक इरादे रखने वाले खुद को कहते हैं पाक के रखवाले सीमा पर बरसाते नये-नये आग के रंग भारत करता प्रेम कि वर्षा फिर भी नहीं बुझती नापाक...

  • बजट

    बजट

    जनता का बजट जनता को मिला… सभी वर्ग को कुछ ना कुछ अवश्य मिला… मिली किसी को आस… किसी की बढ गयी इस बजट से प्यास… अच्छे राजनेताओं से उम्मीद रखना है अच्छी बात… मगर समय...