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  • कुर्सी का खेल

    कुर्सी का खेल

    राम आपके देश में अब न जाने क्या क्या चल रहा है, सबका साथ सबका विकास जातिवादियों को खल रहा है। जाति वर्ग में बंटकर राम आपका जन्मभूमि जल रहा है, शिक्षित युवा स्वरोजगार का पकौड़ा...




  • वाह रे राजनीति

    वाह रे राजनीति

    एक पुष्प अर्पित ना किये शहीद चंदन के अर्थी पर, रोते हैं ये नमाज़ी पार्टियां सिर्फ गद्दारों के बरसीं पर। राहुल, कजरी, सब के सब मातम मनाने दौड़ते हैं, दलित शोषित के मसीहा हम ढिंढोरा ऐसा...


  • नानी का गांव

    नानी का गांव

    क्या हाल है भाई रमेश आज उदास लग रहे हो। घर में सब ठीक-ठाक है ना। हां भाई घर में तो सब ठीक ही है। फिर उदास क्यों हो घूरा ने पूछा, रमेश बहुत धीमी स्वर...