गीतिका/ग़ज़ल

मुस्कुराते दीपक

कितना प्यारा -प्यारा सा दीपक घर -मंदिर में जलता दीपक। देखने में छोटा उजास भरा दीपक अंधकार को चिर जाता। जलता है जब दीपक कला कोशल के श्रम से बनता दीपक। सजती नहीं दीपावली बिन दीपक घरों पर सजे हार से लटके दीपक। आराधना के सच्चे साक्ष्य होते दीपक अमीरी -गरीबी में फर्क नहीं करते […]

गीतिका/ग़ज़ल

दीया 

दीये से बाती कह रही दीवाली आज है पटाखें बता रहे हो जेसे ये सरगमों का राज है घर बन गए दूल्हे ,गाडियां बनी हो दुल्हनियां सजी है द्वारे द्वारे उनके लिए रंगोलियां आज है आकाश में लगते चाँद -सितारों से दीये खास है दीयों का जमीं पर जलने का भी तो एक राज है […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

अलक्ष्मीजी (दरिद्रा )और लक्ष्मीजी (नृति ) का संवाद 

दीपावली के दिन लक्ष्मी ,गणेश के साथ कुबेर की भी पूजा की जाती है| विघ्न विनाशक ,मंगलकर्ता ,ऐश्वर्य ,भोतिक सुखों ,धन -धान्य ,शांति प्रदान करने के साथ साथ विपत्तियों को हरने वाले लक्ष्मी ,गणेश ,कुबेर का महापूजन अतिफलदायी होता है । प्राचीन ग्रंथों में लक्ष्मी जी के साथ अलक्ष्मी जी का भी उल्लेख मिलता है।अलक्ष्मी […]

कविता

रात

चमकते जुगनू लगते चरागों से कुछ फूल खिलकर कर रहे बाते रातों से कैसे करे भँवरे मुहब्बत फूलों से खुश्बुओं ने कर ली है बातें तितलियों से रात में खिले फूलों से उडी खुशबुएँ और चमकते हुए जुगनुओं को देखो ,टिमटिमाते हुए हैरान /मदमस्त हो जाओगे कुदरत की दस्तकारी पर तभी समझ भी सकोगे कि […]

कविता

समर्थन

विधवा शब्द कहना कठिन उससे भी कठिन अँधेरी रात में श्रृंगार का त्याग श्रृंगारित रूप का *विधवा में विलीन होना जीवन की गाड़ी के पहिये में एक का न होना चेहरे पर कोरी झूठी मुस्कान होना घर आँगन में पेड़ झड़ता सूखे पत्ते ये भी साथ छोड़ते जीवन चक्र की भाति सुना था पहाड़ भी […]

सामाजिक

कोरोना की आपदा इंसानों पर लेकिन नियमों का पालन ही एकमात्र उपाय है

मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां पर संघन जंगल की शुद्ध आबोहवा है।इतनी प्राकृतिक संपदा निःशुल्क प्रकृति देती आई है।किंतु कोरोना की आपदा इंसानों पर आगई है। जिससे वो जूझता जा रहा है।वही प्रकृति कई तरह के जीव – जंतु का पोषण कर रही है.साथ ही प्रकृति की प्रदूषित हवा निर्मल हो गई है। स्वच्छता हर […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

क्या स्मृति अमर होती है ?

एक जानकारी के मुताबिक पलक झपकने से तीन गुना तेज याद आती है घटनाएँ के बारे में पढ़ा| स्मृतियाँ सिमेटिक -भाषा के तथ्य समझने पर व एपिसोडिक – व्यक्ति विशेष के लिए खास महत्व रखती है ।रटंत क्रिया से भी याददाश्त मजबूत होती है।चिंतनीय प्रश्न यह उठता है कि क्या इंसान के मरने के बाद स्मृतियाँ अमर होती है […]

स्वास्थ्य

कोरोना संक्रमण की आपदा इंसानों पर 

पृथ्वी के रहवासी संक्रमण से जूझ रहे है.ये संक्रमण को समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित अभी तक सुनने पढ़ने में नहीं आया.संक्रमण की चेन तोड़ने की बात सभी करते मगर संक्रमण के आँकड़े घटते बढ़ते हर जगह दिखाई देते है। अनलॉक प्रक्रिया भी इसी कारण से बढ़ाई जाती होगी।भोजन की बात करें तो शाकाहारी और […]

संस्मरण

पहलवानी का शौक

पहले के ज़माने में जिम वगैरे तो थे नहीं। वर्जिस के लिए देशी अखाड़े थे। मामा के गाय का दूध भरपूर था। जब पहली बार अखाड़े गया। अखाडा उज्जैन में मक्सी रोड पर था। बहुत ही बड़ा था। जगह -जगह रस्से लटक रहे, कुश्ती लड़ने के लिए लाल मिट्टी का अखाडा। दंड- बैठक के लिए […]

पर्यावरण

इंजीनियर पक्षी बया और पहाड़ी मैना

पक्षियों की बात करें तो हर पक्षी की अपनी खासियत होती है। जिससे वो इंसानों को पसंद आते है।कई पक्षी इंजीनियर भी होते है।जिसमे प्रमुख नाम बया पक्षी का है।सुंदर सा नीड वो कुएं ,कटीली झाड़ियों मे बनाकर लटकाती है।तेज आंधी,पानी से वो टूटता नही।इतनी मजबूती से बुना, चारे के द्वारा जिसमे अंदर नीचे की […]