लघुकथा

सीख

डॉक्टर सरबजीत एक बड़े डॉक्टर माने जाते थे। दूर , दूर से मरीज़ उनके पास आते और ठीक हो जाते। मगर वो धीरे धीरे करके लालची हो गया था। लालची हो जाने का मतलब वो मरीजों से ज़्यादा फ़ीस लेते। और घमंड आ जाने की वजह से प्यार से बात भी नहीं करते। वहीं सरबजीत […]

भाषा-साहित्य

भारतीय भाषाओं में है आत्मनिर्भरता का मूल

भाषा संवाद में जन्म लेती है और उसी में पल बढ कर समाज में संवाद को रूप से संभव बनाती है. संवाद के बिना समाज भी नहीं बन सकता न उसका काम ही चल सकता है. इसलिए समाज भाषा को जीवित रखने की व्यवस्था भी करता है. इस क्रम में भाषा का शिक्षा के साथ […]

भाषा-साहित्य

अंग्रेजी हटाए बिना हिंदी कैसे लाएँगे ?

भारत सरकार को हिंदी दिवस मनाते-मनाते 70 साल हो गए लेकिन कोई हमें बताए कि सरकारी काम-काज या जन-जीवन में हिंदी क्या एक कदम भी आगे बढ़ी? इसका मूल कारण यह है कि हमारे नेता नौकरशाहों के नौकर हैं। वे दावा करते हैं कि वे जनता के नौकर हैं। चुनावों के दौरान जनता के आगे […]

इतिहास

प्रधानमंत्री मोदी के जीवन से जुड़ी 5 अनसुनी कहानियां

नरेंद्र मोदी के जीवन में तमाम ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनके बारे में उनको बहुत से करीबियों को भी नहीं पता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की जिंदगी अब इतनी खुली किताब हो गई है कि लोगों को लगता है कि क्रिकेट के रिकॉर्ड्स या अमिताभ बच्चन की फिल्मों की तरह उनको हर बात […]

बाल कविता

एकता में बल

एक गांव में रहते दो भाई, आपस में करते खूब लड़ाई!! कभी झगड़ा तो कभी रगड़ा, दोनों करते खूब लफरा !! एक दिन पिता ने दौनो को पास बुलाया, मिल जुल कर रहने का पाठ पढाया !! दौनों को कुछ समझ ना आया, पतली लकड़ी का एक गठरी मंगाया!! एक लकड़ी को वो तोड़ दिखाया, […]

कविता

शिक्षक क्या है

शिक्षक हमारे गुरु होते है , जैसे बुजुर्गों ने कहाँ है , की शिक्षक एक भगवान का रुप होते है , और उनका आदेश का पालन करना , हमारा परम कर्तव्य बनता है , उन्हें भेद-भाव का कोई भावना नही होता है , एक विद्यार्थी का जीवन मे , शिक्षक का महत्वपूर्ण योगदान होता है […]

संस्मरण

श्री परशुराम जी, अमृतसर में आर्य समाज के पुरोधा -1

सन 1900 के आसपास शामचौरासी, जिला होशियारपुर से पंडित परशुराम जी परिवार सहित आकर अमृतसर में रहने लगे।उस  समय भारत वर्ष में भंयकर अकाल का दौर था। अंग्रेजों का शासन था और लोगों को अन्न आदि थोड़ा ही मिलता था, पंजाब में अधिक अस्थिरता नहीं थी। उस समय पंडित जी की आयु तीस के आसपास […]

भाषा-साहित्य

प्रधानमंत्री के पत्र पर बवाल और भाषाई राजनीति

हिंदी से जुड़े कई मंचों पर एक चर्चा हो रही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महेंद्र सिंह धोनी को जो पत्र लिखा है वह अंग्रेजी में क्यों लिखा गया है, हिंदी में क्यों नही? यह इसलिए भी महत्त्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि प्रधानमंत्री सामान्य वार्तालाप हिंदी में करते हैं, उनकी हिंदी भी अच्छी है, […]

भाषा-साहित्य

शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए राष्ट्र को भाषा की दरकार है

कुछ बातें प्रकट होने पर भी हमारे ध्यान में नहीं आतीं और हम हम उनकी उपेक्षा करते जाते हैं और एक समय आता है जब मन मसोस कर रह जीते हैं कि काश पहले सोचा होता. भाषा के साथ ही ऐसा ही कुछ होता है. भाषा में दैनंदिन संस्कृति का स्पंदन और प्रवाह होता है. […]

कविता

हे भारत के वीर पुत्रो

हे भारत के वीर पुत्रो जीत लिया तुमने जग सारा अब जीत लो तुम कोरोना को बहुत बना लिए परमाणु बम अब दवा बना कुछ कर दिखाओ यही समय है ,विश्वगुरु बनने का दवा बना साबित करने का थक कर मत बैठो भारत तुम यहां सिकन्दर हारा है उठ खड़ा हो चल फिर इस दानव […]