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  • भाजपा क्यों लगने दे, यह कलंक?

    भाजपा क्यों लगने दे, यह कलंक?

    उत्तरी दिल्ली और पूर्वी दिल्ली का नगर निगमों पर भाजपा का कब्जा है। ये दोनों निगमें ऐसे भयंकर काम करने जा रही हैं, जिन्हें गुरु गोलवलकर या दीनदयाल उपाध्याय देख लेते तो अपना माथा कूट लेते।...



  • यावज्जीवम् अधीते विप्रः

    यावज्जीवम् अधीते विप्रः

    यावज्जीवम् अधीते विप्रः अर्थात् बुद्धिमान व्यक्ति जीवन भर अध्ययन करता है।  ऊपर दिया गया कथन प्राचीन ऋषियों की प्रसिद्ध उक्ति है जो उनकी जीवन – दृष्टि का परिचायक है। मनुष्य और पशु में सबसे बड़ा अंतर उनके...

  • कैट टूल्स के रहस्य

    कैट टूल्स के रहस्य

    आपने कैट टूल्स के बारे में सुना होगा या शायद न सुना हो। प्रस्तुत लेख में हम आपसे इन्हीं के बारे में बात करना चाहते हैं ताकि आप देख सकें कि ये आपके लिए कितने उपयोगी...

  • हिंदी पर राष्ट्रपति का संदेश

    हिंदी पर राष्ट्रपति का संदेश

    हिंदी दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जो संदेश दिया है, यह मुझे ऐसा लगा, जैसे कि मैं ही बोल रहा हूं। उन्होंने राष्ट्र को वह सूत्र दे दिया है जिसे लागू कर दिया...



  • राष्ट्रभाषा: मनन-मंथन-मंतव्य

    राष्ट्रभाषा: मनन-मंथन-मंतव्य

    भाषा का प्रश्न समग्र है। भाषा अनुभूति को अभिव्यक्त करने का माध्यम भर नहीं है। भाषा सभ्यता को संस्कारित करने वाली वीणा एवं संस्कृति को शब्द देनेवाली वाणी है। किसी भी राष्ट्र की सभ्यता और संस्कृति...

  • कानपुर में हिंदी का ताजमहल

    कानपुर में हिंदी का ताजमहल

    आज मैं कानपुर के तुलसी उपवन में हूं। अब से 36 साल पहले इस उपवन की स्थापना पं. ब्रदीनारायण तिवारी ने की थी। महाकवि तुलसीदास के प्रति तिवारीजी इतने समर्पित हैं, श्रद्धा से इतने भरे हुए...