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  • भारतीय खून-पसीने से समृद्ध मॉरीशस

    भारतीय खून-पसीने से समृद्ध मॉरीशस

    हिंद महासागर के दक्षिण पश्चिम में स्थित लगभग साढ़े ग्यारह लाख की जनसंख्या वाला देश मॉरीशस विश्व के श्रेष्ठ दर्शनीय द्वीपों में से एक है. अप्रतिम प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ही आर्थिक दृष्टि से भी इसने...

  • मॉरीशस में हिंदी

    मॉरीशस में हिंदी

    मॉरीशस में हिंदी भाषा का इतिहास लगभग डेढ़ सौ वर्षों का है। स्वतंत्रतापूर्व काल में यह भाषा बीज रूप में थी। भोजपुरी बोली के माध्यम से हिंदी विकसित भाषा को करने में भो तो का विशेष...


  • शरई अदालत का बेतुका प्रस्ताव

    शरई अदालत का बेतुका प्रस्ताव

    ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड यानी एआइएमपीएलबी द्वारा देश के प्रत्येक जिले में शरई अदालतों की स्थापना के प्रस्ताव से एक नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। इसने सेक्युलर राज्य के आधारभूत तत्वों को लेकर...

  • ईश्वर प्राप्ति और गुरु

    ईश्वर प्राप्ति और गुरु

    गुरू अनुभवी होना चाहिये जिससे वह शिष्य की कठिनाइयों को दूर कर सके और उसको कठिन बातों का तात्पर्य बता सके । हिन्दुओं में एक प्रथा है । लोग कहा करते हैं कि जब तक हम...

  • सहिष्णुता का कल्पनालोक

    सहिष्णुता का कल्पनालोक

    आखिर गत चार वर्षों में ऐसा क्या हुआ है जिसने चर्च को इतना बेचैन कर दिया है? क्या पर्दे के पीछे कुछ और ही खेल है? पहले दिल्ली के प्रधान पादरी अनिल काउटो तो अब गोवा...

  • मेडिकल की पढ़ाई अब हिंदी में

    मेडिकल की पढ़ाई अब हिंदी में

    आजकल मैं इंदौर में हूं। यहां के अखबारों में छपी एक खबर ऐसी है कि जिस पर पूरे देश का ध्यान जाना चाहिए। केंद्र सरकार का भी और प्रांतीय सरकारों का भी। चिकित्सा के क्षेत्र में...

  • भारत या इंडिया

    भारत या इंडिया

    आपमें यह अंधविश्वास किसने जगाया है कि भारत के बाहर इस देश का नाम इंडिया है? इंडिया नाम अंग्रेजी हुकूमत का नतीजा है, अरब देश भारत को हिंद कहते है, तुर्की में हिंदिया कहते हैं ,हिंदिया का...

  • शिक्षा के माध्यम की भाषा – मातृभाषा

    शिक्षा के माध्यम की भाषा – मातृभाषा

    भाषा शिक्षण का क्षेत्र अनुप्रायोगिक है। इसमें विभिन्न विषयों के शिक्षण के लिए जिस भाषा का प्रयोग होता है, वह शिक्षा का माध्यम कहलाती है। शिक्षा का माध्यम अपनी मातृभाषा भी हो सकती है और दूसरी...

  • अखबारों की भ्रष्ट भाषा

    अखबारों की भ्रष्ट भाषा

    सुविख्यात वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वेद प्रताप वैदिक ने अखबारों में भ्रष्ट भाषा का जो मुद्दा उठाया है वह प्रासंगिक और सटीक है। इसमें दो राय नहीं कि पिछले कई सालों से हिन्दी की अखबारों में भ्रष्ट...