इतिहास

भगवान महावीर क्रांतिकारी युगपुरुष थे

भगवान महावीर की जयन्ती मनाते हुए हमें महावीर के जीवनदर्शन को जीवनशैली का संकल्प लेना होगा। वे एक क्रांतिकारी युगपुरुष थे, उनकी क्रांति का अर्थ रक्तपात नहीं! क्रांति का अर्थ है परिवर्तन। क्रांति का अर्थ है जागृति! क्रांति अर्थात् स्वस्थ विचारों की ज्योति! क्रांति का अर्थ आग नहीं। क्रांति का अर्थ है सत्य की ओर […]

संस्मरण

आखिरी होली, यादें और केवल यादें

होलिका दहन का वह दिन, मैं घर पर ही था। डॉक्टर तो पहले ही जवाब दे चुके थे। बात केवल इतनी बची थी कि कितने दिन और..। चिर-निद्रा में जाने से पहले ही कामिनी की नींद लगातार बढ़ती जा रही थी। वह ज्यादा से ज्यादा समय सो रही थी। पल-पल उसकी हालत बिगड़ती जा रही […]

भाषा-साहित्य

देवभाषा व राष्ट्रभाषा के प्रति क्रान्तिकारी वीर सावरकर के अमूल्य विचार

“संस्कृतनिष्ठ हिंदी जो संस्कृत से बनायी गयी है और जिसका पोषण संस्कृत भाषा से हो, वह हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा होगी। संस्कृत भाषा संसार की समस्त प्राचीन भाषाओं में सब से अधिक संस्कृत और सब से अधिक सम्पन्न होने के अतिरिक्त हम हिंदुओं के लिए सब से अधिक पवित्र भी है। हमारे धर्मग्रन्थ, इतिहास, तत्वज्ञान और […]

सामाजिक

यह तो सिर्फ नाम बदलने का अभियान है…

भोपाल से फरीदाबाद की यात्रा के दरमियान भारत बने भारत अभियान पर चर्चा के दौरान किसी सहयात्री ने कहा “यह तो सिर्फ नाम बदलने का अभियान है। सिर्फ नाम बदलने से क्या होगा? और नाम से क्या फर्क पड़ता है भारत हो या इंडिया? मेरे लिए यह दिल से मुस्कुराने का समय था क्योंकि मुझे […]

इतिहास

वीर सावरकर का आर्यसमाज से लगाव

मुस्लिम-लीग कराची के अधिवेशन में सत्यार्थप्रकाश को जब्त कराने का कुछ स्पष्ट सा प्रस्ताव पेश हुआ। मि० जिन्ना ने भी व्यक्त किया कि इससे हिन्दू-मुस्लिम झगड़ा होना का भय है, जिसके कारण साम्प्रदायिक कलह की जड़ें ही केवल जमेंगी। फिर १५-१६ नवम्बर १९४३ में दिल्ली में मुस्लिम लीग की एक कौंसिल हुई और उसमें सत्यार्थप्रकाश […]

भाषा-साहित्य

नागरी लिपि के सम्मुख उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने की तैयारी

एक समय था जब महात्मा गांधी और विनोबा भावे जैसे स्वतंत्रता सेनानी राष्ट्रीय एकता की दृष्टि से राष्ट्रभाषा के रूप में हिंदी और राष्ट्रीय लिपि के रूप में देवनागरी लिपि को स्थापित करने के लिए प्रयासरत थे। यहाँ तक कि शहीदे आज़म भगत सिंह ने भी अपनी मातृभाषा पंजाबी के लिए गुरुमुखी के बजाए वैज्ञानिकता […]

भाषा-साहित्य

भारत में भाषा का मसला

हम हिंदी भाषी, हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाना चाहते हैं। हमारी इस भावना का अ-हिन्दीभाषी व्यक्ति या राज्य विरोध करें तो हमें पीड़ा होती है। हमें लगता है कि हिन्दी बहुसंख्यक लोगों की भाषा है इसलिए पूरे देश को उसे राष्ट्रभाषा के रूप में निर्विरोध स्वीकार कर लेना चाहिए। ऐसी अपेक्षा रखने से पूर्व हमें […]

भाषा-साहित्य

मा. प्रधानमंत्री जी की अध्यक्षता में 31वीं केंद्रीय हिंदी समिति की बैठक में हुई वार्ता

केन्द्रीय हिन्दी समिति की 31वीं बैठक 6-09-2018 को माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में उन्हीं के निवास पर संपन्न हुई। इस बैठक में गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह के अतिरिक्त मानव संसाधन विकास मंत्री, रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, गृह राज्य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत […]

भाषा-साहित्य

हिंदी : अ से ह तक और हिंदी में समाहित अध्यात्म, दिव्यता, दर्शन, योग, ज्ञान और विज्ञान

आध्यात्मिक और दिव्य पक्ष – संस्कृत देव भाषा है, हिंदी संस्कृत से ही निःसृत दिव्य भाषा है, देव वाणी है । ‘ अक्षरानामकारोस्मि’ गीता १०/३३वर्णमाला में सर्व प्रथम ‘अकार ‘ आता है। स्वर और व्यंजन के योग से वर्ण माला बनती हैं। इन दोनों में ही ‘अकार’ मुख्य है। ‘अकार’ के बिना अक्षरों का उच्चारण […]

इतिहास

अमर बलिदान का साक्षी मानगढ़

मानगढ़ राजस्थान में बांसवाड़ा जिले की एक पहाड़ी है। यहां मध्यप्रदेश और गुजरात की सीमाएं भी लगती हैं। 17 नवम्बर, 1913 को यह पहाड़ी ऐसे अमर बलिदान की साक्षी बनी, जो विश्व के इतिहास में अनुपम है। यह सारा क्षेत्र वनवासी बहुल है। मुख्यतः यहां महाराणा प्रताप के सेनानी अर्थात भील जनजाति के हिन्दू रहते हैं। […]