कविता

मेरा गांव

रजनी दीदी आपके स्टेटस में आपका वीडियो देखा गांव के आपके घर का जो जीर्ण हो रहा है हालांकि वहां रहते भी है आपके मायके पक्ष के लेकिन उस वीडियो ने सोचने पर मजबूर कर दिया । मेरा गांव कितने दशक गुज़र गए है, मुझे तो गिनती नही उनकी, लेकिन कोई गिन रहा है, उसके […]

कविता

जो तुम नहीं

जो तुम नहीं जो तुम नही आज साथ मेरे, गलती तुम्हारी नही इसमें, मोहब्बत मैंने की थी तुमसे, तुमको मोहब्बत आती न थी ।। देखो यह सफर लम्बा , तय कर रही हूँ अकेली, क्योंकि तुम नहीं साथ, मैं और मेरी मोहब्बत तन्हा ।। अब हर सफर , मंजिल पर, जाना होगा मुझे ही अकेले, […]

कविता

मेरा परिचय

मेरा परिचय मैं बेटी हूँ मेवाड़ की , उदयपुर की, मुझे गर्व है , वीर भूमी पर जन्मी, यहाँ का कण कण गाता गाथा , उन वीरों की जो हुए शहीद , इस मातृभूमि की रक्षा को , इस के इतिहास ने वो वो , ऐतिहासिक घटनाएं देखी , जो आज भी हर हिंदुस्तानी के […]

कविता

दोस्ती

दोस्ती की परिभाषा को, बहुत बार लोगों ने बताया, मैं कैसे इसे बताऊं, बहुत गूढ़ है समझाना तेरी दोस्ती है ,अनमोल , दोस्ती दोस्त की , भुला देती है, हर गम ,तकलीफ , कोहिनूर होता है, एक सच्चा दोस्त , बचपन गया , बचपन के दोस्त भी , समय के साथ , सारे दोस्त भी […]

कविता

कभी कभी

कभी कभी कभी- कभी हाँ जी कभी- कभी, हमको भी सोचना चाहिए खुद के लिए। क्यों हम औरतें कभी कभी, कुछ भी टाल देती है वो सब, जो पसन्द होता हमको भी , यह कह कर की अकेले है ।। करो वो सब काम भी रोज़, जो पसन्द हो तुमको हमेशा, खाओ अकेले भी कभी […]

कहानी

शुक्रिया

शुक्रिया एक सुनसान जगह काली रात में दोनो साथ है । दोनों के मुहँ विपरीत दिशा में जैसे दोनों ही एक दूसरे को पसंद नहीं करते फिर भी साथ है । कहे तो साथ रहना मजबूरी है । एक व्यक्ति तन्द्रा भंग कर बोलता है ” तुम्हारा शुक्रिया मेरे जीवन में आने के लिए ” […]

कविता

तेरी याद

लम्हा लम्हा हर पल गुज़र रही है जिंदगी, गुज़रते हुए हर लम्हे में तुम हो , हाँ तुम ही तो हो संग मेरे याद में , आओ हम बुरा भूल जाये , हमने की जो भी गलती , उसको भूल कर हम , कुछ पल संग एक दूसरे के बिताए । आज फिर गीले शिकवे […]

कविता

जल्द से जल्द जाओ

बस अब बहुत हुआ , बहुत रुक लिए तुम, अब जाओ जल्द से, किसी को नहीं है, जरूरत तुम्हारी यहाँ, बहुत कुछ ले लिया, अब क्या लेना है और बस करो तुम अब, खून के आंसू तुमने, सभी को रुलाया है, देखो तो तुम खुद ही, जब से आये हो तभी से, एक से एक […]

कविता

ये क्या है प्यार या कुछ और

ये क्या है प्यार या कुछ और जब से तुम्हारे मासूम चेहरे को देखा मैं देखता रह गया, क्या जादू हो गया मुझ पर तुम गोरी नहीं ,लेकिन किसी हूर से कम नहीं , सादगी से परिपूर्ण चेहरा तुम्हारा , काजल की पतली रेखा आँखों में , श्रंगार नहीं करती तुम हो सादगी की मूरत […]

कविता

ऐसे क्यों हो तुम

  ऐसे क्यों हो तुम ?? क्यों मुझे इतना सताते हो , मुझे पास बुलाते हो हरदम, खुद दूर चले जाते हो तब, ऐसे क्यों हो तुम??? खुद याद तुम्हारी दिलाते हो, जीना दुर्भर करते हो मेरा, खुद चैन से जीते हो , ऐसे क्यों हो तुम?? खुद करते हो प्रेम मुझसे, मैं करने लगी […]