कहानी

आवाज़

आवाज़ मेट्रो शहर की एक पॉश कहलाने वाली कॉलोनी जिसमें बड़े बड़े बंगले सुरक्षा गार्ड के साथ स्थित है । बड़ी बड़ी इमारतें जिसमें फ्लेट बने हुए है । उसमें रहने वाले सभी अपने काम काम रख शांति से रहते है ।किसी बिल्डिंग के फ्लैट में एक परिवार बच्चों सहित रहने आया । उस परिवार […]

कविता

सुनो

सुनो , मुझे बहुत अच्छा लगता है , जब मैं बोलती तुम सुनते हो । अच्छा लगता है मुझे जब , गुस्सा करती हूं मैं , तुम प्यार से निहार सुनते हो । सुनो, मुझे अच्छा लगता है , जब मैं अपनी परेशानी को , तुमसे कहती हूँ , तुम मुस्कुरा कर ध्यान से सुनते […]

गीत/नवगीत

पिया मिलन

आओ सखियो मेरा करो श्रृंगार तुम, पिया मिलन की रुत आयी है ।। आज नहीं रोकना मुझे, आज नहीं कहना कुछ मुझे । आज है आयी घड़ी मिलन की, आज है वो शुभ दिन आया । आओ सखियो मेरा करो श्रृंगार तुम, पिया मिलन की रुत आयी है। पिया ने आज मुझे सन्देशा भेजा है, […]

अन्य लेख

वास्तु

*वास्तु ओर आध्यात्मिक* में दोषों को दूर करने में पिरामिड एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । वास्तु के दोषों या अन्य किसी भी समस्या को हम पिरामिड की सहायता से दूर कर सकते हैं । मिस्र के पिरामिड पूरे विश्व में जाने जाते हैं । कहते है उसमें जो मम्मियां रखी जाती समान के साथ […]

कहानी

तुम मोहब्बत हो मेरी

शहर के सभी न्यूज़ चैनल , अखबार में दर्शना का नाम है ।उसी की खबर आ रही है लगातार । मिल कर बधाई देने वालों की भीड़ है। उसको “” इंटीरियर डिजाइनर और वास्तु शास्त्र “”में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली में सम्मान मिला है । वो अपने मिलने वालों से नम्रता , शान्ति […]

लघुकथा

लघुकथा – पति कौन पत्नी कौन

दृश्य एक … “सुन , संजय अब सिन्दूर मैं लगाऊंगा । तू बहुत दिनों से लगा रहा है ।” “मंजय तू कैसी बात करता है तू ये तो मैं ही लगाऊंगा देख मैं कितना सुंदर लगता हूँ इसमें फेसबुक पर लाइक ,कॉमेंट देख।” “नही कल से मैं भी लगाऊंगा तू नही लगाएगा और कल से […]

कविता

माँ

तु हैं तो मैं हूँ , तु दुनिया मेरी , तेरे कदमों मे हैं मेरा ज़हां , कभी ज़िन्दगी मेरी ,खुली किताब थी , शब्द अनकहे मेरे ,समझती थी तु , मेरी इच्छा को तेरी इच्छा तुने बनाया , मेरी माँ ……… आज भी तेरी खुशबु को , महसुस करती हूँ ,नहीं हैं तु पास […]

कविता

मेरा कान्हा

सुनो तो कान्हा ओ मेरे कान्हा, देख तेरी दासी पुकारे , तेरा नाम ।।।। कदम्ब के नीचे ,करे तेरा इंतजार , आजा ,आजा ,अब तो आजा , एक बार आजा आके मुझे सुना जा , धुन तेरी बंसी की, देख तुझे रीझाने को, माखन मिश्री लाई हूँ, आजा तू जमुना के तट , तेरी राह […]

कहानी

रोज़ी दो सम्मान नहीं

“अरे राम किशन देखो तुम्हारे छोरे (बेटे) की शहादत का खबर अखबार में आया है। हम सभी को उस पर गर्व है । उसने भी गाँव की परंपरा को निभाया है । देखो तो कैसे उसने अकेले सीमा पर सैकड़ों दुश्मनोँ को मारा है “। “राम किशन कुछ तो बोल कब तक पत्थर बना रहेगा […]

हास्य व्यंग्य

अनोखा सावन

” दो तीन दिन से आप बहुत खुश लग रहे हो , कुछ खास बात है क्या”?? ” नहीं, नहीं तो मैं तो हमेशा जैसा रहता हूँ वैसा ही हूँ”। ” अच्छा सुनो ,देखो मैं कितना भूलने लगा हूँ। मुझे इस इतवार को बाहर जाना है । किसी प्रोग्राम में “। ” कहाँ जाना है “? […]