कविता

नया साल

फिर हुआ नव वर्ष का आगमन, सब करते हैं इसका अभिनंदन, घर अंगना सबके खुशहाली छाए, करते प्रभु हम बस इतना वन्दन खुशियों से भरा हो सबका जीवन, छोड़ें सभी मन के अवगुंठन करें नए साल का अभिनंदन कभी न कलुषित भेदवाव उपजे, बन्धुत्व भाव रहें सब हिलमिलके पिछला बुरा छोड़ जो अच्छा बिता उसको […]

कहानी

तबाही

‘सत्य घटना पर आधारित’ आज फिर आयी वो तीन दिसंबर की रात”…हमारे जख्मों को कुरेदने !” चौंतीस वर्ष पूर्व हुए हादसे से अभी तक नही उबर पाये हैं चन्द्र और उनकी पत्नी निर्मला तीन दिसम्बर की आधी रात….जिसमें यूनियन कार्बाइड की फैक्ट्री से निकली जहरीली गैस निर्मला की खुशहाल जिंदगी को एक झटके में तहस-नहस […]

कविता

संयुक्त परिवार

बहुत प्यारा लगे वो संयुक्त परिवार, जहां पर मिलते सभी के एक विचार, करते जहां एक दूजे से समान व्यवहार, एक साथ मनाते मिलजुलकर त्योहार, दादा दादी संग रहते होती खुशी अपार, होते न स्वार्थ कहीं न आती रिश्तों में दरार, बड़े बुजुर्गों का मिलता सदा आशीर्वाद, छोटी छोटी बातों में न होता कभी वाद-विवाद, […]

कहानी

छठ की महिमा

हर बार की तरह दिवाली की छुट्टियों में विभा और उसके पती विशाल अपने घर माँ पापा के पास आये,इस बार विभा मन ही मन बहुत खुश थी। की इस बार मैं छठ व्रत करूँगी। उसने विशाल से कहा कि अपनी छुट्टी और बढ़वालो,और जीजी को भी बुलवा लेना इस बार मैं छठ व्रत पूजा […]

कहानी

मन का मैल

एक गांव में नदी के किनारे बहुत ही भव्य काली माँ का मंदिर बना था । पास ही भोलेनाथ जी और हनुमान जी का भी मंदिर बना हुआ था । .इन तीनों मंदिर  के लिए सोमनाथ पंडित जी को मंदिर का नियमित पुजारी  चुना गया । सब गांव वाले मंदिर के पूजा की सारी सामग्री […]

कविता

जय माँ नर्मदे

मैखल पर्वत पर अवतरित हुईं शिव की तनया माँ नर्मदा। अलौकिक सौंदर्य मुख पर छाई नित लीलाएं दिखाती सर्वदा। शिव अपने श्रमजल प्रस्वेद से, अवतरित किया महारूपवती। सभी देव गण ,मन हर्षित हुए। और प्रसन्न हुए शिव,पार्वती।। नामकरण हुआ देवों के मुख से, रखा नाम इनका नर्मदा। वसुंधरा को  पावन करने को, रूप में  आईं […]

कविता

चिट्ठी

गांव,गांव की हर गलियन में, जब भी  डाकिया आता, खाखी वर्दी,हाथ में झोला टागे, साइकल की घण्टी बजाता, अपनी,अपनी चिट्ठी ले लो सब, काका,बन्धु,बेटी और भ्राता, गांव में अपने देख डाकिये को, सबका मन हर्षित हो  जाता, प्रिय की कुशल क्षेम पाने को, मृदु, मन सबका  अकुलाता, खत खोल जब पढ़ें कुशलता मन  अन्तःकरन मुश्काता, […]

कहानी

लापरवाही

आज शिवानी अपने पति सौरभ के साथ अपने दोनों बच्चों (पांच साल की बेटी शुभी और छह महीने का बेटा शनि) को लेकर बाजार गयी हुई थी । उनके  मकान मालिक के बेटी की शादी होने वाली थी इसलिए उन्हें कुछ सामान खरीदना था । सौरभ ने भी आज  छुट्टी ले रखी थी ऑफिस से। […]

भजन/भावगीत

विरह वेदना राधा रानी की

श्याम वरन सुंदर मनमोहना, ओ यशोदा के राज दुलारे, आ जाओ मेरे मुरली मनोहर, तेरी राधा रानी तुझे पुकारे, ग्वाल बाल औ सखा गोपियाँ, सब  तक  रहे राह तुम्हारी, गोकुल की हो गईं गलियां सूनी, आ जाओ मेरे श्याम मुरारी, मधुवन उपवन में भ्रमर भी देखें, कब  आएंगे  मेरे  गिरधारी, मन में उमंग अँखियों में […]

कविता

वीरों की गाथा

कुर्बान हुए आजाद  हवा, आजाद सांस का सपना ले, खुद आजादी में जी न सके, मिट गये  हमे  आजादी  दे, हम कर्जदार  उन वीरों  के, क्या उनका मोल चुकाएंगे, हम आने  वाली संतति को, उनकी   गाथा   बतलायेंगे, हम गाथा उनकी गायेंगे। मातृ भूमि की आजादी की, अभिलाषा  में   उन वीरों ने, अनगिनत जुल्म व दर्द […]