Author :




  • जो बिताया फ़जूल में…

    जो बिताया फ़जूल में…

    जो बिताया फ़जूल में हिसाब माँगेगा वक्त हर हाल एक दिन जवाब माँगेगा इस जमानें को सिर्फ ख़ार ही दिये जिसने क्या भला वो जहान से गुलाब माँगेगा आप जिस दिन नकाब को उतार कर निकले...

  • दर्दे दिल की दवा करे कोई

    दर्दे दिल की दवा करे कोई

    दर्दे दिल की दवा करे कोई अब खुशी की दुआ करे कोई जो गरीबों को रोटियाँ दे दे काश वो फैसला करे कोई आसमां छत ज़मीन बिस्तर है ज़िन्दगी जानवर से बदतर है उनका दर्द भी...

  • ढलेगी जीत में ये हार इक दिन

    ढलेगी जीत में ये हार इक दिन

    ढलेगी जीत में ये हार इक दिन गिरेगी राह की दीवार इक दिन चलेगा नाम का सिक्का हमारा झुकेगा सामने संसार इक दिन मिटेगा नाम जग से नफ़रतों का रहेगा प्यार केवल प्यार इक दिन धरम...




  • दोहे

    दोहे

    श्रृद्धा की थाली सजी, मनभावों के दीप। स्वीकारो प्रभु वंदना, अंतस करो सुदीप।। रीति नीति सत साधना, मानव सेवा भाव। जीवन में सब से रहे, सदा उचित बर्ताव।। धन दौलत वैभव भले, मत देना जगदीश। इतनी...