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  • मुरझाएं आनन सुमन बने

    मुरझाएं आनन सुमन बने

    मुरझाएं आनन सुमन बने अबके वसंत ऐसे आना। हर आँगन में उल्लास मने अबके वसंत ऐसे आना।। सब ठूठ हुई उम्मीदों को आशाओं की कोपल देना। जो भूल चुका अपना जीवन उस जीवन को जीवन देना।।...


  • कहीं भूख से बेदम बचपन

    कहीं भूख से बेदम बचपन

    कहीं भूख से बेदम बचपन कहीं जश्न में छलके प्याले। पत्थर होते इंसानों को इंसा करदे ऊपर वाले।। चकाचौंध वालों को दिखता काश ज़माने में फैला तम। काश हमें अपने से लगते औरों के दुख औरों...