गीत/नवगीत

जुल्फों को बादल लिख दूं….

जुल्फों को बादल लिख दूं, आंचल को चंचल घटा लिखूं । कायनात मे ऐसा क्या है, जिसको चेहरा तेरा लिखूं॥ गजरे को गुलशन लिख दूंगा, कजरा लिख दूं श्याम । चितवन चपल चकोर तेरे ,नयनो को लिख दूं तान ॥ मुस्काते तेरे अधरों को कलियां, ऐ दिलवरा लिखूं…… कायनात मे ऐसा क्या है, जिसको चेहरा […]

कविता

दिल प्राण आपके चरणों में…..

आपका चरणवंदन गुरुदेव गुणवान, निधान ज्ञान सागर प्रणाम आपके चरणों में॥ हे गुरुदेव हे पथदर्शक , दिल प्राण आपके चरणों में॥ हम मूढ मति, तुम गूढ ज्ञान के ज्ञाता,गुरुवर नमन तुम्हे। तुम ज्ञान दीप रोशन कर्ता, आचमन तुम्हे आचमन तुम्हे॥ मिल गया गुरु वरदान, ये जीवन आपके चरणों में…. हे गुरुदेव हे पथदर्शक , दिल […]

कविता

अंतिम सलाम

जमीं रो पडी आसमान रो पडा उनकी बिदाई पर हिन्दुस्तान रो पडा गर हो सके तो फिर लौट आना कलाम कृतज्ञ जन मानस का तुम्हे अंतिम सलाम……. ये बच्चे कलाम चाचा की, राह निहारेगें युवा लेक्चर सुनने को, तुम्हे पुकारेगें अधीर हो पुकारेगा तुम्हे भारत का मान कृतज्ञ जन मानस का तुम्हे अंतिम सलाम……. वो […]

कविता

जिन्दगी ना जाने तु किस गति से चलती है

रोज सपनो मे पलती है रोज हाथों से फिसलती है जिन्दगी ना जाने तु किस गति से चलती है कभी भरती है झोलियां खुशियों से कभी दगाबाज सी छलती है जिन्दगी ना जाने तु किस गति से चलती है…… बिठाती है कभी अर्श पर कभी जमीं भी फिसलती है जिन्दगी ना जाने तु किस गति […]

कविता

बेटी का दर्द

में उडने के सपने संजोती रही,वो मेरे पंख काटते रहे। मे चन्द खुशियां तलाशती रही,वो मुझे घांव बांटतें रहे॥ कुछ यूं दी जमाने ने, बेटी होने की सजा मुझे। कि बेटों की फसल से ,जैसे खरपतवार छांटते रहे॥ सांसे तो क्या ,मेरी सोच तक पर पहरे बिठाऐं है सदमें मे हूं, तमाम प्रतिबंध सिर्फ मेरे […]

कविता

खामोश आंखें

जाने किस तलाश मे थी, वो खामोश आंखें सोच रही थी अपने अतीत के बारे मे, या सहमी थी भविष्य की सोचकर। ठहरी सी लगती थी किसी विनाश लीला के बाद के मंजर की तरहा। लिये हुए गहरी खामोशी अजीब सा सूनापन। या फिर देख रही थी जमाने की सबसे बडी सबसे कडवी सच्चाई को। […]

कविता

तुझे क्या कहुं

यूं धर्मो के नाम पर, गर हम बंटे ना होते ये मंदिर,ये मस्जिद के झगडे ना होते। बेगुनाहों का खून ,यूं गलियों मे ना बहता बेवाएं यूं ना तडपती, मासूम यूं अनाथ ना होते॥ तेरी फितरत ने कुदरत को भी, शर्मसार कर दिया कायनात के ताने बाने को, तार तार कर दिया। ओ इंसान, तुझे […]

कविता

भारती पवित्र क्षेत्र…

पंच कर रहे प्रपंच, जनता त्राहि त्राहि करे। भारती का दर्द भला, कौन हरे कौन हरे।। धर्म कर रहा विलाप, क्रुद्ध जन प्रचंड है। आस्था पुनीत कलश,हुआ खंड खंड है॥ दुष्टता दहक रही है, चंड घात घात में। अभ्यचार वार करे, दुष्कर्म विघात मे॥ कर रहा विलाप आसमान, रुष्ट है धरा। डूब रहा कर्मकाल, तर […]

गीत/नवगीत

जब तुम हो साथ सनम

तुम मुस्काते रहना , बदलेगें ये हालात सनम । हर हाल में हम खुश है, जब तुम हो साथ सनम ॥ इन बांहों मे दुनियां मेरी, इस चेहरे मे रब आये नजर जब से मन मंदिर बसे हो तुम, दुनियां मेरी गयी और संवर॥ जब साथ तुम्हारा है दिलवर, किस बात है फिर गम……. हर […]