राजनीति

लव जिहाद और राणा जैसे बयान दो समुदायों के बीच नफरत पैदा करते हैं

रात हलाला नेक है, उठते नहीं सवाल ! राम नाम की दक्षिणा,पर क्यों कटे बवाल !! वर्तमान दौर में ये बात अक्षरश: सही साबित हो रही है कि कुछ दक्षिणा लेकर भी बदनाम हो गए, कुछ पूरी रात हलाला कर भी नेक निकले. बहुत से कवियों ने, शायरों, साहित्यकारों ने इस देश से पैसे और […]

मुक्तक/दोहा

बैठा नाक गुरूर

नई सदी ने खो दिए, जीवन के विन्यास । सांस-सांस में त्रास है, घायल है विश्वास ।। रिश्तों की उपमा गई, गया मनों अनुप्रास । ईर्षित सौरभ हो गए, जीवन के उल्लास ।। कहाँ हास-परिहास अब,और बातें जरूर । मिलने ना दे स्वयं से, बैठा नाक गुरूर ।। बोये पूरा गाँव जब, नागफनी के खेत […]

सामाजिक

क्यों बदल रहे हैं मनोभाव और टूट रहे परिवार?

आज सभी को एक संस्था के रूप में पारिवारिक मूल्यों और परिवार के बारे में सोचने-समझने की बेहद सख्त जरूरत है और साथ ही इन मूल्यों की गिरावट के कारण ढूंढकर उनको दुरुस्त करने की भी जरूरत है। इसके लिए समाज के कर्णधार कवि/लेखकों/गायकों/ नायक/नायिकाओं/शिक्षक वर्गों और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ-साथ राजनीतिज्ञों को एक […]

मुक्तक/दोहा

तितली है खामोश

बदल रहे हर रोज ही, हैं मौसम के रूप ! ठेठ सर्द में हो रही, गर्मी जैसी धूप !! सूनी बगिया देखकर, तितली है खामोश ! जुगनूं की बारात से, गायब है अब जोश !! दें सुनाई अब कहाँ, कोयल की आवाज़ ! बूढा पीपल सूखकर, ठूंठ खड़ा है आज !! जब से की बाजार […]

सामाजिक

सितारों के आगे जहाँ और भी है

बॉलीवुड और विवादों का एक मजबूत रिश्ता है। चाहे बात कास्टिंग काउच, पतनशीलता, भाई-भतीजावाद, पूर्वाग्रह या उच्च और पराक्रमी के संबंधों के बारे में हो, बॉलीवुड ने निश्चित रूप से वैश्विक मीडिया में लंबे समय तक केंद्र के मंच पर कब्जा कर लिया है। अब, एक बार फिर, मनोरंजन उद्योग खुद को नशीली दवाओं की […]

मुक्तक/दोहा

चीरहरण को देख कर

चीरहरण को देखकर, दरबारी सब मौन ! प्रश्न करे अँधराज पर, विदुर बने वो कौन !! राम राज के नाम पर, कैसे हुए सुधार ! घर-घर दुःशासन खड़े, रावण है हर द्वार !! कदम-कदम पर हैं खड़े, लपलप करे सियार ! जाये तो जाये कहाँ, हर बेटी लाचार !! बची कहाँ है आजकल, लाज-धर्म की डोर ! पल-पल लुटती बेटियां, कैसा कलयुग घोर […]

भाषा-साहित्य

मातृभाषा सीखने से भविष्य की पीढ़ियों को अपने सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने के साथ संबंध बनाने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में स्कूल और उच्च शिक्षा दोनों में “बड़े पैमाने पर परिवर्तनकारी सुधार” लाने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी दी। देश के लिए नई शिक्षा नीति लगभग 34 वर्षों के बाद आई  है। यह मौजूदा शिक्षा प्रणाली के लिए कुछ नया लेकर आई है। नई राष्ट्रीय शिक्षा […]

मुक्तक/दोहा

भीतर-भीतर जंग !

उबल रहे रिश्ते सभी, भरी मनों में भांप ! ईंटें जीवन की हिली, सांस रही हैं कांप !! बँटवारे को देखकर, बापू बैठा मौन ! दौलत सारी बांट दी, रखे उसे अब कौन !! नए दौर में देखिये, नयी चली ये छाप ! बेटा करता फैसले, चुप बैठा है बाप !! पानी सबका मर गया, […]

मुक्तक/दोहा

गई कहाँ चौपाल

अपने प्यारे गाँव से, बस है यही सवाल ! बूढा पीपल हैं कहाँ, गई कहाँ चौपाल !! रही नहीं चौपाल में, पहले जैसी बात ! नस्लें शहरी हो गई, बदल गई देहात !! जब से आई गाँव में, ये शहरी सौगात ! मेड़ करें ना खेत से, आपस में अब बात !! चिठ्ठी लाई गाँव […]

राजनीति

आईपीएस अधिकारी मनुमुक्त मानव की संदिग्ध मृत्यु का खुलासा नहीं

28 अगस्त 2014 को भारतीय पुलिस सेवा के युवा और प्रतिभाशाली आईपीएस अधिकारी मनुमुक्त मानव  की 31साल नौ मास की अल्पायु में नेशनल पुलिस अकादमी हैदराबाद तेलंगाना में स्विमिंग पूल में डूबने से संदिग्ध मृत्यु हो गई थी. स्विमिंग पूल के पास ही स्थित ऑफिसर्स क्लब में चल रही एक विदाई पार्टी के बाद आधी […]