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  • पराई औलाद कहानी

    पराई औलाद कहानी

    पराई औलाद कहानी “महेश को पता चलेगा तो रमेश को बहुत डांटेगा क्योंकि जब दोनो भाईयों ने गांव छुड़वाया था तो महेश अपनी माँ को अपने साथ ले गया और रमेश मुझे। अभी 3 महिने ही...


  • प्राइवेट जाॅब

    प्राइवेट जाॅब

    प्राइवेट जाॅब चाय का कप उठाने ही वाला था कि हाथ लगा और कप के भीतर की चाय अपनी सारी मर्यादाओ को तोड़ते हुये फर्श पर जा गिरी। एक ओर प्लेट और दूसरी ओर कप के...


  • बादल शंका के

    बादल शंका के

    बादल शंका के गूथे गये शंका के बादल विभिन्न विद्याओं से जिनकी मोटी परत के नीचे, दबा दिया गया विश्वास इंगित करता है प्रत्येक प्रतिबिम्ब अविश्वास की ओर दम तोडने लगता है विश्वास छटपटाहट, कसमसाहट की...



  • कन्याभोज

    कन्याभोज

    कन्याभोज क्या रन्नो रानी! कैसा चल रहा है? आइये, आइये रूप बाबू! बड़े दिनों बाद इस गरीबखाने में? हाँ काम-काज में कुछ ज्यादा व्यस्त हो गये थे। तो कहिए! आज किसको भेजूँ आपकी सेवा में? किसी...