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  • प्रेम जिंदगी का कवच !!!

    प्रेम जिंदगी का कवच !!!

    मुसाफि़र सी इस जिंदगी में जो किसी के साथ चलना जानता है जो साथ चलते-चलते किसी का हो जाना चाहता है जो किसी का होकर उसे अपना बना लेता है ऐसी पगड‍ंडियां सिर्फ औ सिर्फ प्रेम...

  • सपनों के लिये !!!

    सपनों के लिये !!!

    क्या आती है तुम्हें सपनों के लिए खरीदनी कोई उम्मीद क्या तुमने लगाई है किसी सपने को सोफियाई क्रीम नहीं ना तो कैसे पूरे होंगे तुम्हारे सपने उनका जतन करना सीखो जिस दिन तुम प्यार से...

  • क्षणिकाएँ…

    क्षणिकाएँ…

    1) अपनेपन की ऊँगली !! बदल जाने के लिए वक़्त होता है रिश्ते नहीं रूठें तो मनाओ मन की गिरह खोलो अपनेपन की ऊँगली पकड़कर पार कर लो हर मुश्किल को !! 2) उम्मीद की हथेली !! कुछ...