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  • अलविदा 2018

    अलविदा 2018

    पल पल बीत गया इस वर्ष को सहेज कर यादों में । नव वर्ष का हदय से करे स्वागत महकती सी कल की नई भोर में । बना हौसलों की नई उङान बह चलें समीरमय समय...

  • ये कैसा है रामराज्य?

    ये कैसा है रामराज्य?

    जो सारी धरती का स्वर्ग कहलाता है कश्मीर, दहशत की आग में आज जलता जा रहा है । उद्योगों से सज रहे है देखो अनेको नगर, गंगा का पावन जल अमृत से विष बनता जा रहा...

  • ये कैसा राम राज्य है

    ये कैसा राम राज्य है

    जो सारी धरती का स्वर्ग कहलाता है कश्मीर, दहशत की आग में आज जलता जा रहा है । उद्योगों से सज रहे है देखो अनेको नगर, गंगा का पावन जल अमृत से विष बनता जा रहा...

  • ऐसी दिवाली बनाओ तुम

    ऐसी दिवाली बनाओ तुम

    राग द्वेष लालच को हटाकर, अहंंकार को जड़ से मिटाकर, नई उमंग से उजियाला लाओ तुम। चहूँ दिशा में फैला है घनघोर अंधेरा, अब ले भी आओ नया सवेरा, जगमग मन के दीप जलाओ तुम ।...

  • करवाचौथ और प्रियतम

    करवाचौथ और प्रियतम

    याचक बनकर तुमनें मुझे मांगा था मात पिता से, मन कर्म वचनो से मैनें भी तुम्हारा साथ दिया। चूड़ी बिदिंया मेहंदी से करके सोलह श्रृंगार, प्यार भरी माँग को अरमानो से तुमने सजा दिया । करवा...

  • माँ की महिमा

    माँ की महिमा

    नव दुर्गा मात की महिमा है अपरंपार, नौ रूप है शक्ति तेरे जग की तू है पालनहार । सुनहरे रंगो की लेकर मन में फुहार, अद्भूत सिंह पे होकर चली है सवार । रिश्तो में जोड़...

  • कविता – आजादी की कीमत

    कविता – आजादी की कीमत

    कितना सुंदर कितना प्यारा देखो हिन्द देश हैं, तीन लोक से न्यारा ओर विशेष हैं। सिर पर पहने केसरिया बाना राष्ट्रपहरी यहाँ आए थे, सीने पर गोली खाके हँसते हंसते प्राण गवाँये थे। किया सर्वस्व न्योछावर...


  • कविता – बेटी की अहमियत

    कविता – बेटी की अहमियत

    धन की लालसा मन में जगाते हो, बेटी को पराया धन बोल गर्भ में गिराते हो। कहते है ,के बेटा वंश बढायेगा, यदि बहू न आई आंगन तो किलकारी कौन गूंजायेगा। हे मानुष यह जघन्य अपराध ही मनुष्य...