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  • माँ की महिमा

    माँ की महिमा

    नव दुर्गा मात की महिमा है अपरंपार, नौ रूप है शक्ति तेरे जग की तू है पालनहार । सुनहरे रंगो की लेकर मन में फुहार, अद्भूत सिंह पे होकर चली है सवार । रिश्तो में जोड़...

  • कविता – आजादी की कीमत

    कविता – आजादी की कीमत

    कितना सुंदर कितना प्यारा देखो हिन्द देश हैं, तीन लोक से न्यारा ओर विशेष हैं। सिर पर पहने केसरिया बाना राष्ट्रपहरी यहाँ आए थे, सीने पर गोली खाके हँसते हंसते प्राण गवाँये थे। किया सर्वस्व न्योछावर...


  • कविता – बेटी की अहमियत

    कविता – बेटी की अहमियत

    धन की लालसा मन में जगाते हो, बेटी को पराया धन बोल गर्भ में गिराते हो। कहते है ,के बेटा वंश बढायेगा, यदि बहू न आई आंगन तो किलकारी कौन गूंजायेगा। हे मानुष यह जघन्य अपराध ही मनुष्य...

  • गणेश जी की महिमा

    गणेश जी की महिमा

    ऐ विघ्नहर्ता ऐ मंगलकर्ता तू ही दुखहर्ता तू ही सुखकर्ता, एकदंत गजबदन को मेरा बारंबार प्रणाम । चारों ओर मची है धूम गणेश उत्सव की, जीवन में छाई नई आशा उल्लास और उमंग की । बच्चे...


  • कविता – मेरी माँ

    कविता – मेरी माँ

    मुसीबत के समंदर में जो किनारा दे वो है मेरी माँ, जीने के मायने जो सिखाये वो हैं मेरी माँ। औलाद उदास हो तो मुस्कान चेहरे पर लादे वो हैं मेरी माँ। लबों पे जिसके कभी...

  • मेरे कृष्ण कन्हाई

    मेरे कृष्ण कन्हाई

    काली अंधियारी रात को जन्म है जिसने पाया, भादो कृष्ण अष्टमी को उस दिन रोहिणी नक्षत्र आया। मोर मुकुट सिर धारण किया है कटि पे सुंदर लंगोट लिया है, कानों में कुंडल विराजे  है हाथ में...