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  • आजा़दी हमारी

    आजा़दी हमारी

    हिम्मत,ताक़त,शौर्य विहंसते,तीन रंग हर्षाये हैं ! सम्प्रभु हम,है राज हमारा,अंतर्मन मुस्काये हैं !! क़ुर्बानी ने नग़मे गाये, आज़ादी का वंदन है ज़ज़्बातों की बगिया महकी, राष्ट्रधर्म -अभिनंदन है सत्य,प्रेम और सद्भावों के,बादल तो नित छाये हैं...

  • कड़वे दोहे

    कड़वे दोहे

    अंतर्मन में घुल गया,विष बनकर आघात ! सुबहें गहरी हो गयीं,घायल है हर रात !! धुंआ हो गयी ज़िन्दगी,हुई ख़त्म सब म्याद ! नहीं शेष उत्साह अब,बढ़ता नित अवसाद !! सिसक रहा है वक़्त अब,निकल रही...

  • राखी का नेह

    राखी का नेह

    बचपन की यादों को लेकर,रक्षाबंधन आया है ! कर पर धागा,मस्तक रोली,चंदन-वंदन लाया है !! प्रीति थिरकती,नेह बिखरता, दिल में पावनता पलती प्यार जताने,वचन निभाने, को पावन ज्योति जलती संस्कार के आंचल में अब,नव अभिनंदन आया...


  • आजा़दी हमारी

    आजा़दी हमारी

    हिम्मत,ताक़त,शौर्य विहंसते,तीन रंग हर्षाये हैं ! सम्प्रभु हम,है राज हमारा,अंतर्मन मुस्काये हैं !! क़ुर्बानी ने नग़मे गाये, आज़ादी का वंदन है ज़ज़्बातों की बगिया महकी, राष्ट्रधर्म -अभिनंदन है सत्य,प्रेम और सद्भावों के,बादल तो नित छाये हैं...


  • समकालीन गीत

    समकालीन गीत

    धुंध हो गया सारा जीवन,कुछ भी नज़र नहीं आता ! आशाएं अब रोज़ सिसकतीं,कुछ भी नज़र नहीं आता !! बाहर भी है,अंदर भी है, सभी जगह कोहरा छाया न तुम सुधरे,न हम सुधरे, कुछ भी संवर...

  • दोहे – मातृ-वंदना

    दोहे – मातृ-वंदना

    माता सच में धैर्य है,लिये त्याग का सार ! प्रेम-नेह का दीप ले, हर लेती अँधियार !! पीड़ा,ग़म में भी रखे,अधरों पर मुस्कान ! इसीलिये तो मातु है,आन,बान औ’ शान !! माता तो है श्रेष्ठ नित...