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  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    ज़िन्दगी इतनी उदास क्यूं है भटकती हुई-सी आस क्यूं है । सब कुछ है दिखावटी,नकली, खोखला इस कदर हास क्यूं है । दूर-दूर तक है फैली खामोशी, ग़मगीन हर दिवस,मास क्यूं है । शंका के बादल...

  • बेटी है आकाश

    बेटी है आकाश

    बेटी ने यह जग रचा,बेटी ने संसार । बेटी हम सब के लिये,ईश्वर का उपहार ।। बेटी है नेहिल नगर,बेटी प्यारा गांव । बेटी उजला प्रांगण,बेटी शीतल छांव । बेटी तो कोमल कली, बेटी तो  तलवार...

  • समीक्षा – मानवमीत लघुकथाएं

    समीक्षा – मानवमीत लघुकथाएं

    लघुकथाकार – मीरा जैन संस्करण – 2019 मूल्य – 250 रु. प्रकाशक – सूर्य मंदिर प्रकाशन बीकानेर समीक्षक – प्रो. डा. शरद नारायण खरे लघुकथाएं लघु होते हुए भी अपना व्यापक प्रभाव रखती हैं। वे विसंगतियों, विद्रूपताओं,...

  • मोदी है तो मुमकिन है

    मोदी है तो मुमकिन है

    मोदी ने करतब किया, घबराये फारूख। महबूबा मुफ्ती गई, इक पल में ही सूख।। धारा अब ना शेष है, अनुच्छेद भी बंद। देशभक्त सच्चा करे, इसको आज पसंद।। इक झंडा, इक गीत अब, किंचित नहीं विशेष।...

  • खेल नंबरों का

    खेल नंबरों का

    समीक्ष्य कृति – खेल नंबरों का कृतिकार- गोविंद शर्मा प्रकाषक -साहित्यागार, धम्माणी मार्केट, चैड़ा रास्ता जयपुर। समीक्षक – प्रो. शरद नारायण खरे लघुकथा व्यस्त समय की आवष्यकता है। भागदौड़ भरी जिंदगी में, सरसरी नजर में भी...

  • मैत्री के दोहे

    मैत्री के दोहे

    मित्र वही जो नेह दे,सदा निभाये साथ हर मुश्किल में थाम ले,कभी न छोडे़ हाथ ।। पथ दिखलाये सत्य का,आने ना दे आंच । रहता खुली किताब सा,लो कितना भी बांच ।। मित्र है सूरज-चांद सा,बिखराता...

  • बरसाती दोहे

    बरसाती दोहे

    बादल लेकर आ गये,वर्षा का संदेश । जल बरसा दिखलायंगे,वे अपना आवेश ।। सूखे पर पाई विजय,तुम सचमुच बलवान । वर्षा रानी तुम बहुत,रखतीं हो निज आन ।। बरसो जी भर मेघ तुम,पर इतना हो ध्यान...