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  • जय जनतंत्र की

    जय जनतंत्र की

    भारत के जनतंत्र की,गूंज रही जयकार। एक बार फिर से हुआ,मोदी का सिंगार ।। वह सच्चा सरदार है, जननायक,सरताज । इसीलिए फिर से हुआ, क़ायम उसका राज।। जनहित संवर्धित किये, लिया दिलों को जीत। इससे ही...

  • दर्द का गीत

    दर्द का गीत

    उजियारे को तरस रहा हूं,अँधियारे हरसाते हैं ! अधरों से मुस्कानें गायब,आंसू भर-भर आते हैं !! अपने सब अब दूर हो रहे, हर इक पथ पर भटक रहा कोई भी अब नहीं है यहां, स्वारथ में...


  • समकालीन दोहे

    समकालीन दोहे

    दुनिया कैसी हो गई, कैसे हैं अब लोग! पूजा से सब दूर हैं, चाहें केवल भोग!! सेवक बनकर घूमते, पर करते हैं राज! सेवा का कोई नहीं, करता है अब काज!! सत्ता पाना हो गया, अब...


  • दोहे संघर्ष के

    दोहे संघर्ष के

    नौजवान लगता वही,रखता जो उत्साह । यदि तुम में गतिशीलता,तो निश्चित तुम शाह।। कभी नहीं जो हो शिथिल,उसको मिलती राह। उसका जग वंदन करे,करता हर इक वाह।। कर्मठता ले जो बढ़े,वह पाता है लक्ष। संघर्षों से...


  • गीत

    गीत

    तेरे चेहरे की रंगत से,जीवन मेरा चंदन है ! घर-आंगन में हुआ उजाला,प्रिय तेरा अभिनंदन है !! कण-कण में खुशबू का डेरा, अपनेपन के रेले हैं भाव लग रहे मधुर सुहाने, अंतर्मन अलबेले हैं ढाई आखर...