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  • दोहे वर्तमान के

    दोहे वर्तमान के

    अंतर्मन में घुल गया,विष बनकर आघात ! सुबहें गहरी हो गयीं,घायल है हर रात !! धुंआ हो गयी ज़िन्दगी,हुई ख़त्म सब म्याद ! नहीं शेष उत्साह अब,बढ़ता नित अवसाद !! सिसक रहा है वक़्त अब,निकल रही...

  • समकालीन गीत

    समकालीन गीत

    धुंध हो गया सारा जीवन,कुछ भी नज़र नहीं आता ! आशाएं अब रोज़ सिसकतीं,कुछ भी नज़र नहीं आता !! बाहर भी है,अंदर भी है, सभी जगह कोहरा छाया न तुम सुधरे,न हम सुधरे, कुछ भी संवर...

  • जीवन के दोहे

    जीवन के दोहे

    जीवन मुरझाने लगा, ऐसी चली बयार ! स्वारथ मुस्काने लगा, हुआ मोथरा प्यार !! बिकता है अब प्यार नित, बनकर के सामान ! भावों की अब खुल गई, सुंदर बड़ी दुकान !! सब ही अपने में घिरे, त्याग दिये सब त्याग...

  • बच्चे

    बच्चे

    बच्चे खिलते पुष्प हैं, लिये सत्य प्रतिमान  ! अंतर्मन परिशुध्द है, लगते देव समान !!   बच्चे सचमुच भेद बिन, नहीं झूठ,ना पाप ! बच्चों के तेजत्व को, कौन सकेगा माप !!   बच्चे होते हैं सरल, हरदम मन के साफ...



  • चिंतन गीत

    चिंतन गीत

    दिल छोटे,पर मक़ां हैं बड़े,सारे भाई न्यारे ! अपने तक सारे हैं सीमित,नहीं परस्पर प्यारे !! दद्दा-अम्मां हो गये बोझा, कौन रखे अब उनको टूटे छप्पर रात गुज़ारें परछी में हैं दिन को हर मुश्किल से...

  • आलोक का गीत

    आलोक का गीत

    अँधियारे से लड़कर हमको,उजियारे को गढ़ना होगा ! डगर भरी हो काँटों से पर,आगे को नित बढ़ना होगा !! पीड़ा,ग़म है,व्यथा-वेदना, दर्द नित्य मुस्काता जो सच्चा है,जो अच्छा है, वह अब नित दुख पाता किंचित भी...