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  • सरस्वती-वंदना

    सरस्वती-वंदना

    मातु शारदे, नमन् कर रहा, तेरा नित अभिनंदन है ! ज्ञान की देवी, हंसवाहिनी, तू माथे का चंदन है !! अक्षर जन्मा है तुझसे ही, तुझसे ही सुर बिखरे हैं वाणी तूने ही दी सबको, चेतन-जड़...


  • गणेश-वंदना

    गणेश-वंदना

    हे विघ्नविनाशक,बुद्धिप्रदायक, नीति-ज्ञान बरसाओ । गहन तिमिर अज्ञान का फैला,नव किरणें बिखराओ।। कदम-कदम पर अनाचार है, झूठों की है महफिल आज चरम पर पापकर्म है, बढ़े निराशा प्रतिफल एकदंत हे ! कपिल-गजानन,अग्नि-ज्वाल बरसाओ । गहन तिमिर...


  • दोहे : नारी

    दोहे : नारी

    नारी सच में धैर्य है,लिये त्याग का सार ! प्रेम-नेह का दीप ले, हर लेती अँधियार !! पीड़ा,ग़म में भी रखे,अधरों पर मुस्कान ! इसीलिये तो नार है,आन,बान औ’ शान !! नारी तो है श्रेष्ठ नित...

  • दोहे : बेटियां

    दोहे : बेटियां

    बेटी तो कोमल कली ,बेटी तो  तलवार ! बेटी सचमुच धैर्य है,बेटी तो अंगार !! बेटी है संवेदना,बेटी है आवेश ! बेटी तो है लौह सम,बेटी भावावेश !! बेटी कर्मठता लिये,रचे नवल अध्याय ! बेटी चोखे...


  • नागपंचमी

    नागपंचमी

    सुबह मेरे जागते ही पत्नी मुझे देखकर मुस्कराई मेरे पास आई ! बोली मुंह – हाथ धो लो फिर मैं आती हूं आपको कुछ पिलाती हूं ! थोड़ी देर में एक प्याला लिए वो मेरे पास...