गीत/नवगीत

शहीदों को नमन

कर रहे हैं नमन उन शहीदों को हम जो समर मे अमर हो गये थे कभी हम रहें न रहें तुम रहो ना रहो पर नहीं नाम इनका मिटेगा कभी / कर रहे… गव॔ से सिर सदा हम उठा कर चलें इसलिए फूँक घर अपना ये जल गये व॔श का दीप इनके जलेगा नहीं जानकर […]

गीत/नवगीत

अब ब्रह्मास्त्र उठाओ

सुलग उठा फिर आज हिमालय, सुलग उठी फिर घाटी है सुलग रहा है बच्चा-बच्चा, आग उगलती माटी है दगाबाजियों ने फिर अपना , छुरा पीठ में घोंपा हैईंट, ईंट से आज बजा दो , बड़ा सुनहला मौका है ये विषधर जब करवट लेगा, ऐसे ही फुफकारेगा फन कुचलो इसका वरना, हर बार ये हमको मारेगा […]

हास्य व्यंग्य

व्यंग्य : नाजायज़ औलाद

इन दिनों मुझे हर व्यक्ति में कोरोना दिखता है। लगता है कोरोना ब्रह्म है जिसका वास हर जीव में है। चीनी कोरोनामय सब जग जानी। इसके सम्मान मे लोग गले नहीं मिलते। हाथ नहीं मिलाते। करत प्रनाम जोरि जुग पानी। अजीब रहस्यवाद है भाई। न ब्रह्म जीव से मिलने को व्याकुल है ना जीव ब्रह्म […]

हास्य व्यंग्य

व्यंग्य – भेद बढ़ाते मंदिर-मस्जिद, प्रीत बढ़ाती मधुशाला

आज मुझे उन लोगों पर तरस आ रहा है जो मेरे मद्यपान से रुष्ठ रहते थे। मूर्ख कहीं के। वे राष्ट्र के प्रति मेरी सत्यनिष्ठा और भक्ति को नहीं समझ सके। उन्हें अब समझ में आ रहा होगा कि एक सैनिक युद्ध में सीने पर गोली झेलकर जो अपना कर्तव्य निभाता था, वही योगदान मेरी […]

हास्य व्यंग्य

व्यंग्य : थूक-जादे

उनकी गिनती संसार के शूर-वीर जंतुओं की प्रजाति में होती थी। सड़क पर पुलिस के सामने चौराहे के यातायात सिग्नल को तोड़ कर वे ऐसे निकल भागते थे कि अभिमन्यु इस पराक्रम को देखकर दाँतों तले अँगुली दबा लेता और कभी चक्रव्यूह में नहीं फँसता। उन्हें किसी कीटाणु से डर नहीं लगता था। सब कीटाणु […]

गीत/नवगीत

दानवता का नाच!

दानवता का नाच देखिए,आस्तीन में साँप देखिएअपनो का सिर काटनेवाले,जिंदा जिन्न-पिशाच देखिए। ये मजहब की बाँध के पट्टी,आँखों कोअंधा करते हैंनफ़रत का कूड़ा फैलाकर, दुनिया को गंदा करते हैं नंगे होकर घूम रहे है, बिटियों के अब बाप देखिएदानवता का नाच देखिए,आस्तीन में साँप देखिए।1। वक़्त पड़ा है गुलशन पर तो,ये कोई भी काम न […]

गीत/नवगीत

काल करोना को सब मिलकर आज हरायें

शासन के संग अनुशासन को अस्त्र बनायेंकाल करोना को सब मिलकर आज हरायें है ऐसा वह कौन धुरंथर, जो ना हारारावण-कंस-से असुरों को,तुमने संहारादुश्मन क्या?तुम कालदेव से लड़ सकते होनचिकेता बन, यम से भी तुम भिड़ सकते होआज कालिया के सिर चढ़कर धूम मचायेंकाल करोना को सब मिलकर आज हरायें।1। तुम जीवन के गीत, अमरता […]

गीत/नवगीत

देशभक्ति की ज्योत जगायी

अंधकार था जब जन-मन में, घोर तमस था सकल भुवन में तब मैंने भी रीत निभायी, देश-भक्ति की ज्योत जगायी! विषधर कुछ फुफकार रहे थे जब अपने भी हार रहे थेपूँछ तानकर काले बिच्छू डंक विषैला मार रहे थेदेश-राग के साध सुरों को, मैंने अपनी बीन बजायीतब मैंने भी रीत निभायी,देश-भक्ति की ज्योत जगायी! संकट […]

कविता

आज मौत से लड़ना होगा

गहन तिमिर संग सूनी राहें काल खड़ा फैलाकर बाँहें नयी इबारत गढ़ना होगा आज मौत से लड़ना होगा। मृत्युदेव ने लिखी कहानी नयी लिपि पर बात पुरानी जीवन-पुस्तक पर अंकित ये पृष्ठ सभी को पढ़ना होगा आज मौत से लड़ना होगा।1। राजा-रंक सभी पर भारी कब लड़ पायी? दुनिया हारी लक्ष्मण-रेखा में रहकर ही नये […]

कविता

युद्ध लड़े ना जाते केवल

युद्ध लड़े ना जाते केवल, सरहद-रण मैदानों में युद्ध लड़े ना जाते हरदम, जल-थल औ’ असमानों में कभी-कभी घर के अंदर भी, सबको लड़ना पड़ता है बच्चे-बूढ़े, नर-नारी को, सैनिक बनना पड़ता है अबके दुश्मन रूप बदलकर, अपने घर में आया है हर साँसों पर हर इक सिर पर, सूक्ष्म रूप में छाया है बम-गोली, […]