Author :

  • शर्वरी धीरे चलो!!

    शर्वरी धीरे चलो!!

    (कल्पना कुछ ऐसी है- देर रात थक कर लौटे पति को पत्नी नहीं चाहती कि वह जल्दी उठे ऐसे में वह ‘तारों भरी रात(शर्वरी)’से जल्दी ना ढलने का निवेदन कर रही है!) शर्वरी! धीरे चलो कि मेरे...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    रंममंच की डोर खिंची तो, नाम सभी बदनाम मिले, कुछ झंडों में छिपे हुए कुछ सिक्कों में नीलाम मिले। थाम के उँगली हमने जिनकी, ईश्वर को पाना चाहा उनके चर्चे, गली-गली में, कौड़ी-कौड़ी दाम मिले। वतनफरोशों...

  • गजल

    गजल

    टूट गई हैं सभी दीवारें, सत्ता के गलियारों में, भेष बदलकर बैठ गए हैं,कातिल पहरेदारों में। भेड़ों की चौपाल सजी है,खरगोशों का मेला है, लक्ष्य भेड़िये साध रहे हैं,मिलकर रंगे सियारों में। गिद्धों की टोली व्रत...

  • गठबंधन

    गठबंधन

    अनुबंधों के संबंधों ने , गठबंधन फिर बना दिया व्यालों के परिवारों ने, चंदन को भी विष पिला दिया। देख-देखकर इक-दूजे को, जो अंगार उगलते थे थे फनवाले,पर गिरगिट की, तरह रंग बदलते थे आस्तीन में...

  • माया महाठगिनी हम जानी

    माया महाठगिनी हम जानी

    सब कहते हैं-मंहगाई बढ़ गई। कितना सरासर झूठ कहते हैं। इन झूठों के मारे यदि कल शाम तक धरती रसातल में मिले तो आप अचरज न कीजिएगा। अब देखिए न कल तक जो सिगरेट का कश...

  • व्यंग्य – कहीं… नाक, न कट जाए?

    व्यंग्य – कहीं… नाक, न कट जाए?

    मानव शरीर में अत्यंत ‘अल्पसंख्यक’ होने के कारण नाक को आरक्षण की सुविधा मिली हुई है। वह कटती है और कभी ऊँची भी होती है। दिमाग और दिल भी नाक के समान अल्पसंख्यक वर्ग में ही...

  • व्यंग्य – ऋतुराज का राज!

    व्यंग्य – ऋतुराज का राज!

    पधारो वसंत! तुम हर साल की तरह इस बार भी बिन बुलाए आ गए? बड़े बेशरम हो भाई!! तुम ऋतुराज हो! कुछ तो अपने मान-सम्मान और स्वाभिमान का ख्याल रखा करो? तुमसे अच्छी तो तुम्हारी ‘रानी-बरखा’...


  • जड़ की कसक

    जड़ की कसक

    पूछा है शाखों से जड़ों ने, हम बिन चैन क्या पाओगे? सूख गए जो प्राण हमारे, क्या तुम फिर मुसकाओगे? हमने धरती में दबकर माटी का बोझ उठाया है, बरखा-धूप सही शीतलता तब तुमने सुख पाया...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    कितने बदल गए यहाँ, हालात इन दिनों बिकने लगे बाज़ार में, जज़्बात इन दिनों। मासूम की निग़ाह में, सैलाब देखकर होती नहीं ज़मीन पर, बरसात इन दिनों। फ़सले-अमन को बोने का है, क़ायदा नया वो बाँटते...