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  • मां फिर भी मां

    मां फिर भी मां

    बचपन कंगाली में बीता। विवाह हुआ। सब कुछ ठीक तीन छोटे छोटे बच्चों  को छोड़कर पति चल बसा। जैसे तैसे मेहनत मजदूरी  कर बच्चों को पाला। समाज के ताने सुने। मेहनत रंग लाई।बच्चे कामयाब हुए। एक...

  • अन्नदाता

    अन्नदाता

    अन्नदाता          देश के अन्नदाता की आंखों को सुख देने वाली फसल और खेत में जब मुस्करायी सरसों इठलाने लगी अलसी आम बौराये गये कि – बैण्ड बाजे के साथ बादल आ गए बारात घरों सी...