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  • युवकों के प्रति

    युवकों के प्रति

    युवकों के प्रति देश कह रहा हे युवाओं जागो मेरा परिष्कार करो स्वाभिमान पर दुष्चक्र चलते तोड़ दो शक्ति का सार भरो जनता के सेवक संसद में जब मर्यादा को भुलाते हैं तब-तब राष्ट्र के युवक...

  • चुपके से आजाती धूप

    चुपके से आजाती धूप

    चुपके से आजाती धूप रोज सबेरे मेरे घर में चुपके से आ जाती धूप कंप-कंपी छुटा जाड़ा भगाती सुन्दर और सुहानी धूप चहुंओर प्रकाष फैलाती प्रकृति का अनोखा रूप हमें सुहाती सबको भाती जब आती चुपके...

  • चिड़ियारानी

    चिड़ियारानी

    जो कल तक थी पेड़ के ऊपर अब खम्भे पर रहती है। मानव ने छीना उसका बैठना चह-चहाकर कहती है। बनाऊँ कहां घोसला अपना अण्डे दे बच्चे कहां पालूँ। खेलेंगे कहाँ ये बड़े होकर सोेचती प्रतिपल...

  • अकेला चना

    अकेला चना

    अकेला चना आफिस में कदम रखते ही उसने प्रतिज्ञा की; कि वह कोई गलत कार्य नहीं करेगा और न ही रिश्वत लेगा। समय गुजरता गया। सभी की दृष्टि में अब ईमानदार बन चुका था। लेकिन जब...

  • मेरी पहली लघुकथा

    मेरी पहली लघुकथा

    सबसे सुन्दर दृश्य बहुत दिनों से फोटो ग्राफर के मन में बस एक ही धुन सवार थी। वह अपने कैमरे में सबसे सुन्दर दृश्य उतारना चाहता था। यू तो उसने कई रमणीय दृश्यों को अपने कैमरे...


  • हिन्दी पखबाड़े के अन्र्तगत

    हिन्दी पखबाड़े के अन्र्तगत

    पुवायां में हिन्दी में सर्वाधिक अंक लाने वाले छात्र-छात्रायें सम्मानित उ0प्र0 शाहजहांपुर के पुवायां में आज हिन्दी पखबाड़े के अन्र्तगत पुवायां इण्टर कालेज पुवायां के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यालय के चयनित चार इण्टर कालेजों...


  • बालगीत : तितली

    बालगीत : तितली

    बालदर्शन मासिक कानपुर मे नवम्बर 1991 में छपा प्रथम बालगीत फूलों पर मंडराती तितली चंचल पंख हिलाती तितली डाल-डाल पर फूल-फूल पर है देखो इठलाती तितली फूलों का मकरन्द चूसकर चंचल पंख हिलाती तितली रंग भरे...

  • स्वतंत्रता दिवस पर

    स्वतंत्रता दिवस पर

    आगे इसे ले जाना है भारत सपूत हम सच्चे हैं देश सेवा से न पीछे हटेंगे मेहनत करेंगे डटकर हम गौरव-स्वाभिमान हित डटेगें कण-कण यहां का सोना उगले ऐसा भारत देश बनाना है एक-एक बुराई मिटाकर...