कविता पद्य साहित्य

बेटी

बेटी बेटी हूं नादान नहीं हूं पल जाऊंगी बढ़जाऊंगी मैं भी हूं इंसान ही तुमसा कोई शैतान हैवान नहीं हूं। मत जांचों मत परखों मुझको कोई बिकाऊ सामान नहीं हूं बेटी बहन पत्नी और मां हूं सदा से पालनहार रही हूं। मैं वत्सला केवल सुमाता बच जाती हूं बढ़ जाती हूं बोझ किसी पर न […]

पुस्तक समीक्षा

पत्र तुम्हारे लिए : लुप्त प्राय विधा के लिए एक सशक्त प्रयास

आकर्षक आवरण वह भी विषयवस्तु के अनुसार पत्र तुम्हारे लिए पुस्तक मेरे समक्ष है ।साहित्य जगत उसमें समाज के सन्देश के आदान प्रदान वाली कभी लोकप्रिय रहने वाली विधा जोकि आज लुप्तप्राय है पत्र साहित्य  पर केन्द्रित इस कृति का संपादन डा. विमला भंडारी जी ने किया है।कभी दूर देश से आने वाले पत्रों की […]

पुस्तक समीक्षा विविध

पत्र तुम्हारे लिए लुप्त प्राय विधा के लिए एक सशक्त प्रयास

पत्र तुम्हारे लिए लुप्त प्राय विधा के लिए एक सशक्त प्रयास         आकर्षक आवरण वह भी विषयवस्तु के अनुसार पत्र तुम्हारे लिए पुस्तक यथा समय मिली।साहित्य जगत उसमें समाज के सन्देश के आदान प्रदान वाली कभी लोकप्रिय रहने वाली विधा जोकि आज लुप्तप्राय है पत्र साहित्य पर केन्द्रित इस कृति का संपादन डा- विमला भंडारी […]

कविता

खिलौना

गांव की माटी वाली का खर्च चल ही जाता है रोज कनस्तर भर कर माटी बेचने से पर- वारिश के न रुकने से एक दिन उसकी रसोई में जब बचा एक मुट्ठी आटा उससे- रोटी न बन पाती होता भी भला किसका उस आधी – अधूरी सी रोटी से। उधर भूख से विलख रहा रहा […]

गीतिका/ग़ज़ल

दीवाली गजल

दीप दीपावली का हमने है जलाया, क्या विश्वास का दीपक भी जला पाएंगे, समय ने जिनके चेहरे पे उदासी ला दी क्या मुस्कराना उनको हम सिखा पाएंगे, सभी ने जलाया हमने भी जगमगाया क्या मन की कटुता भी मिटा पाएंगे, पतंगे का अर्पण देखा हमने दीप पर उससे भी सीख हम कुछ ले पाएंगे, कहते […]

पद्य साहित्य हाइकु/सेदोका

नवरात्रि के हाइकु

नवरात्रि के हाइकु   01 दक्ष नाशिनी बहुवर्णी देवि मां भव मोचनी। 02 ऐन्द्री कौमारी वाराही माहेश्वरी विशाला ग्राही। 03 मां उत्कर्षिणी चण्डमुण्ड मारिणी सर्वास्त्रधरिणी। 04 शंकर वरी कुमारी कन्या शैवा ज्वालदंशिनी। 05 रौद्र रूप हो काल कराली काली कालरात्रि हो। 06 ब्रह्म की छाया शिवदूती प्रत्यक्षा तपस्वी माया। 07 हो नारायणी भद्रकाली मां तुम […]

इतिहास

महान अभियन्ता डा. विश्वेश्वरैया

महान अभियन्ता राजनयिक डा. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी का जन्म दक्षिण भारत में कर्नाटक राज्य के कोलार जिले के मुद्दीन हाली नामक गांव में 15 सितम्बर 1861 को एक तेलगू परिवार में हुआ था।इनके पिता जी श्री निवास शास्त्री एक साधारण अध्यापक थे।उनकी गिनती क्षेत्र के संस्कृत विद्वानों में होती थी।माता वेंकाचम्मा थीं पिता किसी तरह […]

क्षणिका

पांच क्षणिकाएं

01- वे- राष्ट्र भाषा के सच्चे प्रचारक हैं इसीलिए अपने बच्चों को कान्वेंट से लेकर आ रहे हैं। 02- उनका प्रतिपल साया सा साथ रहा इसीलिए हिन्दी के प्रचार -प्रसार में कागजों तक हाथ रहा। 03- उन्होंने सत्यनिष्ठा दर्शायी है फ्रेम मे अपनी तस्वीर उनकी दीमकों ने खायी है। 04- उन्होंने कर्त्तव्य निष्ठा की ध्वजा […]

पद्य साहित्य हाइकु/सेदोका

कुछ हाइकु

कुछ हाइकु 01 – पाक हंसता अपनों की वृद्धि से पराये घर। 02- आजादी पर्व जुड़कर जन्मते हमको गर्व। 03- तिगड़मबाज शत्रु को रिझाते कल या आज। 04 – भारत देश कुछ से है अजूबा गीदड़ी वेश। 05 – रेश ही रेश जयचन्द बनेंगे हमारे देश। 06 – देश की भक्ति नापने का पैमाना उनकी […]

लेख सामाजिक

मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2019 का पास होने के मायने

मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2019 का पास होने के मायने   पिछले दिनों लोक सभा ने ध्वनिमत से और आज राज्य सभा ने 84 के मुकाबले 99 मतों से तीन सालों से प्रतीक्षित अनेक आकांक्षाओं सपनों को लिए मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2019 को पास कर दिया।विपक्ष द्वारा लाये गये तीनों […]