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  • विश्वगौरैया दिवस पर

    विश्वगौरैया दिवस पर

    छोटी सी चिड़िया का घर मेरे आंगन नीम के ऊपर छोटी सी चिड़िया का सुन्दर घर तिनका-तिनका से है सजाया सजा-संवारकर है बनाया। उसने उसमें अण्डे दे डाले प्रेम पूर्वक उनको पाले, नहीं उसे है जाड़े...

  • निर्णय

    निर्णय

    एक दिन की बात है। घृणा और प्रेम में बहस छिड़ गई। बड़ा कौन है तू या मैं घृणा ने अपना घृणित रूप दिखलाया। जमकर कोसा। गालियां बकीं। प्रत्युत्तर में प्रेम मात्र मुस्कराता रहा। अन्ततः घृणा...

  • होली पर हाइकु

    होली पर हाइकु

    होली पर हाइकु 01ः- रंग होली का जब धोये कटुता सार्थक हो। 02ः- होली के रंग अपनत्व के साथ रंग न भंग। 03ः- गुलाबी रंग गालों पर मलते दाग जो पड़े। 04ः- मिल के बने लाल...

  • होली में सावधानियाँ

    होली में सावधानियाँ

    शरद ऋतु समाप्त हुई, वसंत ऋतु आ गई।यानी की अब होली आ गयी।चारों ओर का वातावरण सा बन गया कि त्यौहार आया है गले मिलेंगे, पुराने वैर-भाव भुलाएगें, भाईचारा बनायेंगे तथा सभी के प्रति समान व्यवहार...


  • गणतंत्रदिवस

    गणतंत्रदिवस

    गणतंत्रदिवस गणतंत्र दिवस का पावन पर्व इस बार पुनः आया है गांव गली और शहर में इसका ही उत्साह छाया है मच गई धूम तिरंगे की तीन रंगों के पन्नों की बच्चे मग्न हो घूम रहे...

  • युवकों के प्रति

    युवकों के प्रति

    युवकों के प्रति देश कह रहा हे युवाओं जागो मेरा परिष्कार करो स्वाभिमान पर दुष्चक्र चलते तोड़ दो शक्ति का सार भरो जनता के सेवक संसद में जब मर्यादा को भुलाते हैं तब-तब राष्ट्र के युवक...

  • चुपके से आजाती धूप

    चुपके से आजाती धूप

    चुपके से आजाती धूप रोज सबेरे मेरे घर में चुपके से आ जाती धूप कंप-कंपी छुटा जाड़ा भगाती सुन्दर और सुहानी धूप चहुंओर प्रकाष फैलाती प्रकृति का अनोखा रूप हमें सुहाती सबको भाती जब आती चुपके...

  • चिड़ियारानी

    चिड़ियारानी

    जो कल तक थी पेड़ के ऊपर अब खम्भे पर रहती है। मानव ने छीना उसका बैठना चह-चहाकर कहती है। बनाऊँ कहां घोसला अपना अण्डे दे बच्चे कहां पालूँ। खेलेंगे कहाँ ये बड़े होकर सोेचती प्रतिपल...

  • अकेला चना

    अकेला चना

    अकेला चना आफिस में कदम रखते ही उसने प्रतिज्ञा की; कि वह कोई गलत कार्य नहीं करेगा और न ही रिश्वत लेगा। समय गुजरता गया। सभी की दृष्टि में अब ईमानदार बन चुका था। लेकिन जब...