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  • बुरा करो किसने समझाया

    बुरा करो किसने समझाया

    एक बार जंगल में स्थित झरबेरी बड़ी मगन थी देवदार भी खड़ा प्रेम से उसको जीवन से लगन थी झरबेरी करती  झर-झर देवदार सायं-सायं करता एक में कांटों का साम्राज्य दूसरे से सौन्दर्य था झरता सौन्दर्यशाली...

  • गड़रिया और सिंह

    गड़रिया और सिंह

    शीघ्र प्रकाश्य पद्यकथा कृति बिना विचारे का फल से प्रकाशन हेतु गड़रिया और सिंह नदी किनारे हरा- भरा जंगल एक स्थित था अनेक पशु-पक्षी वहां थे रोज जंगल में मंगल था   सारी दुनिया उपकार की...

  • अटल जी पर

    अटल जी पर

    अपनी गरिमा अपने ही सिद्धांतों से, अटल थे अटल हैं और अटल रहेंगे। सशरीर भले न हो साथ हम सबके- सभी के दिलों में सदा अमर वो रहेंगे।।   परिचय - शशांक मिश्र भारती नामः-शशांक मिश्र...






  • विश्वगौरैया दिवस पर

    विश्वगौरैया दिवस पर

    छोटी सी चिड़िया का घर मेरे आंगन नीम के ऊपर छोटी सी चिड़िया का सुन्दर घर तिनका-तिनका से है सजाया सजा-संवारकर है बनाया। उसने उसमें अण्डे दे डाले प्रेम पूर्वक उनको पाले, नहीं उसे है जाड़े...

  • निर्णय

    निर्णय

    एक दिन की बात है। घृणा और प्रेम में बहस छिड़ गई। बड़ा कौन है तू या मैं घृणा ने अपना घृणित रूप दिखलाया। जमकर कोसा। गालियां बकीं। प्रत्युत्तर में प्रेम मात्र मुस्कराता रहा। अन्ततः घृणा...