Author :

  • गीत

    गीत

    यूँ न मायूस होकर के बैठो प्रिये हल सभी मुुश्किलों का निकल आयेगा। पुष्प बनकर खिलो यूँ न मुरझाओ तुम , कौन उपवन को बरना यूँँ महकायेगा। हाथ में हाथ तेरा रहे जो प्रिये साथ हम...

  • मृत्यु तेरा अभिनन्दन है!

    मृत्यु तेरा अभिनन्दन है!

    जीत  सके  तो  जीत  मुझे तू मृत्यु तेरा अभिनन्दन है। संघर्षों  का  नाम  है  जीवन  ब्यर्थ  तेरा  आक्रदंन  है। चलते  चलते  गिरा  जमीं  पर थोड़ा  सा  घबराया था। तुमने  समझा  हार   गया   मैं ज्ञात  तभी हो...


  • फैला प्रचलन गन्दा

    फैला प्रचलन गन्दा

    चारों तरफ जगत में फैला, प्रचलन कितना गन्दा है। पुतला फूँक रहे हैं लेकिन, रावण फिर भी जिन्दा है। सीता रूपी बेटी कैसे,रोज यहाँ हर जाती है। मानवता तक मानव की जाने कैसे मर जाती है।-...

  • कान्हा क्यों बिसराया

    कान्हा क्यों बिसराया

    आज के विषय पर मेरा प्रयास। विषय – राधेश्यामी छंद। नित एक तरफ राधा रोती , अरु मीरा तुम्हें बुलाती है। क्यों कान्हा छोड गये हमको, गोकुल की याद न आती है। अब ग्वाल बाल सब...


  • दोहे

    दोहे

    दोहे / शिव चाहर मयंक मन्दिर मस्जिद के लिये,लगी जहाँ में आग। सबकी अपनी बाँसुरी , सबके अपने राग। जीवन भर करते रहे, हम उनका अपमान। जिनसे हमको यश मिला, जिनसे है सम्मान।। दोस्त वही है...

  • कभी मेरे लिए

    कभी मेरे लिए

    बहर- 1222 1222 1222 1222 कभी मेरे लिये दिलवर मेरा ऑगन सजायेगा। भुलाकर वो खता सारी मुझे अपना बनायेगा। जिन्हे आती हँसी मुझ पर उन्हें न्यौता है हँसने का। मुझे मालूम है इक दिन मेरा भी...

  • दोहे

    दोहे

    आज के दोहे / शिव चाहर मयंक नीयत जिसकी नेक है, जिसके नेक विचार। खुशियों से दामन भरे, जीवन हो साकार।-1 स्वर्ग नर्क सब है यहाँ, पाप पुण्य का राज। सबको बस मिलता वही जैसा जिसका...

  • गीत : दिल का टुकड़ा

    गीत : दिल का टुकड़ा

      दिल ने स्वप्न दिखाये उसको और उसे मजबूर किया। ख्वाबों ने दिल का टुकडा ही नजरों से अब दूर किया। उसका गिरना और सम्हलना याद बहुत ही आता है! तुतलाकर वो मुझे बुलाना मुझको बहुत...