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  • शिवरात्री बोधरात्री स्यात्

    शिवरात्री बोधरात्री स्यात्

    इस नव वर्ष (विक्रमी संवत्) से ठीक एक मास पहले एक  ऐसा पर्व आ रहा है, जिसकी हम सभी जन बड़ी उत्सुकता से प्रतीक्षा करते है, वह पर्व है शिवरात्री। शिवरात्री शब्द से स्पष्ट ज्ञात होता...

  • लेख : दंगल की दयनीय सोच

    लेख : दंगल की दयनीय सोच

    वर्तमान के दृश्य को दृष्टि में अवतरित कर दूसरों को दृश्याकाररूप देना वर्तमान में बहुत कठिन हो गया है। आज युवाओं की पहली पसंद सिनेमाजगत् है। सच्चे गुरु व मार्गदर्शक तो सिनेमा घर ही बनते जा...


  • संस्कृत का विकास कैसे हो?

    संस्कृत का विकास कैसे हो?

    संस्कृतभाषा की आजीविका के क्षेत्रों में अध्ययन-अध्यापन एवं प्रशासनिक सेवाओं के अतिरिक्त सामाजिक एवं आध्यात्मिक तथा शारीरिक क्षेत्रों में भी पर्याप्त अवसर हैं। भारतीय संस्कृति का ज्ञान संस्कृत के विना असम्भव है। (भारतस्य प्रतिष्ठे द्वे संस्कृतं...

  • यम-यमी का वैदिक स्वरूप

    यम-यमी का वैदिक स्वरूप

    प्रत्येक मनुष्य समाज को एक नई दिशा व दशा देने की पूर्णरूपेण योग्यता रखता है।अब दिशा व दशा कैसे हो, यह दिशा व दशा दिखाने वाले पर आश्रित है, वह अपने ज्ञान के आलोक से मार्गप्रशस्त...




  • क्या समस्या का समाधान आरक्षण है?

    क्या समस्या का समाधान आरक्षण है?

    मनुष्य के जीवन को पूर्णरूपेण सुख- सम्पन्नतामय बनाने के लिए आर्थिकीय दृष्टि सदैव पर्याप्त नहीं हुआ करती है। कदाचित् इसका यह तात्पर्य लेशमात्र भी नहीं है कि अर्थ का सुख-शान्ति-समृध्दि में कोई स्थान नहीं। संसार भर...