राजनीति

देश को गुमराह करने की कोशिश न करें!

आज समाज में सर्वत्र नये-नये विवादों को जन्म मिलता जा रहा है। देखा जाये तो जो-जो वाद आज प्रचारित व प्रसारित हो रहे हैं, वह सत्यता में वाद नहीं है, वह तो सामान्य ही रूप हैं किन्तु कुछ तथाकथित राजनीतिज्ञों ने अपने स्वार्थी भावों को जागृत कर समस्त भारतवर्ष को घिनौनी चादर से व्याप्त करने […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

गो-वध व मांसाहार का वेदों में कही भी नामोनिशान तक नहीं है

प्रायः लोग बिना कुछ सोचे समझे बात करते हैं कि वेदों में गो-वध तथा गो-मांस खाने का विधान है। ऐसे लोगों को ध्यान में रखकर कुछ लिखने का यत्न कर रहा हूॅं, आज तक जो भी ऐसी मानसिकता से घिरे हुऐ लोग हो वे जरुर इसको पढ़ कर समझने का प्रयास करें। क्षणिक स्वार्थ व […]

सामाजिक

क्या समस्या का समाधान आरक्षण है?

मनुष्य के जीवन को पूर्णरूपेण सुख- सम्पन्नतामय बनाने के लिए आर्थिकीय दृष्टि सदैव पर्याप्त नहीं हुआ करती है। कदाचित् इसका यह तात्पर्य लेशमात्र भी नहीं है कि अर्थ का सुख-शान्ति-समृध्दि में कोई स्थान नहीं। संसार भर में बड़े-से-बड़े वेदज्ञों, नीतिशास्त्रवेत्ताओं, विज्ञानविशारदों, सगीतज्ञों आदि मनीषियों को यदि भोजन न मिले तो उनकी सारी विद्याएॅं एक कोने […]

राजनीति

असरदार और ताकतवर ढंग से जवाब चाहता है पाकिस्तान

भारत एक शान्तिप्रिय व सद्व्यवहार को बढ़ावा देने वाला देश है। जो प्रति क्षण प्रत्येक की उन्नति में स्वयं की उन्नति को स्वीकार करता है। शायद इसी कारण से भारत की ओर से पाकिस्तान के साथ दोनों देशों में शान्ति बनाये रखने के लिए वार्ता करने की कोशिश की जाती रही है। लिखित रूप से […]