सामाजिक

संस्कृत का विकास कैसे हो?

संस्कृतभाषा की आजीविका के क्षेत्रों में अध्ययन-अध्यापन एवं प्रशासनिक सेवाओं के अतिरिक्त सामाजिक एवं आध्यात्मिक तथा शारीरिक क्षेत्रों में भी पर्याप्त अवसर हैं। भारतीय संस्कृति का ज्ञान संस्कृत के विना असम्भव है। (भारतस्य प्रतिष्ठे द्वे संस्कृतं संस्कृतिस्तथा) मानवजीवन के सर्वांगीण विकास के लिए विज्ञान, कला एवं अध्यात्मिक ज्ञान अत्यन्त आवश्यक हैं, इन तीनों का समन्वय […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

यम-यमी का वैदिक स्वरूप

प्रत्येक मनुष्य समाज को एक नई दिशा व दशा देने की पूर्णरूपेण योग्यता रखता है।अब दिशा व दशा कैसे हो, यह दिशा व दशा दिखाने वाले पर आश्रित है, वह अपने ज्ञान के आलोक से मार्गप्रशस्त करता है अथवा ज्ञान के आलोक के अभाव में सत्य मार्ग से हटा कर असत्य मार्ग का अनुसरण कराता […]

राजनीति

घर के अन्दर बैठे आतंकियों का क्या होगा?

भारतवर्ष का अपना निराला ही रूप दिखायी देता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता है कि – यह एक मतनिरपेक्ष देश है, जिसको लोग धर्मनिरपेक्ष भी कह देते हैं। जहां धर्मनिरपेक्षता की आड़ में लोकतान्त्रिक व्यवस्था को बिगाड़ने का हर सम्भव प्रयास किया जाता है। ऐसा ही कुछ 9 फरवरी 2016 को हुआ, शायद आपको यह […]

राजनीति

देश को गुमराह करने की कोशिश न करें!

आज समाज में सर्वत्र नये-नये विवादों को जन्म मिलता जा रहा है। देखा जाये तो जो-जो वाद आज प्रचारित व प्रसारित हो रहे हैं, वह सत्यता में वाद नहीं है, वह तो सामान्य ही रूप हैं किन्तु कुछ तथाकथित राजनीतिज्ञों ने अपने स्वार्थी भावों को जागृत कर समस्त भारतवर्ष को घिनौनी चादर से व्याप्त करने […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

गो-वध व मांसाहार का वेदों में कही भी नामोनिशान तक नहीं है

प्रायः लोग बिना कुछ सोचे समझे बात करते हैं कि वेदों में गो-वध तथा गो-मांस खाने का विधान है। ऐसे लोगों को ध्यान में रखकर कुछ लिखने का यत्न कर रहा हूॅं, आज तक जो भी ऐसी मानसिकता से घिरे हुऐ लोग हो वे जरुर इसको पढ़ कर समझने का प्रयास करें। क्षणिक स्वार्थ व […]

सामाजिक

क्या समस्या का समाधान आरक्षण है?

मनुष्य के जीवन को पूर्णरूपेण सुख- सम्पन्नतामय बनाने के लिए आर्थिकीय दृष्टि सदैव पर्याप्त नहीं हुआ करती है। कदाचित् इसका यह तात्पर्य लेशमात्र भी नहीं है कि अर्थ का सुख-शान्ति-समृध्दि में कोई स्थान नहीं। संसार भर में बड़े-से-बड़े वेदज्ञों, नीतिशास्त्रवेत्ताओं, विज्ञानविशारदों, सगीतज्ञों आदि मनीषियों को यदि भोजन न मिले तो उनकी सारी विद्याएॅं एक कोने […]

राजनीति

असरदार और ताकतवर ढंग से जवाब चाहता है पाकिस्तान

भारत एक शान्तिप्रिय व सद्व्यवहार को बढ़ावा देने वाला देश है। जो प्रति क्षण प्रत्येक की उन्नति में स्वयं की उन्नति को स्वीकार करता है। शायद इसी कारण से भारत की ओर से पाकिस्तान के साथ दोनों देशों में शान्ति बनाये रखने के लिए वार्ता करने की कोशिश की जाती रही है। लिखित रूप से […]