गीत/नवगीत

बिन तुम कहाँ होंगे

तुम हो  तो हम हैं, बिन तुम  कहाँ  होंगे। जाओगे  तुम  जहाँ , हम भी  वहाँ होंगे। तुम बिन यह जिंदगी, अकेली अधूरी है। दिल से दिल मिले, मिट गई यह  दूरी है। बिन तेरे हर महफ़िल में  हम तन्हां होंगे। तुम हो  तो हम हैं, बिन तुम  कहाँ  होंगे। तुम से  रोशन है  मेरा […]

गीत/नवगीत

जरा हर्षाने दो

बैठो आ कर पास, नयन भर जाने दो। रिमझिम स्नेह आपार,  बरस जाने दो। मृगनयनी तेरे नयन कजरारे। मचल मचल कर करें इशारे। होंठो पर  मुस्कान  छुपी  है। मात्थे पर लट आन झुकी है। गाल  लालो  लाल,  जरा  हर्षाने  दो। बैठो आकर पास, नयन भर जानें दो। देख   देख  मन   है  ललचाए। ठुमक ठुमक जब […]

गीत/नवगीत

हो नया तराना

नई  सोच हो  नई उमंग  हो, हो नया तराना। नए साल हमनें तो मन में, है मीत यह ठाना।। बुरा बीता सो भूल जाएं हम। नई  अपनी सोच बनाएं हम। जो   रूठे   थे   जो   टूटे  थे, मिलजुल कर उन्हें मनाएं हम। ना  दिल किसी का तोड़े  हम। ना साथ किसी का छोड़े हम। हो प्यारा […]

गीतिका/ग़ज़ल

गुंजाइश कहीं रह न जाए

नित नई चेतना  नव जीवन में आए। मन में हो संयम विपत्ति में न घबराए। काम करनें से पहले बीस बार सोचो, गलती की गुंजाइश कहीं रह न जाए। पारदर्शिता  इतनी हो तुम्हारे काम में, कोई  उँगली  उठा  कर  कह न पाए। परिश्रम   तुम्हारा  कसौटी  पर  उतरे, यूँ  पसीना  व्यर्थ  कहीं  बह न  जाए। हिम्मत […]

गीतिका/ग़ज़ल

जिंदगी

जिंदगी तुम जिंदगी को जीना सीखा देती हो। पल में रूला देती, कभी पल में हँसा देती हो। सबब कितना भी सुंदर हो मेरी जिंदगी का, आज जो दोस्त है कल दुश्मन बना देती हो। फुलों की सेज मिलना इतना आसान नहीं, हालात बदलते ही  काँटो पर सुला देती हो। जिन की नज़रों में कभी […]

गीतिका/ग़ज़ल

गज़ल – उम्मीद अच्छी खबर की

सतानें  लगी है  चिंता अब घर की। आती हर रोज बुरी खबर उधर की। उतरता है ख़ंजर मासूम के दिल में, हालत बुरी होती है  मेरे जिगर की। करता जुल्मी जुल्म बेखौफ़ हो कर, डर नहीं  है उसे खुदा के कहर की। माँ बहन बेटी कहीं महफूज़ नहीं  हैं, गिर  गई  है  हया गैरों के […]

गीतिका/ग़ज़ल

करे याद जिंदगी

हवसी तेरे हवस ने की बरबाद जिंदगी। हँसती हँसती उजाड़ दीआबाद जिंदगी। सुंदर काया देख क्यों  तिलमिला  उठा, जला दी क्यों  काफिर  नायाब जिंदगी। कानून बददुआओं का असर होता नहीं, कब तक रहेंगे करते यह खराब जिंदगी। चलना फिरना दुष्कर किया है नारी का, कब तक वो जीए ओढ़े नकाब  जिंदगी। खुदा का जिन को […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

बुरे  आचरण  से  हमें  बचाना  प्रभु। नेकी   की  राह   हमें  चलाना  प्रभु। गिर  ना  जाएं भला  कर्म  करते ही, गिरते  गिरते  भी  हमें  उठाना प्रभु। जीवन की किश्ती डूब ना जाए कहीं, बन कर केवट पार  हमें लगाना प्रभु। काम क्रोध लोभ रहित हो मन हमारा, सच्चा  इक  इंसान  हमें  बनाना प्रभु। छू लें  आकाश […]

कविता

साधना

मन-चिंतन, मन-बोध से प्रस्फुटित होता अन्तर्मन अमृत वेला में मन वृत्ति निस्तव्ध एकाकार मे लीन होती तब ध्यान की एकाग्रता ईश के निराकार अस्तित्व में साकार हो उठती हजारों सूर्य मण्डल की लालिमा मस्तिष्क पटल पर शांत आभा, नव चेतना लिए जीवन के जन्म मरन से मुक्त एकाकी पथ पर अग्रसर महान आत्मा में विलय […]

कविता

मैं  इन्तज़ार  करूँगा

तुम्हारा  आना  शाश्वत  प्रिय तुम्हारा  समय  निश्चित है दिल  की  धड़कन  घड़ी  की  सूईयों  की  तरह थँम  जाएगी रूप, रंग,  गंध  पाँच  तत्व  में  समेट कर चेतना  अचेत हो  कर आगोश  में   समा   जाएगी तुम्हारे  कोमल से अनंत  सुखमय  वेला  में मैं  डरता  तुम  आ  न  जाओ मेरे  छुपे  हुए  अंह  की  चेतना  में तुम  […]