सामाजिक

हारने को हार नहीं कहते बल्कि हिम्मत हारने को हार कहते हैं।

मेहनत और भाग्य को लोग अलग-अलग करके देखते हैं। यह सामान्य जुमला है कि भाग्य में होगा तब सबकुछ मिलेगा। भाग्य प्रबल होगा तब घर बैठे सबकुछ मिल जाएगा। पर यथार्थ के धरातल पर भाग्य पक्ष को तौल कर देखा जाए तब आपको सबकुछ मिलने की गारंटी बिलकुल भी नहीं मिलेगी और मिलना भी नहीं […]