Author :


  • कुछ अंतर्मन की बात

    कुछ अंतर्मन की बात

    जो जानना चाहें दिल खोलकर जानें और न जानना चाहें, भूलकर भी न झांकें आजादी के बाद राजनीति की उबड़-खाबड़ समतल जमीन पर अनाजों की नहीं, जांबाजों की खेती हुई है इस देश में। गद्दार राष्ट्रभक्तों...




  • कर्जमाफी – एक मुद्दा या सवाल

    कर्जमाफी – एक मुद्दा या सवाल

    आजकल देश मे कर्जमाफी का मुद्दा जोरों पर है। हर राजनैतिक दल कर्जमाफी की नैया से राजनैतिक बैतरणी पर उतरने की जुगत में लगा हुआ प्रतीत हो रहा है। उद्योगपतियों और पूंजीपतियों से कोई राजनैतिक दल...

  • गीत : जातिवाद का जहर

    गीत : जातिवाद का जहर

    जातिवाद का जहर, थोड़ा इधर-थोड़ा उधर सम्प्रदायों का कहर, थोड़ा इधर-थोड़ा उधर खेल ऐसा  स्वार्थी, सत्तालोलुप ही  खेल रहे सीना ज्यों खखोरता थोड़ा ठहर-थोड़ा ठहर। करनी से गद्दी गई अब जाएं तो जाएं किधर जातिवाद का...


  • देश की दशा-दिशा

    देश की दशा-दिशा

    विचारकों और चिंतकों के बीच वर्तमान का ज्वलन्त प्रश्न उभरकर विकरालता का रूप ले रहा हो तो निश्चित ही विचारणीय हो जाता है | तो किसी भी समाजिक विचारकों के लिए आवश्यक हो जाता है कि...