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  • कर्जमाफी – एक मुद्दा या सवाल

    कर्जमाफी – एक मुद्दा या सवाल

    आजकल देश मे कर्जमाफी का मुद्दा जोरों पर है। हर राजनैतिक दल कर्जमाफी की नैया से राजनैतिक बैतरणी पर उतरने की जुगत में लगा हुआ प्रतीत हो रहा है। उद्योगपतियों और पूंजीपतियों से कोई राजनैतिक दल...

  • गीत : जातिवाद का जहर

    गीत : जातिवाद का जहर

    जातिवाद का जहर, थोड़ा इधर-थोड़ा उधर सम्प्रदायों का कहर, थोड़ा इधर-थोड़ा उधर खेल ऐसा  स्वार्थी, सत्तालोलुप ही  खेल रहे सीना ज्यों खखोरता थोड़ा ठहर-थोड़ा ठहर। करनी से गद्दी गई अब जाएं तो जाएं किधर जातिवाद का...


  • देश की दशा-दिशा

    देश की दशा-दिशा

    विचारकों और चिंतकों के बीच वर्तमान का ज्वलन्त प्रश्न उभरकर विकरालता का रूप ले रहा हो तो निश्चित ही विचारणीय हो जाता है | तो किसी भी समाजिक विचारकों के लिए आवश्यक हो जाता है कि...


  • कविता : जाति – प्रथा

    कविता : जाति – प्रथा

    अक्षपाद औ’ कणाद  युग में रही नहीं  कभी जाति – प्रथा किसने  किया इसे  अनावृत जो आज बनी है व्यथा-कथा | चार वरण थे व्यवसाय से वर्ण व्यवस्था  तब भी थी अनेकानेक वर्णों से खंडित वर्ण...

  • विभीषण बनाम वर्तमान

    विभीषण बनाम वर्तमान

    जिस राम की लड़ाई आज देश में सांगोपांग लड़ी जा रही है, ये लड़ाई तो मानवीय मूल्यों के स्थापनार्थ मर्यादापुरुषोत्तम राम ने त्रेता में आसुरी शक्तियों के प्रतीक रावण के विरुद्ध भी लड़ी थी और विजय...


  • भारतीय नारी और उसकी दशा-दिशा

    भारतीय नारी और उसकी दशा-दिशा

    इस व्याखान माला को चार हिस्सों में बांटकर कहना चाहूँगा। यह विषय स्वयं में काल के तीनों भेदों को सिमटाती हुई भूत, वर्तमान और भविष्य को निर्देशित करती है। जब हम भारत और भारतीयता के भूतकाल...