इतिहास

महात्मा ज्योतिबा फुले

आपका वास्तविक नाम जोतीराव गोविन्दराव फुले है। आपका जन्म माता चिमना वाई एवं पिता गोविन्दराव जी फुले के यहां 11 अप्रैल 1827 को पुणे में हुआ था। आगे चलकर आपको अन्य जैसे महात्मा फुले, जोतिबा फुले नामो से संबोधन किया गया।      आप बहुत ही बुद्धिमान थे  एवं मराठी भाषा में अध्ययन किया । आप एक […]

कविता

मिटने का सवाल नहीं

मै साहिल पर लिखी हुई इबादत नहीं,, जो लहरों से मिट जाऊं,, मै बारिश की बरसती बूंदे नहीं जो,, बरस के थम जाऊं,, मै कोई ख़्वाब नहीं जिसे देख के भुला दिया जाऊं,, मै हवा का झोंका नहीं जो आऊं और गुजर जाऊं,, मै चांद नहीं जो रात के बाद ढल जाऊं,, मै तो वो […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

स्वामी विवेकानंद जी के सपनों का भारत

स्वामी विवेकानंद जी एक प्रेरणा जिनके विचारों ने भारतीय समाज एवम् राष्ट्र के जीवन में एक नए प्राण का संचार किया जिनसे देश कि आत्मा को चैतन्यता से सराबोर किया। स्वामी जी ने अपने विचारो के जरिए “स्वधर्म” एवम् “स्वदेश” के लिए प्रेम स्वाभिमान की ऊर्जा प्रवाहित कर जाग्रत शक्ति का संचार किया जिसके फलस्वरूप […]

कविता

मेरा मन

कभी लहरों सा चंचल था मेरा मन.. कभी ज्वाला सा भड़कता था मेरा मन.. आख़िर आज क्यों रोता मेरा मन,, मासूमियत होती लाचार,, मासूमों पर होता दुराचार,, नारियों पर भारी अत्याचार,, दुराचारियों कि तादाद होती अपार,, इसलिए रोता आज मेरा मन… भरी महफिल में गुमनाम होता मेरा मन,, शोर शारावा की दुनियां में चुप रहता […]

सामाजिक

महिला सशक्तिकरण में महिलाओं की संवेदनशीलता

सशक्तिकरण :   सशक्तिकरण अर्थात स्वं की शक्ति एवम् स्वं के निर्णय का अनुसरण करना या यूं कहे कि स्वं में यह योग्यता आना कि वह अपनी ज़िंदगी से जुड़े सभी निर्णय खुद ले सके। महिला सशक्तिकरण :    जैसा कि आप और हम सभी जानते है कि आज 21वी सदी में भी कई प्रकार की कुरीतियों […]

कविता

भ्रूण एक आवाज…

प्यार तुम्हारा दो जिस्मो का एहसास तुम्हारा,, ऐसे ना मारो मै संसार तुम्हारा,, अंश वंश हूं तुम्हारा,, ऐसे ना धिक्कार करो हमारा,, क्यों बनाया मुझे मनोरंजन की शाख?,, क्या कर दोगे मुझे कोख में ही राख?,, मां तेरा कोमल हृदय कैसे पत्थर हो गया,, अभी गर्भ में ही था वध कैसे हो गया?,, ये दो […]

हास्य व्यंग्य

व्यंग्य : हां… साहेब मुझे अच्छे दिन चाहिए, बुरे नहीं..

2 घंटे बिजली चाहिए ,24 घंटे नहीं,,, दिन रात गरमी चाहिए , हवा बिजली नहीं,,, 250 ₹ किलो दाल चाहिए ,80/100₹ किलो नहीं,,, गोबर चूल्हा लकड़ी चाहिए , एलपीजी नहीं,,, लोटा लेकर खेत खलियान चाहिए , शौचालय नहीं,,, हां…. साहेब मुझे अच्छे दिन चाहिए ,,, बुरे नहीं… 60₹ दिहाड़ी चाहिए , 300 ₹ नहीं,,, 200₹ […]