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  • मेरा तिरंगा

    मेरा तिरंगा

    मेरा तिरंगा  ——————–  ‘बाबू जी, बाबू जी, ये ले लीजिए तिरंगा’ टिमकी आते जाते लोगों को छोटे-छोटे तिरंगे झण्डे बेचने के लिए मेहनत कर रही थी। टिमकी की तरह और भी बहुत से बच्चे थे और...

  • स्ट्रीट चिल्ड्रन

    स्ट्रीट चिल्ड्रन

    स्ट्रीट चिल्ड्रन ‘देखा, उसके हाथ में कितना सुन्दर गिलास है’ बातुल ने गंजू से उस गिलास से कोई पेय पदार्थ पीते हुए अमीर से दिखने वाले लड़के की तरफ टुकुर-टुकुर देखते हुए कहा। बातुल और गंजू सड़क...

  • भुट्टेवाला

    भुट्टेवाला

    ‘भइया, क्या तुम्हारे पास नरम नरम और कच्चे भुट्टे हैं, छोटे बच्चों के लिए ले जाने हैं?’ सुरेखा ने बाज़ार में रेहड़ी पर भुट्टे वाले से पूछा जो गर्मी के बावजूद कच्चे कोयले की अग्नि में...

  • गुब्बारा

    गुब्बारा

    ‘देखो भाई, इस हाल की हर दीवार को और छत को गुब्बारों से सजाना है । आज मेरी बिटिया का जन्म दिन है । गुब्बारे हरेक रंग के होने चाहिएँ, अलग-अलग डिज़ाईन के होने चाहिएँ ।...

  • स्टैंडर्ड एक लघुकथा

    स्टैंडर्ड एक लघुकथा

    ‘नितिन, तुम पार्किंग में से गाड़ी लेकर बस स्टैंड के पास आओ, मैं वहीं पहुंचती हूं’ राधिका ने कहा। ‘ठीक है’ कह कर नितिन गाड़ी लेने चला गया। राधिका को जब ज्यादा देर हो गई तो...

  • नज़र बट्टू (लघु कथा)

    नज़र बट्टू (लघु कथा)

    ‘भइया, 10 किलो नींबू और 5 किलो हरी मिर्च तोल दे जल्दी से’ कमला सुबह 4.30 बजे ही थोक सब्जी मण्डी में अपनी बेटी मीना के साथ आई थी। यह उसका रोजाना का काम था। ‘यह...

  • मैला रिश्ता

    मैला रिश्ता

    ‘अब आपकी फाईल नहीं मिल रही तो मैं क्या करूँ ? इतना पुराना रिकाॅर्ड है । बेसमेंट में स्टोर रूम की अलमारियों में गर्द छान रहा होगा । उस गर्द में तो जा पाना ही नामुमकिन...

  • तनेजा साहब का संकल्प

    तनेजा साहब का संकल्प

    ‘मि. तनेजा, आप जानते हैं कि स्कूल का नया सैशन शुरू होने जा रहा है, विद्यार्थी अगली क्लासेज़ में जायेंगे। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आप विद्यार्थियों के लिए समय पर पुस्तकों और स्टेशनरी...

  • हम कहाँ जा रहे हैं

    हम कहाँ जा रहे हैं

    बड़ी अजीब सी होती जा रही है शहरों की रौशनी उजालों के बावजूद चेहरे पहचानना मुश्किल होता जा रहा है नादान होता जा रहा है आज का इंसान अटकता है जब दुःख आता है भटकता है...