इतिहास

आलेख-समानता का अधिकार

सुनने कहने में कितना मीठा लगता है “समानता का अधिकार”। पर जरा धरातल पर आकर देखिये। हर क्षेत्र में सिर्फ विडंबनाएं हैं। हम सब भी उनका समर्थन निहित स्वार्थों की परिधि में ही करते है। पहले व्यक्तिगत, फिर सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक और सैद्धांतिक रूप से आंकलन करते हैं। आजादी के इतने साल बाद भी पुरष […]

इतिहास

आनंद

आनंद क्या है? महज अनुभूति है सिर्फ़ एहसास है, मगर इसके परीक्षण का कोई यंत्र नहीं है। आनंद जब महसूस होता है तो मुर्दों में प्राण फूँक देता है, रिश्तों में जान डाल देता है आपस में अनुराग भर देता है। इतना ही नहीं आनंद लेना सीख लीजिये भाइयों बहनों तो ये आपका जीवन भी […]

इतिहास

धूपछाँव

जीवन में धूपछाँव आता जाता ही रहता है, क्योंकि जीवन में कुछ भी स्थाई नहीं होता। ठीक वैसे ही जैसे धूप हो या छाँव कभी नहीं टिकता, अँधेरे के बाद उजाला अपरिहार्य है, सुख दुःख तो जीवन का आधार है, खुशी हो गम, यही जीवन का सार है। सब एक दूजे के पूरक हैं, नियम […]

कविता

बच्चन जी

सत्ताइस नवंबर उन्नीस सौ सात को कायस्थ कुल में पैदा पिता प्रताप नारायण के घर मां सरस्वती देवी की कोख से प्रतापगढ़ ,उ.प्र. में जन्मा बालक बचपन में बच्चन कहलाया बड़े प्यार दुलार से। पारंभिक शिक्षा कायस्थ पाठशाला में हिंदी, उर्दू की शिक्षा पाई, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अंग्रेजी में एम.ए पास किया, कैंब्रिज में डब्लू. […]

कविता

व्यंग्य-संविधान दिवस

आइए ! मौका भी है दस्तूर भी है हमारे मन भरा फितूर जो है, आज भी हम संविधान संविधान खेलते हैं, जब रोज ही हम पूरी ईमानदारी से खेलते हैंं, तब आज भला खेलने से क्यों बचते हैं? चलिए तो सही आज संविधान दिवस की भी तनिक औपचारिकता निभाते हैं, आखिर साल के बाकी दिन […]

कविता

जिंदगी

जिंदगी व्यस्त नहीं अस्त व्यस्त हो गई है, जिंदगी जिंदगी न रही मशीन बन गई है। यह कैसा समय आ गया है घर, परिवार, समाज, रिश्तेदार की अजी बात छोड़िए, आदमी खुद के लिए भी समय नहीं निकाल पा रहा। ऐसा लगता है कि हम ठहरे अपने लिए समय निकाल तनिक अपने ख्याल में समय […]

कविता

आहत

कितना आसान है किसी को आहत करना, जले पर नमक छिड़कना । पर जरा सोचिए कोई आपको यूँ आहत करेगा तब कैसा लगेगा? मगर हम सब आदत से लाचार हैं, अपने क्षणिक मनोरंजन, खुशहाली या उदंडतावश ऐसा जब तब करते ही हैं, सामने वाले की पीड़ा बढ़ाते हैं उसकी बेबसी का मजाक बनाते हैं, औरों […]

कविता

तुलसी

तुलसी महज पौधा नहीं गुणों की खान है, हमारा भाग्य है, धरा पर अहोभाग्य है अद्भुत सौभाग्य है। मंगल आसानी, सर्वकल्याणी विष्णु संगिनी बनी लक्ष्मी सबके हितार्थ है। कार्तिक मास के शुक्लपक्ष में विधि से पूजन पाठ कीजिए, शुभफलदायी एकादशी व्रत से सारे संकटों से मुक्ति लीजिए। गुणकारी हैं तुलसी पौधा रोग निवारक इसके गुण, […]

सामाजिक

बदलता वक्त

बदलाव प्रकृति का शाश्वत नियम है, जिसके परिणाम सकारात्मक/नकारात्मक होते ही हैं। सदियों सदियों से बदलाव होते आ रहे हैं। जीवन के हर हिस्से में अनवरत हो रहे बदलाव का फर्क भी दिखता है। संसार भर में प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक, भौगौलिक, राजनैतिक, तकनीक, रहन सहन, विचार, व्यवहार, धरातलीय, आकाशीय, यातायात, संचार, साहित्य, कला, संस्कृति, परंपराएं […]

सामाजिक

कृतज्ञता का मनोभाव

कृतज्ञता एक मनोवैज्ञानिक भाव है ,जिसका संबंध सीधे दिल से जुड़ा होता है। मगर कृतज्ञता को व्यक्त करने का सबका अपना तरीका है। सिर्फ़ मानव ही नहीं, पशु पक्षी, कीड़े मकोड़े सहित संसार के जीवित प्राणियों में यह भाव देखा जा सकता है,महसूस किया जा सकता है। कृतज्ञता ज्ञापन का कोई गणितीय सूत्र नहीं है।परंतु […]