हाइकु/सेदोका

हाइकू

सुनहरा हो जीवन हर पल, सभी चाहते। ********** सब चाहते जीवन सुनहरा, हो हर पल। ********* जन जन की सुनहरे पलों की, ही चाहत है। ********* डर सबका ये सुनहरे पल, कब खो जायें। *********** विश्वास नहीं ये सुनहरा पल, चला भी गया। ************ भरोसा मुझे मेरा भी सुनहरा पल आयेगा। ********** खुशी मनाओ सुनहरे […]

लघुकथा

लघुकथा – भीख

कहते हैं लाचारी इंसान को कितना बेबस बना देती है।कुछ ऐसा ही मि.शर्मा को अब महसूस हो रहा है। कहने को तो चार बेटे बहुएं नाती पोतों से भरा पूरा परिवार है।मगर सब अपने अपने में मस्त हैं। महल जैसे घर में मि.शर्मा अकेले तन्हाई में सिर्फ मौत की दुआ करते रहते हैं।शरीर कमजोर है,आँखों […]

कविता

कविता

मन के भावों को शब्दों में पिरोते अभिव्यक्ति को आयाम देते शब्दों की माला ही तो कविता है। कविता का कोई रूप रंग जात पात आकार नहीं है, कविता शब्दों का संसार लिए मगर कोई व्यापार नहीं है। कविता भाव है,संवेदना है कविता आह है, पीड़ा है,वीणा है कविता कलमकार की कलम से निकले स्वरों […]

कविता

मेरा सृजन

सृजन शाश्वत सत्य है सृजन सृजक का प्राण है। सृजन कैसा भी हो! अच्छे से अच्छा या या कितना भी खराब, लेकिन उसमें समाहित होते हैं सृजक की भावना उसके भाव उसकी संवेदनाएं, सब कुछ झोंक देता है सृजक अपने सृजन में बड़ी तल्लीनता से गढ़ता है । उकेरता, बनाता,चित्रित करता शब्दमोतियों को पिरोता अथवा […]

लघुकथा

चुनौती

राम की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी,फिर भी वो अपनी बेटी की अच्छी शिक्षा के लिए हर संभव प्रयास करता रहता रहता। बेटियाँ भी इस बात को बखूबी समझती थीं।तभी तो बिना कोचिंग के भी वे अपने विद्यालय की टापर थीं। बड़ी बेटी आईआईटी के लिए तैयारी कर रही थी।उसे पता था कि उसके पापा […]

कविता

बहन

बहन छोटी हो या बड़ी बहन आधार होती है भाई बहनों और पापा मम्मी के मध्य सूत्रधार होती है। भाई बहन का संबल और दोस्त होती है, राजदार होती है। बहन ही है जो भाई बहन की खुशियों को आधार देती है, हर दर्द में बहन ही तो मरहम बनती है। एक बहन के बिना […]

हाइकु/सेदोका

हाइकू

माँ की ममता धरोहर बना ले, खुश रहेगा। ********* कठिनाइयाँ जीवन का दर्शन, साथ रहेंगी। ********* जीवनपथ सच्चाई से चल, प्रसन्न रह। ******** आक्रोश तेरा विनाश का कारण, अभी संभल। *********** ✍सुधीर श्रीवास्तव

हाइकु/सेदोका

हाइकू

हिन्दी तेरी दुर्दशा देखता हूँ, बस रोता हू्ँ। ———— भाषण होता हिंदी विषय पर, अंग्रेजी बोल। ————- कौन सुनेगा हिन्दी की पीड़ा थोड़ा, सब चुप हैं। ———— दुर्दशा मेरी देखकर भी मौन सब, कुछ तो करो —————— असहाय सी हिन्दी बेचारी क्यों? उपेक्षा पाती। ——————— ©सुधीर श्रीवास्तव

हाइकु/सेदोका

हाइकू

व्यक्तिव खोता जा रहा मेरा, क्या करूं मैं? +++++++++ सजा से अब कोई नहीं डरता, किसका डर? ++++++++++ गलती करे सजा मिल जाये तो, डर भी लगे। +++++++++++ जो हुआ हुआ अफसोस न कर, आगे तो बढ़। +++++++++++ अहसास हो समाज दे तो सही, भूख,पेट की +++++++++++ कभी दिल में मलाल मत लाना, भगवान देखता […]

हाइकु/सेदोका

हाइकू

सुख दुःख तो आते जाते रहेंगे, फिक्र न कर। +++++++ दु:ख आया है पहाड़ बनकर, जाने के लिए। ++++++++ सुख दु:ख तो स्थाई भाव नहीं, चला ही जाता। +++++++++ सब कहते सुख दु:ख जीवन, सत्य वचन। +++++++++ सुख आया है चला भी तो जायेगा, आने के लिए +++++++++ @सुधीर श्रीवास्तव