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  • गीतिका – पर्यावरण

    गीतिका – पर्यावरण

    आओ मिलकर शपथ लें पर्यावरण बचाएं हम। चहुंओर हरियाली हो प्रकति को सुंदर बनाएं हम। ताजी, ठंडी, खुली हवा मिले मन में हो खुशहाली, भारत भूमि के कण-कण में हरियाली फैलाएं हम। मनभावन पृथ्वी ये प्यारी...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    रूठे हुए दिल को मनाना भी जरूरी है। दिल से दोस्ती निभाना भी जरूरी है। यूँ तो जिंदगी में गम, निराशा, आसूँ बहुत, नमी आँखों की, दर्द छुपाना भी जरूरी है। वैसे तक़लीफ़, दुख-दर्द तो है...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    झूठे कसमें, वादे, कहानी लिखेंगे। जो आँखों से बहता पानी लिखेंगे। आरजू थी मुझे प्यार-ए-हसरत, बेवफाई जीवन में रवानी लिखेंगे। चाहती थी तुझे हद से भी ज्यादा, प्यार में धोखा, बेईमानी लिखेंगे। गैरों के खातिर तुमने...