कविता

बाल कविता – ‘प्यारे बच्चो ‘

भारत माँ के प्यारे बच्चो, बात हमारी सुन लो तुम। पथ पर बढने से पहले, अपना रस्ता चुन लो तुम। चंद्रशेखर आजाद बनो या बनो जवाहर, शास्त्री तुम। अपनी मेहनत और लगन से भारत को चमका दो तुम। हरिश्चन्द्र व वीर शिवाजी,, विवेकानन्द- सा बनना तुम। वीर भगत सिंह यदि बनो तो, फांसी  से  ना  […]

लघुकथा

लघु कथा- “श्रद्धा”

विनय पहली बार अपनी मम्मी के साथ मन्दिर जारहा था। रास्ते-भर माँ ने उसे अनेक उपदेश दिए, कि हमें हमेशा गरीबों की सेवा करनी चाहिए, जो दूसरों की सहायता करते हैं भगवान उसे वरदान देते हैं, हमें बडों की सेवा करनी चाहिये ,मन्दिर जाना चाहिये,भूखेको भोजन देना चाहिए, भगवान में श्रद्धा होनी चाहिये आदि आदि। […]

कविता

अजन्मी बेटी की व्यथा

देख रही हूं लुटता जीवन, छाया घोर अँधेरा हर पल जकड़े पथ में मुझको, शंकाओं का घेरा। मेरे जीवन की डोरी को माता यूं मत तोड़ो मैं भी जन्मूँ इस धरती पर,मुझे अपनों से जोड़ो। क्यों इतनी निष्ठुर हो  माता, क्या है मेरी गलती। हाय विधाता कैसी दुनिया, नारी नारी को छलती। समझ सको तो […]