कुण्डली/छंद

ममता ने की शांति की अपील

ममता तू है दोगली, स्वयं लगाकर आग अब कहती है जोर से, “भाग रे भइया भाग” भाग रे भइया भाग, तुम्हारी ऐसी-तैसी ! हिंदू गण से अधिक, दुलारे बंग्लादेशी कह सुरेश ‘मोमताज’ नहीं मेरे को जमता, आने दो चुनाव, भोगेगी तू भी ममता ।। — सुरेश मिश्र

कुण्डली/छंद

प्याज के अच्छे दिन आए

प्याज बेचारी क्या करे, लोग करें बदनाम ‘महबूबा’-सा किया है गोडाउन में जाम गोडाउन में जाम, मचा कोहराम देखिए सपनों मे अब यही आ रही राम देखिए कह सुरेश कल थी सड़कों पर मारी-मारी तरकारी की ताज बनी अब प्याज बेचारी ।। — सुरेश मिश्र

कुण्डली/छंद

बच्चो करना माफ

राम कसम इस बार तो, बच्चो करना माफ दिल में भारी टीस है, बतलाता हूँ साफ बतलाता हूँ साफ, शरम थी नहीं जरा सी जिसे वतन से बढ़कर लगती थी ऐय्याशी कह सुरेश जिसको अच्छी न लगी हिंदुआई उनके जन्म दिवस पर कैसे कहूँ बधाई।। — सुरेश मिश्र

कुण्डली/छंद

कुण्डली

योगी साहब देखिए, मरकर भी कमलेश हमको, तुमको, सभी को, दे गै इक संदेश दे गै इक संदेश, ‘”हमें तो बैर नहीं है’। भारत में भी अब हिंदू की खैर नहीं है” । कह सुरेश करिए इलाज जो मन के रोगी। ‘गोधरा कांड याद है तुमको, भइया योगी?’ — सुरेश मिश्र

गीत/नवगीत

न्याय मांगती ट्विंकल शर्मा

हम सबने लखनऊ दे दिया, दे दी दिल्ली-काशी मोदी भइया, रेपिस्टों को ,अब दिलवाओ फाँसी । तुमने केवल बहुमत मांगा, मगर तीन सौ पार दिये। राष्ट्र द्रोहियों के जितने दल, सात समुंदर पार किए। तुष्टिकरण को दिखा आइना,सारे भ्रम को दूर किए, नौटंकी बाजों को केरल जाने को मजबूर किए। इससे पहले हो हिंदू की […]

मुक्तक/दोहा

शेर बने बटेर (पासा पलटने वाले)

आज हवा फिर भइ मस्तानी याद आ रही कुछ को नानी मुरली लगे बजाने जोशी आशिष देत फिरें अडवानी। शत्रु सखा बेहाल पड़े हैं, सिद्धू मियाँ निढाल पड़े हैं कीर्ति और लवली को देखो सारे ही कंगाल पड़े हैं । कुशवाहा जी खींस निपोरे, उधर नायडू बने छिछोरे, उदितराज घर ही रह जाते लतियाते ना […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

किसी के हित में अपनी जान दे देना मुहब्बत है, किसी की आँख से आँसू चुराना भी इबादत है ।। किसी मंदिर में जा करके चुरा लें हम नई सैंडल उसे फिर ढूँढ़कर ‘स्लीपर’ दिलाना भी शराफत है । तुम्हारा दिल कोई तोड़े,उड़ा दे चैन रातों की करे ‘मी टू’ नहीं फिर भी ,तो समझो […]

कुण्डली/छंद

कुंडली

अफरीदी क्या कह रहा, सुन ले पाकिस्तान तू भी सुन हाफिज मियां, सुन ले ‘बे’ इमरान सुन ले ‘बे’ इमरान, अरे खल, पाकी टुच्चे जिस दिन सेना सनकी, नहीं बचेगा लुच्चे कह सुरेश आएंगे काम न भइया-दीदी । भिखमंगे कुछ सीखो क्या कहता अफरीदी ।। — सुरेश मिश्र

कुण्डली/छंद

कुण्डलियाँ

महबूबा को दे दिए, भइया अमित तलाक छाती पीट सिसक रहा, नीच निकम्मा पाक नीच निकम्मा पाक, शॉक पंजे को लागा अब्दुल्ला गद्दार, पुनः सोते से जागा कह सुरेश सैनिक के हाथ थमाओ सूबा बिना ‘हलाला’ गाँठ न जोड़ेंगे महबूबा ।। नौ दिन तक अनशन किए, मिस्टर नटवरलाल अब दस दिन तक करेंगे, कर्नाटक को […]

कुण्डली/छंद

कुंडली – गर्मी में

मनवां अइसा बावरा, पल-पल भरे कुलेल खेल रहा है आजकल, जियरा के सँग खेल जियरा के सँग खेल, भावनाओं की मंडी नैना खुद को समझे, दादा कागभुसुंडी कह सुरेश धक-धक दिल बोले कटे न दिनवां गर्मी में बाबू सठियाइ गयो है मनवां ।। — सुरेश मिश्र