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  • मतलब के रिश्ते

    मतलब के रिश्ते

    होते है जो मतलब के, वे रिश्ते पिसते रहते है, घावों से ज्यों रक्त निकलता, वैसे रिसते रहते है। जीवन कोरा, कोरी खुशियां, क्षण भर जो ना टिक पाये, ऐसे रिश्ते लाज के टुकड़े, हाथ में...

  • गौरी

    गौरी

    गौरी तेरी पांव की पायल, जब भी छम-छम बजती है, तेरी चाल मधुर कानों में, गजरा बनकर सजती है..! गौरी तेरे कान का झुमका, लटक बहुत इतराता है, देख इसे खुद कामदेव भी, अपना शीश झुकाता...

  • बचपन की चाह

    बचपन की चाह

    बारीकियों से सीखता ही आ रहा हूं, चाहता हूं मैं जरा सी जिंदगी। अनुभवों का मैं लबादा ओढ़कर, ना किसी को थोपना हूं चाहता। जाल सा मैं चाहता हूं तोड़ना, जो है घिरा इस उम्र में,...

  • नानाजी का तोहफ़ा

    नानाजी का तोहफ़ा

    पिछले रविवार को चुन्नु-मुन्नू बिट्टू के घर गए, बिट्टू की साइकिल को देख उनके सपने भर गए, चुन्नु मुन्नू से बोला, “देखो बिट्टू की साइकिल, उस पर बैठा बिट्टू देखो लगता है एक एंजिल।” मुन्नू फट...



  • देशभक्ति

    देशभक्ति

    पिछले दिनों नेताओं को आजादी दिवस के उपलक्ष पर देशभक्ति का भूत सवार हो गया. पर नेताओं को भाषण से ज्यादा कुछ आता भी तो नहीं है, तो माननीय नेताजी भाषण से ही अपनी और अपने परिवार की देशभक्ति की...



  • अब कहाँ है धीर..?

    विलम्ब के घन हो धड़ाधड़, चपला की हूंकार गड़ागड़, बूंदें गिरती है तड़ातड़, अश्रुओं के वीर… अब कहां है धीर? गिर पड़े गह्वर में शोणित, है ‘प्रजापति’ प्राण रंजित, भाल पर है भाग्य अंकित, लेख लिख...