गीत/नवगीत

तुम आना प्रिये

तुम आना प्रिये! अब की बार, बनकर दीपक मेरे सूने आँगन में। दिन-मास मेरा प्रतिकुल रहा, सच धीमा बीता यह साल। नींद गयी मेरा चैन गया, सच मैं आज हुआ बदहाल। रिक्त पड़ी मेरे हृदय की देहरी, औ एक सूनापन मेरे जीवन में। तुम आना प्रिये!…. नहीं रही पहले जैसी, पूनम की वो निराली रात। […]

लघुकथा

लघुकथा – एक ही बात

“छोड़ो न अंजू। हमारे जैसे कई लोग होते हैं जिनके औलाद नहीं होते।अपनी किस्मत में नहीं है संतान-सुख तो क्या कर डालें। अरी अंजू , क्या हम खुश नहीं है क्या? हमारा प्यार एक -दूसरे के लिए काफी नहीं है? मेरे लिए तेरा प्यार ही अनमोल है पगली। मेरी अंजू! तू मेरे लिए पर्याप्त.. पर्याप्त.. […]

गीत/नवगीत

भादों की बारिश में

छिपी बहुत सी गहरी बातें, भादों की बारिश में। वसुंधरा की धानी चुनर से, निसर्ग हुआ नयनाभिराम। शीतल आर्द्र पवन ने देखा, गगन हुआ घनश्याम। दादुर ने कुछ सुना ही दिया, भादों की तारीफ में। छिपी बहुत सी…। लहरा उठे हैं आँचल, इठलाती हुई नदियों के। तन-मन प्रफुल्लित हैं आज, पहाड़-पर्वत घाटियों के। झूमना याद […]

गीत/नवगीत

देश को तब मिली आजादी

आबाद होने को जब हुई बरबादी। देश   को   तब  मिली  आजादी।। दो   सौ   वर्षों  तक ,  देश   रहा   गुलाम। छिनी शांति लोगों की , जीना हुआ हराम। सन  संतावन  ने  जब   आग   लगा  दी , देश को…. माथे से पसीना टपका, खून गिरा सीने से। मौत  तो  बेहतर है ,  घुट-घुट के जीने से।। यह     […]

बाल कहानी

बालकहानी : शशांक की गुरुभक्ति

सिर्रीवन में सृष्टि ऋषि का आश्र था। आश्रम में रहकर विद्यार्थी विद्या प्राप्त करते थे ; क्योंकि पहले आज की तरह पाठशालाएँ नहीं थीं। विद्यार्थी अपने गुरू की सेवा मन लगाकर करते थे। आश्रम का पूरा काम विद्यार्थी ही किया करते थे ; जैसे – आश्रम की सफाई करना , लकड़ी लाना , पानी भरना […]

गीत/नवगीत

बसेरा ना जले

कभी किसी का बसेरा ना जले । तेरा ना जले, मेरा ना जले। । छोटा सा जीवन चार पहर । आधा गाँव सा आधा शहर । वो पावन सवेरा ना जले । कभी किसी का बसेरा ना जले। । पुरखों की थाती या अपनी कमाई । जिसे सँवारने पूरी ज़िंदगी गवाँई । मान-सम्मान का घेरा […]

गीत/नवगीत

कविता : कोरोना से जूझें

आओ साथी मिल कर , हम कोरोना से जूझें । जीवन एक संघर्ष है । एक विचार-विमर्श है । एक तरफ विषाद है , दूसरे तरफ हर्ष है । समूची धरा रणक्षेत्र हुई , हम हिम्मत करके कूदें । जग से हिल-मिल जाएँ । हर कोई साथ निभाएँ । शांति सयंम धैर्य रखें , बैरी […]

हाइकु/सेदोका

पाँच हायकू

( 1 ) खुद की रक्षा आज के लिए बनी देश-सुरक्षा । ( 2 ) संकट आया प्रकृति दोहन से प्राण गँवाया । ( 3 ) ‘ लौट आना माँ ‘ साँझ होते ही नीड़ देखूँ आसम़ाँ । ( 4 ) कहीं से आई चींटी देखती नहीं गिरि-ऊँचाई । ( 5 ) दोनों किनारे तीव्र […]

बाल कविता

दो बाल कविताएँ

आओ यार  स्वेटर   मफलर   रजाई । अजी तुम कहाँ हो भाई । ठण्ड  लगी  है मुझे जी । कुछ नहीं अब सूझे जी । छुपे  कहाँ  हो  भाई । दिखो जहाँ हो भाई । अपने साथ रखूँगा तुम्हें । कुछ  नहीं  कहूँगा तुम्हें । मैं तुम्हारे साथी प्यारे । बड़े  भले  चंगे  न्यारे । आओ […]

कविता

प्रयास

बच्चा रूठ गया तो क्या हुआ तू उसे मनाकर तो देख । जाल टूट गया तो क्या हुआ तू उसे जोड़कर तो देख । चड्डी फट गयी तो क्या हुआ तू उसे सीकर तो देख । ऐ मेरे भाई ! अरे कुछ हो गया तो क्या हुआ तू फिर से कुछ करके तो देख । […]