गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल : कोरोना का क़हर

ये कोरोना का क़हर, साज़िशों की बू आये हर तरफ़ मौत का डर, आँखों में आँसू आये घर को, घर के ही चराग़ों ने है जला डाला गाँव शमशान हुए, लाशों से बदबू आये सारी दुनियाँ हुई हलकान महामारी से रंग इसका, न कोई रूप, न ख़ुश्बू आये हम रुकेंगे, न थकेंगे, ये जंग जीतेंगे […]

गीत/नवगीत

गीत – आओ ऐसा दीप जलायें

आओ ऐसा दीप जलायें, मन का तिमिर मिटायें हृदय प्रेम से आलोकित हो, नफरत दूर भगायें जिनको नहीं चिराग मयस्सर, उनको गले लगायें सिर्फ न अपना घर हो रौशन, घर घर दीप जलायें आओ ऐसा दीप जलायें छोटा सा माटी का दीपक, नन्हा जुगनू प्यारा रात रात भर खुद जल जलकर, फैलाता उजियारा आओ हम […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल – आया है नया साल

आया है नया साल, चलो एहतेराम कर लें गुज़रे हुए लम्हात के क़िस्से तमाम कर लें झगड़े, फ़सादो-नफ़रत, उल्फ़त के नाम कर लें लाये जो इन्क़लाब कुछ ऐसे कलाम कर लें चारों तरफ़ है धूल – धुआँ, धुंध का आलम क़ुदरत के ख़ज़ाने को बचाने का काम कर लें बेटी की हो हिफ़ाज़त, खोये न […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल : परदेस के मेले में

रहते  हो  पास में  तुम, परदेस के  मेले में होते  न  हो  कभी गुम, परदेस के  मेले में रोली, न  कहीं  कुमकुम, परदेस के मेले में सोये   हुए   हैं   अंजुम, परदेस  के  मेले में परदेस में मिलती है मुस्कान भी मुश्किल से याद  आये  वो  तबस्सुम, परदेस के  मेले में उल्फ़त  के जो  तराने  तुमने  […]

गीत/नवगीत

गीत – विश्व योग दिवस : 21 जून

है  “विश्व  योग  दिवस” आज, नेक  काम  कर लो। कुछ  कसरतें,  श्वसन-क्रियायें, प्राणायाम  कर लो।। हैं  योग  की   ये  शक्तियां   नायाब   दोस्तो । हर रोज़  योग-आसनों को  तुम किया  करो। तप-योग से  हर  रोग का  क़िस्सा तमाम  कर लो। कुछ  कसरतें, श्वसन-क्रियायें, प्राणायाम  कर लो।। है  “विश्व योग दिवस” …….. अनुलोम और विलोम, भस्त्रिका ये […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

इस दुनियां में इंसानों के क़िस्से बड़े निराले हैं ऊपर से तो दिखते उजले, पर अंदर से काले हैं जिन हाथों ने पाला-पोसा उनको ही डँस लेते हैं धरती मां ने दूध पिलाकर, नाग कई ये पाले हैं अपने सीने से चिपकाए  रक्खा जिनको जननी ने उन  गद्दारों ने  मां की  छाती-छलनी  कर  डाले हैं […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

ये मेरा दिल है, तेरे शहर का बाज़ार नहीं प्यार करता है फ़क़त, प्यार का व्यापार नहीं नातवां हूँ मैं मगर इतना भी लाचार नहीं इश्क़ का मेरे मुक़ाबिल कोई बीमार नहीं भुला दे करके जो वादा मैं वो किर्दार नहीं तेरा मुज़रिम ही सही पर मैं गुनहगार नहीं एक मुद्दत से तुझे दिल में […]

गीत/नवगीत

हमारा भारत हमारा गणतंत्र

  आओ हम भारत को इस धरती का स्वर्ग बना डालें प्यार-मोहब्बत के फूलों से बग़िया ये महका डालें अद्भुत है गणतंत्र हमारा, दुनिया वाले कहते हैं कई जाति-मज़हब बोली वाले मिलजुल कर रहते हैं प्यारा हिन्दोस्तान हमारा, और इसे चमका डालें प्यार-मोहब्बत के फूलों से बग़िया ये महका डालें आओ हम भारत को……… कोई […]

गीत/नवगीत

नया साल

  ये अलसाई आँखों में सपने सजाकर, नया साल आया, नया साल आया कि माज़ी के हर दर्दो-ग़म को भुलाकर, नया साल आया, नया साल आया कि शबनम से धरती नहाई हुई है उमंगों की ख़ुश्बू समाई हुई है क्षितिज पर उषा-रश्मि-चादर बिछाकर, नया साल आया, नया साल आया ये झील और झरने, ये मौसम […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

  प्यार में आँखों से कुछ दिखता कहाँ है दोस्तो प्यार का पर्दा सा इक रहता जवाँ है दोस्तो प्यार तो रब की इबादत, गुलसितां है दोस्तो प्यार से पुरनूर  ये सारा समां है दोस्तो बस उन्हीं की याद से दिल बाग़बां है दोस्तो उनके जल्वों की ग़ज़ल दिल में निहाँ है दोस्तो दास्ताने- ‘लैला- […]