कविता

सन्तोष नहीं किसी को

सन्तोष नहीं है देखो आज इस जमाने में आज हर कोई लगा देखो  बस धन कमाने में।। सर ढ़कने को छत है फिर भी दो तीन बंगले चाहिए  बंगले कि चाहत में इंसा देखो  लगा है सर खपाने में ।। तन ढ़कने को भरपूर कपड़े होते हैं सभी के पास फिर भी फैशन के पीछे […]

गीतिका/ग़ज़ल

शायर हूं ना

उसकी मासूमियत के किस्से आओ मैं सुनाता हूं जिसे अपने ख्वाबों में रोज़ मैं सजा पाता हूं।। उसकी कज़्जरारी वो आंखें कातिल सी कज़्जरारी आंखों का काजल मैं चुराता हूं।। उसके सुर्ख गुलाबी लबों कि लाली की छटा अपने लबों से छुकर उस लाली को मैं पाता हूं।। उफ्फ उसकी घनी गेसूओं से लटकती जुल्फ़ै […]

गीत/नवगीत

याद है वो दिन आज भी

आज भी वो दिन हमको याद है सर पर हमारे मोहब्बत ए ताज है आज सीने में दफ़न वो एक राज है।। आज भी वो दिन हमको याद है।।२।। भरी बरसात में था उसका भीगा बदन भीगे कपड़ो में झलका था उसका चमन अधरों की लाली देख उसकी बहका मन।। आज भी वो दिन हमको […]

सामाजिक

रक्त की एक-एक बूंद बेशकिमती होती

आज चलिए बात करते हैं , एक-एक रक्त की बूंद के लिए जो कि किसी जरूरतमंद के लिए बहुत ही बेशकीमती होती है , जी हां आज इस विषय पर जज्बातों ने मुझे आकर गिरा वह जज्बात रक्तदान से संबंधित है , आज हमारे भारत देश में लाखों लोग विभिन्न प्रकार की गंभीर बीमारियों से […]

राजनीति

घाटियों में दर्द ए मंजर , हर वक्त फैला खतरा

घाटियां जो कि बहुत ही रमणीय स्थान होती हैं और हर देश की घाटियां प्राकृतिक सौंदर्य से भरी हुई अपनी और लोगों को आकर्षित करती ही रहती है  । पर्यटन स्थल की दृष्टि से घाटियॉं सर्वोत्तम स्थल मानी जाती पर्यटन के लिए । प्राकृतिक शुद्ध हवाओं कि भरमार , विभिन्न औषधियों से भरी घाटियों में […]

सामाजिक

मोह कभी-कभी घातक भी होता है

आज दिल वेदना से भरा हुआ इस कदर घायल हो चुका था कि अपने जज्बातों को रोकना पा रहे हैं और अपनी वेदना ओं को कलम के जरिए आप सभी तक पहुंचाने के लिए मेरी कलम ने मुझे मजबूर कर दिया मेरी वेदना का कारण आज सिर्फ मोह है , मोह भी एक ऐसी चीज […]

सामाजिक

मिलिए देश के कुछ देवदूतों से — ब्लड कार्डिनेटर

ब्लड कार्डिनेटर और रक्त दान दाताओं के लिए किसी मरीज़ के लिए सदैव सहयोग करना एक चुनौती भरा मानव सेवा का काम है , आज देश ही नहीं अपितु विदेशों में भी बहुत सी एसी सामाजिक संस्थाएं हैं जो कि ब्लड कार्डिनेटर के रूप में उन तमाम मरीजों को सहयोग करती हैं , जिनको कभी-कभी […]

सामाजिक

शादी के नाम पर क्या बस दिखावा हमारा फ़र्ज़

शादी के नाम पर क्या दिखावा करना है अब हमारा फर्ज हो गया है सच है परंतु यह कड़वा सच ऐसा सच है जिससे कोई भी मुंह नहीं मोड़ सकता है जानते सभी हैं इस कड़वे सच को परंतु कहता कोई कुछ नहीं है आज जब मन पर मेरे जज्बातों की वेदना ने दस्तक दी […]

सामाजिक

कहते हैं ज्ञान बॉंटने से ज्ञान बढ़ता है

अपने बड़ों से हमने यही कहावत बचपन से सुनी है कि यदि आपके पास कोई ज्ञान है और आप उसे बॉंटते हैं तो वह ज्ञान आपका दुगना आपको प्राप्त होता है कहते हैं ज्ञान बांटने से ज्ञान बढ़ता है । तो फिर मन में आज एक सवाल उठा है कि हमारे भारत देश में आज […]

कविता

चॉंद ने चॉंदनी से पूछा

चॉंद ने चॉंदनी से कहा तुम बिन मैं अधूरा हूं चॉंदनी शर्मा के बोली सजन चॉंद मैं सिर्फ तुम्हारी हूं।। पूनम का चांद बनूं या अमावस का हर रूप में साथ निभाई तू प्यारी है चॉंदनी चॉंद से बोली खुश होकर सौम्य स्वभाव मेरा क्यों कि मैं नारी हूं।। अमावस रात में मैं अकेला जब […]