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  • कविता

    कविता

    सोचती हूँ कुछ कविता लिखूँ तुम पर कुछ गीत भी लिखने को दिल करता है । शब्द नहीं मिल रहे चलो आज चंद अहसास ही लिख देती हूं अपने अन्दाज में क्यों रुलाते हो तुम मुझे...

  • अवसाद

    अवसाद

    जिंदगी भी कितने रंग बदलती है ।जब भी हम सोचते हैं कि सब कुछ अच्छा चल रहा है ,अचानक एक तेज आंधी आती है और सब कुछ बिखेरकर चली जाती है ,यही तो जिंदगी है ।हम...

  • श्रद्धा

    श्रद्धा

    श्रद्धा , हेलो ,दीपाजी वो अगले हफ्ते जो कार्यक्रम होना था किसी वजह से केंसिल हो गया है ।आप चिंता न करें अगले महीने जब भी कार्यक्रम होगा हम आपको जरूर बुलाएंगे “………फ़ोन की घंटी बजते...

  • प्यार

    प्यार

    प्यार का अर्थ बहुत व्यापक होता है ।जीवन का सार सिमटा हुआ है इस ढाई शब्द में । किसी के लिए प्यार सिर्फ काम है , तो किसी के लिए खेल ## किसी के लिए जाम...

  • जिंदगी

    जिंदगी

    भूल गया जो अपना पथ फिर मंजिल का है भान कहाँ । काँटों पर चलकर ही तो मिल पाता है अंजाम यहाँ । भूल गया जो दुख को अपने , सुख का है आभास कहाँ ,...

  • कविता

    कविता

    जिंदगी की वीरानियों को समेटने की नाकाम कोशिशें , ले आती हैं इंसान को जब कभी दोराहे पर बिखर जाता है एक अंधेरा से चारों तरफ । सुलगने लगता है शांत पड़ा अहसास भी दहकती हुई...

  • बलात्कार

    बलात्कार

    क्या से क्या आज की कहानी हो गयी , हर तरफ चर्चा रेप का दुनिया दीवानी हो गयी । भाषणबाजी ये आज आम हो गयी , आज औरत खुलेआम बदनाम हो गयी । सतयुग में द्रौपदी...

  • गीत

    गीत

    भूला बिसरा गीत हूँ मैं , जब चाहा गुनगुना लिया । खुदा की कोई भूल हूँ मैं , जब चाहा आजमा लिया । साहिल का पत्थर हूँ मैं, जब चाहा पार लगा लिया । रास्ते की...

  • इंतजार

    इंतजार

    जबसे गए हो तुम पिया , न खत भेजा न पूछी बात । जबसे मिले हो तुम पिया , न चैन रहा न दिल है साथ । कैसी हो तुम कब आओगी नैनो में तुम कब...

  • इबादत

    इबादत

    इबादत ही तो है जिंदगी , कर्म करो फल की इच्छा मत करो । अहसान ही तो है जिंदगी ऊपरवाले की नाचते रहो उफ्फ मत करो । चलते रहो अनजान रास्तों पर , मंजिल की तलाश...