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  • वक़्त

    वक़्त

    मुखातिब हो रही थी धीरे धीरे कृष्ण की राधिका बनकर वक़्त ने छल लिया फिर से नसीब का सिलसिला बनकर पैबंद सी लिए थे आह के धीरे धीरे समय की नजाकत समझकर वक़्त ने छल लिया...

  • दर्द

    दर्द

    दर्द ही दर्द है जिंदगी ऐ हमसफर , एक बार मेरे दिल में भी झांका होता । भूल जाते मुझे कहना बेबफा , गर दर्द को मेरे यूँ समझा होता । …. दो कदम साथ चलकर...

  • तन्हाई

    तन्हाई

    तन्हाई क्यों न मुझे रास आई सही मायनों में तू ही तो थी मेरी अपनी सबसे बड़ी सगाई । अल्फाजों का क्या है चले आते हैं दबे पाँव सिर उठाये कभी भी जेहन में क्यों शब्दों...

  • इश्क़

    इश्क़

    प्यार की गहराइयों में डूबते उतरते जज्बात आह्लाद के साथ दे जाते रंज का भी आघात। यकीन कैसे होता नसीब का ओ हमराज अपने होकर भी रहे हमेशा गैरों के साथ । बुजदिली नही होती आँसुओ...

  • प्रेम की वीणा

    प्रेम की वीणा

    प्रेम की वीणा पर जब भी थिरकते हैं कदम सराबोर हो जाता यूँ ही बहक जाता है मन चांदनी में नहाए हुए बोल खनक जाते हैं , चाँद से मिलने को यूँ ही तड़फ जाता है...

  • कविता

    कविता

    एक अधूरेपन को भरने की नाकाम कोशिश का नाम है कविता । एक दर्द को दिलासा देने की यथार्थ कोशिश का नाम है कविता एक रूठी हुई जिंदगी को मंजिलों तक पहुचाने की कोशिश का नाम...

  • प्रहरी

    प्रहरी

    दुखता हुआ नासूर हर पल दर्द देता है गिरता हुआ आँसूं जब अकेला बना जाता है दर्द का प्रहरी न जाने क्यों कोई नहीं बनता , सुख का दामन हर कोई थाम लेता है । अक्स...


  • चल अकेला

    चल अकेला

    डूब गया जब कोई सितारा, दिल को न बहकाना तुम , आएगा फिर मौसम बहार का , आंखों को न नम कर जाना तुम । महफ़िल मस्ती की मिल जाये हर पल ये कोई जरूरी नहीं।...

  • नया साल

    नया साल

      बदल जाती होंगी ,नए साल में कैलेंडर के रंग और तहरीरें । बदल जाते होंगे घरों के आगे पड़े हुए कूड़े के भी दिन । बदल जाते होंगे दिलों में पनपते हुए नफरत के बीज...