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  • ख्यालात

    ख्यालात

    उलझे उलझे से ख्यालात कर जाते हैं बैचैन मुझे , खुश रहने की जिद में और भी उलझ गयी जिंदगी । बहके बहके से जज्बात रुलाते हैं मुझे , रुत प्यार की पतझड़ बना गयी जिंदगी...

  • पिता की गोद

    पिता की गोद

    काश मैं फिर से छोटी बच्ची बन जाती और तुम्हारी गोद में खेल पाती । झूल जाती तुम्हारे कंधों पर तुम्हारे बालों से छेड़ पाती । न होती कोई कमी कभी भी प्यार की दुलार की...

  • आर्तनाद

    आर्तनाद

    आर्तनाद वो धरा का पिघलता हो यूँ शबाब बिखर गई वो शमा यूँ अंधेरा हो लाजवाब । चट्टानों की वो खामोशियाँ सुन रहा है जहाँ , द्वन्द के बीच में शान्त चमक रहा आफताब कविता की...

  • दर्द

    दर्द

    दर्द को रूह में उतारकर हमने जो लिखी रुसवाई , तड़फकर दुनिया भी कह उठी ये कहाँ से शबे गम आई । फिराक ऐ यार के अदब में जुर्रतें तो मिसाल थी , अदब ऐ इश्क़...

  • गृहिणी

    गृहिणी

    हां मैं सिर्फ एक हाउसवाइफ ही तो हूँ समाज की नजरों में जिसका कोई वजूद नहीं । सपनों को आंखों में बसाए , ख़्वाबों को दिल में छिपाए कब बड़ी हो जाती है लड़की उम्र का...

  • हाउसवाइफ

    हाउसवाइफ

    हां मैं सिर्फ एक हाउसवाइफ ही तो हूँ समाज की नजरों में जिसका कोई वजूद नहीं । सपनों को आंखों में बसाए , ख़्वाबों को दिल में छिपाए कब बड़ी हो जाती है लड़की उम्र का...

  • इश्क़

    इश्क़

    जीने की आरजू में रोज मरते हैं , हम वो परवाने हैं जो इश्क़ की आग में रोज खुद को फना करते हैं । तड़फते हैं दिन भर इश्क़ के चूल्हे में रात को इश्क़ के...

  • मौसम

    मौसम

    देखकर मौसम का मिजाज कोई भूला याद आता है । न जाने क्यों जिंदगी से कोई अनजान नाता जुड़ जाता है । बीत जाएँ चाहे हजारों सदियाँ पर दिल न जाने क्यों , भूल नहीं ….पाता...

  • जिंदगी

    जिंदगी

    जन्नत सी लगती है कभी जमीं तो कभी घने जंगल के मानिंद । देखकर हसीं चेहरा खुश हो जाती , तो बिखर जाती कभी अरमान सी। किताब जैसे अल्फाज सुकून दे जाते , मोतियों की माला...

  • जज्बात

    जज्बात

    उबलते हुए जज्बात आंखों के रास्ते , गर्म पानी बनकर बहने लगते हैं जब । उम्मीदें दूर से एक आवाज लगाती है , अहसास दर्द के चीखने लगते हैं तब। नशा बन जाता है इश्क़ जहर...