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  • आह

    आह

    आह की तुम बात न करो , आंसुओं को कब भिगो पाया है जहां  बहती ही रही नदी निस्वार्थ भाव से किनारों को कब साहिल दे पाया है जहाँ ।   प्यार की तुम बात न...

  • मोहब्बत

    मोहब्बत

    बैरन धूप और रक्त की छांव पर गुरूर क्या करना , तन्हाई के सबब को यूँ सरेआम बयान क्या करना । कशिश ऐ इश्क़ गैरों के सामने फरमान साबित हुआ अपनों की बेबफाई का पल पल...

  • एक इंच मुस्कान

    एक इंच मुस्कान

    एक इंच मुस्कान मिल जाती है डेली , ख्यालों में यूँ ही तुम्हे सोचते हुए , साथ जीने के लम्हे बुनते हुए । धड़कनों में गीत सुनते हुए , सिर्फ तुम्हें ही सोचा है आँसुओं में...

  • बरसात

    बरसात

      जीने का सबब जगाती है ये बरसात , बिन मौसम के भी आ जाती है बरसात । कहीं पर लगते हैं खुशियों के मेले , कहीं पर आंसूं दे जाती है बरसात । थम रही...

  • दुनिया

    दुनिया

    आह की तुम बात न करो , आंसुओं को कब भिगो पाया है जहां बहती ही रही नदी निस्वार्थ भाव से किनारों को कब साहिल दे पाया है जहाँ । प्यार की तुम बात न करो...

  • अवसाद

    अवसाद

    जिंदगी भी कितने रंग बदलती है ।जब भी हम सोचते हैं कि सब कुछ अच्छा चल रहा है ,अचानक एक तेज आंधी आती है और सब कुछ बिखेरकर चली जाती है ,यही तो जिंदगी है ।हम...

  • प्रीत

    प्रीत

    नेह लगाकर भूल गए क्यों पास बुलाकर दूर गए क्यों। मैं तो तुम्हरी प्रीत बाबरी , वंशी बजाकर छोड़ गए क्यों । अँखियाँ मेरी सावन भादों , याद तुम्हारी मुझे बहकाबें । प्रीत हैं जब राधा...

  • जज्बात

    जज्बात

    जज्बातों में भीगा हुआ कुछ तन्हा सा मुकाम था कुछ लफ्ज थे उलझे हुए कुछ तन्हाई का पैगाम था समझाया था दिल ने मेरे छोड़ दे उम्मीद किसी से न माना था ये दिल मेरा गहराई...

  • ख्यालात

    ख्यालात

    उलझे उलझे से ख्यालात कर जाते हैं बैचैन मुझे , खुश रहने की जिद में और भी उलझ गयी जिंदगी । बहके बहके से जज्बात रुलाते हैं मुझे , रुत प्यार की पतझड़ बना गयी जिंदगी...

  • पिता की गोद

    पिता की गोद

    काश मैं फिर से छोटी बच्ची बन जाती और तुम्हारी गोद में खेल पाती । झूल जाती तुम्हारे कंधों पर तुम्हारे बालों से छेड़ पाती । न होती कोई कमी कभी भी प्यार की दुलार की...