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  • समाधान

    समाधान

    चित्र प्रदर्शनी के दर्शक-दीर्घा में आगुन्तकों की नजर एक विशेष चित्र पर अटक जाती और वह वाहः कर उठते हैं… अद्वितीय चित्र, चित्रकार को खोजने पर सभी को विवश कर रहा था… चित्रकार श्यामा और उसका...

  • वक़्त का न्याय

    वक़्त का न्याय

    वक़्त करवट बदलता जरूर ही है … तालियों की गड़गड़ाहट और वन्स मोर-वन्स मोर का शोर साबित कर रहा था कि अन्य प्रतिभागियों-संगियों की तरह उसकी भी रचना और प्रस्तुतितीकरण से दर्शक दीर्घा में बैठे साहित्य...


  • उलझन में लिपटा जीवन

    उलझन में लिपटा जीवन

    .अनेकानेक दलों के मैनिफेस्टो को वह अबतक आकंलन-निरीक्षण-परीक्षण करता रहा था… आजतक कोई सरकार उसे ऐसी नहीं दिखी जो जारी किए अपने मैनिफेस्टो को पूरा लागू करने में सक्षम रही हो। फिर चुनावी मौसम गरमाया हुआ...


  • लघुकथा – परीक्षा

    लघुकथा – परीक्षा

    “माँ! माँ आज मैं बेहद खुश हूँ… आप पूछेंगी ही क्या कारण है… पहले ही बता दूँ कि हमारी सारी चिंताएं-परेशानियाँ खत्म होने वाली है… मैं जिस कम्पनी में काम करती हूँ उसी कम्पनी में साकेत...



  • आज का हामिद

    आज का हामिद

    तब हामिद क्या करता, कल्पना करना मुश्किल लगा तो सोच रही हूँ…   गाँधीमैदान में ट्रेड फेयर लगा था। स्कूल के कुछ मित्रों ने वहाँ चलने की योजना बनायी। सभी बच्चे बड़े घरानों से थे लेकिन कौशल एक...