पुस्तक समीक्षा

चिंतन जीवन में बहुल्य है

हमारे आस पास ऐसे बहुत से लोग हैं वे हमेशा जिंदगी की भागम भाग में  चिंता ग्रस्त रहते हैं लेकिन ऐसे में चिंतन जैसी पुस्तक हताशा से हारे हुए इंसान के अंदर  विश्वास पैदा करने का काम करने में सफल हो सकती है । मुझे चिंतन पुस्तक को पढ़ कर ऐसा लगता है मानो जैसे  […]

स्वास्थ्य

पाचन तंत्र के लिए वरदान: नौली क्रिया

यौगिक षट्कर्मोें के अन्तर्गत पाँच क्रियाओं की चर्चा हम पहले कर चुके हैं। छठी क्रिया नौली की चर्चा यहाँ की जा रही है। यह क्रिया पेट की माँसपेशियों को गतिशील करने के लिए की जाती है, जिसका पाचन तंत्र और मल निष्कासन तंत्र पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह क्रिया करना थोड़ा कठिन है, […]

भाषा-साहित्य

सही अक्षर का उपयोग

शुद्ध हिन्दी लिखने के लिए यह भी आवश्यक है कि हम शब्दों में सही अक्षरों का उपयोग करें। गलत अक्षर का उपयोग करने पर बात भले ही समझ में आ जाये, लेकिन शब्द अशुद्ध हो जाता है। हम बता चुके हैं कि हिन्दी में किसी शब्द की कोई वर्तनी नहीं होती, उसे उसके उच्चारण के […]

भाषा-साहित्य

मात्राओं का उपयोग

देवनागरी लिपि की विशेषता इसकी मात्राएँ हैं। इन्हीं मात्राओं में नागरी लिपि और हिन्दी भाषा की शक्ति छिपी हुई है। केवल 12 मात्राओं और 36 व्यंजनों में मानव वाणी के सभी सम्भव स्वर समाये हुए हैं। इसलिए किसी भी भाषा को कोई भी शब्द नागरी लिपि में अधिकतम शुद्धता के साथ लिखा जा सकता है। […]

इतिहास

ताश का महल धराशायी होगा

जी हाँ, आपने सही पढ़ा है। अलीगढ़ छाप वामपंथी इतिहासकारों ने मुस्लिम शासन विशेष रूप से मुगल शासकों का जो चमकदार इतिहास बना रखा है, वह अब धराशायी होने वाला है और सच्चा इतिहास सामने आने वाला है, जिसमें इन शासकों का असली क्रूर और ऐयाश चेहरा उजागिर हो जाएगा, जिसे सबको मानना पड़ेगा। विगत […]

यात्रा वृत्तान्त

हमारी तिरुपति यात्रा

तिरुपति वेंकटेश्वर मन्दिर भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक है। यह आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है। प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में दर्शनार्थी यहां आते हैं। समुद्र तल से 3200 फीट ऊंचाई पर स्थित तिरुमला की पहाड़ियों पर बना श्री वेंकटेश्‍वर मंदिर यहां का सबसे बड़ा आकर्षण है। कई शताब्दी पूर्व […]

भाषा-साहित्य

बिन्दु और चन्द्रबिन्दु

अधिकतर लेखक बिन्दु और चन्द्रबिन्दु में अन्तर नहीं जानते। हालांकि सरकार द्वारा स्वीकृत मानक हिन्दी में चन्द्रबिन्दु का उपयोग आवश्यक नहीं रह गया है और उसकी जगह केवल बिन्दु का उपयोग करने की अनुमति दी गयी है, लेकिन शुद्ध हिन्दी में दोनों का महत्व है। इसलिए हम यहाँ दोनों का अन्तर स्पष्ट कर रहे हैं। […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल : एक थूकजादे का बेबाक़ बयान

रोक सको तो रोको हम तो पत्थर फेंकेंगे शीशा टूटे या सिर फूटे हम नहीं देखेंगे रस्ता रुकता हो रुक जाये हमको क्या करना जाजम वहीं बिछाकर हम तो चूतड़ टेकेंगे सड़क किनारे फ़र्ज़ी कब्र बनायेंगे औ’ पटरी पर चादर हरी बिछाकर उस पर मत्था टेकेंगे रोटी सब्ज़ी में, सिर मुँह पर, पानी में, बिरयानी […]

भाषा-साहित्य

अनुस्वार का उपयोग

अधिकतर नये और कई धुरन्धर लेखक भी हिन्दी लिखते समय अनुस्वार (बिन्दी) लगाने में बहुत मनमानी करते हैं। वे इसे फालतू का चिह्न समझते हैं और इसे उपेक्षित करने में अपनी शान समझते हैं। वे ‘में’ को ‘मे’ और ‘नहीं’ को ‘नही’ इतने अधिकार से लिखते हैं कि उनके साहस पर आश्चर्य होता है। वे […]

स्वास्थ्य

आँखें ठीक करने और चश्मा उतारने का रामवाण उपाय : त्राटक

आँखों का कमजोर होना एक आम शिकायत है। आजकल बहुत छोटे-छोटे बच्चों की आँखों पर भी चश्मा चढ़ा हुआ दिखायी देता है। देर तक टीवी देखना, कम्प्यूटर पर गेम खेलना और फास्ट फूड खाना इसके प्रमुख कारण हैं। आँखें ठीक करने के लिए आँखों के विशेष व्यायाम दिन में कम से कम एक बार नियमित […]