स्वास्थ्य

वमन या कुंजल

पानी पीकर मुँह से निकाल देने की क्रिया को कुंजर कहा जाता है। (कुछ लोग इसे कुंजर कहते हैं।) यह क्रिया एनीमा की पूरक क्रिया है। एनीमा से बड़ी आँतों और गुदा की सफाई होती है, तो कुंजल क्रिया से आमाशय और छोटी आँतों की सफाई हो जाती है। जब किसी कारणवश अपचन हो गयी […]

राजनीति

सीमांचल का सबक

बिहार विधानसभा के चुनावों में ओवैसी की पार्टी को अकेले पाँच सीटें मिल जाना कोई साधारण बात नहीं है। इसके दूरगामी परिणाम होना अवश्यंभावी है। सीमांचल का क्षेत्र बिहार के उत्तरी-पूर्वी कोने पर वह क्षेत्र है जहाँ गर्दन जैसा एक सँकरा गलियारा प्रारम्भ होता है जो समस्त पूर्वोत्तर भारत को शेष देश से जोड़ता है। […]

स्वास्थ्य

कोरोना से बचाव एवं रोगप्रतिरोधक क्षमता का विकास

कोरोना या कोविड-19 का अभी तक कोई सफल और विश्वसनीय उपचार नहीं निकला है। इसलिए ‘बचाव ही इलाज है’ यह वाक्य कोरोना पर पूरी तरह लागू होता है। इससे बचे रहने के लिए सामान्यतया तीन प्रमुख दिशानिर्देश दिये जाते हैं- 1. फेसमास्क लगाना- घर से बाहर निकलते समय फेसमास्क लगाना आवश्यक है, ताकि बाहरी वातावरण […]

स्वास्थ्य

स्वास्थ्य का बीमा – साप्ताहिक उपवास

प्रत्येक व्यक्ति और प्राणी को विश्राम की आवश्यकता होती है। प्रत्येक कर्मचारी को सप्ताह में एक या दो बार छुट्टी दी जाती है। बाजार भी सप्ताह में एक दिन बन्द रहते हैं। यहाँ तक कि हमारे देवता भी चार महीने के लिए सो जाते हैं। बड़ी-बड़ी मशीनों को भी कुछ समय तक बन्द रखा जाता […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

मरहूम शायर जनाब *लानत इंदौरी साहब* ने नरक से यह ताज़ा ग़ज़ल भेजी है- यह तो दोज़ख़ है, जन्नत इसका नाम थोड़ी है यमदूतों का राज है, अब्बा का निज़ाम थोड़ी है शैतान ही शैतान मिलते हैं यहाँ चारों तरफ यह कोई ख़ुदा या फ़रिश्तों का मुक़ाम थोड़ी है घूमते हैं यहाँ हर तरफ़ लिजलिजे […]

स्वास्थ्य

अमृत फल बेल

एक कहावत है- ‘चैत चना बैसाखे बेल, जेठे शयन असाढ़े खेल’ अर्थात् चैत्र के महीने में चने का सेवन करना चाहिए और वैसाख के महीने में बेल का, ज्येष्ठ के महीने में सोना चाहिए और आषाढ़ में खेलना चाहिए। यहाँ जिस बेल का उल्लेख किया गया है, वह हमारा जाना पहचाना बेल फल है, जिसके […]

स्वास्थ्य

सिकाई

कई बार हमें शरीर के किसी अंग की गर्म या गर्म-ठंडी सिकाई करने की आवश्यकता होती है। विशेष रूप से जब वात रोग के कारण जोड़ों में दर्द होता है, जैसे पैरों में या हाथों में, तो गर्म सिकाई उन जोड़ों की जकड़न को दूर करके दर्द कम करती है। नियमित यह करने पर दर्द […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

जाहिलों का इस देश में कोई काम थोड़ी है ये मादरे-वतन है ग़द्दारों का मुक़ाम थोड़ी है अगर कोई थूकता है तो उससे ही चटवा दो ये वायरस के वाहक हैं कोई मेहमान थोड़ी हैं जो देश के क़ानून को न मानें तो ऊपर भेजो ये समाज के दुश्मन हैं अब्दुल कलाम थोड़ी हैं इंसानियत […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

घर से बाहर जाने की इजाज़त नहीं वायरस को बुलाना शराफ़त नहीं भूल जाओ अब सारी चिंताओं को इससे बड़ी अब कोई मुसीबत नहीं घर में जो भी है उससे गुज़ारा करो ख़रीदने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं सुबहोशाम देखो रामायण को ही इससे बढ़कर है कोई इबादत नहीं कुछ दिन घर में बैठे रहो बेफ़िकर […]

राजनीति

देरी से मिला अधूरा न्याय

अन्ततः निर्भया के चार बलात्कारियों-हत्यारों को फाँसी पर लटका दिया गया। यह न्याय देर से तो मिला ही अधूरा भी है, क्योंकि पाँचवाँ अपराधी तो कुदरती मौत मर गया और छठा अपराधी मोहम्मद अफरोज सिलाई मशीन और हजारों रुपयों का इनाम पाकर कहीं मौज कर रहा है। कहावत है कि देरी से न्याय देना, न्याय […]