गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

जाहिलों का इस देश में कोई काम थोड़ी है ये मादरे-वतन है ग़द्दारों का मुक़ाम थोड़ी है अगर कोई थूकता है तो उससे ही चटवा दो ये वायरस के वाहक हैं कोई मेहमान थोड़ी हैं जो देश के क़ानून को न मानें तो ऊपर भेजो ये समाज के दुश्मन हैं अब्दुल कलाम थोड़ी हैं इंसानियत […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

घर से बाहर जाने की इजाज़त नहीं वायरस को बुलाना शराफ़त नहीं भूल जाओ अब सारी चिंताओं को इससे बड़ी अब कोई मुसीबत नहीं घर में जो भी है उससे गुज़ारा करो ख़रीदने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं सुबहोशाम देखो रामायण को ही इससे बढ़कर है कोई इबादत नहीं कुछ दिन घर में बैठे रहो बेफ़िकर […]

राजनीति

देरी से मिला अधूरा न्याय

अन्ततः निर्भया के चार बलात्कारियों-हत्यारों को फाँसी पर लटका दिया गया। यह न्याय देर से तो मिला ही अधूरा भी है, क्योंकि पाँचवाँ अपराधी तो कुदरती मौत मर गया और छठा अपराधी मोहम्मद अफरोज सिलाई मशीन और हजारों रुपयों का इनाम पाकर कहीं मौज कर रहा है। कहावत है कि देरी से न्याय देना, न्याय […]

स्वास्थ्य

पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए कटिस्नान

यह क्रिया आँतों को मजबूत करने और पाचन शक्ति बढ़ाने में बेजोड़ है। इसके लिए चित्र में दिखाये गये अनुसार टीन या प्लास्टिक का एक टब बाजार में बना-बनाया मिलता है या आर्डर देकर बनवाया जा सकता है। कटिस्नान लेने के लिए टब में ठंडा पानी इतना भरिये कि उसमें बैठने या लेटने पर कमर […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

अपनी हिन्दू संस्कृति ही सर्वश्रेष्ठ है

इस समय जब सारा संसार कोरोना वायरस जैसी भयावह समस्या से जूझ रहा है तो सभी यह अनुभव कर रहे हैं कि पाश्चात्य जीवन शैली और संस्कृति के बजाय हमारी प्राचीन हिन्दू जीवन शैली और संस्कृति ही स्वस्थ और सुखी रहने का सर्वश्रेष्ठ उपाय है। इसके कई कारण हैं जिनकी हम संक्षेप में यहाँ चर्चा […]

स्वास्थ्य

एनीमा

यह आयुर्वेद द्वारा बतायी गयी वस्ति क्रिया का आधुनिक और सरल रूप है। यह प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति की प्रमुखतम क्रियाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य है बड़ी आँतों की सफाई करना, क्योंकि बड़ी आँतों में बहुत सा मल एकत्र होकर सड़ता रहता है, जो अपने आप नहीं निकलता। उसको गुदा में पानी चढ़ाकर और उसमें […]

मुक्तक/दोहा

मुक्तक

खून  सने  हाथों  से मैं भी अगर रोटियाँ खा लेता। नोटों की बारिश हो जाती अगर भाट बन गा लेता। लाख सहा दुख मैंने लेकिन रखा आत्मा को जिंदा वरना थोड़े से ज़मीर के बदले सब कुछ पा लेता।। — डॉ अवधेश कुमार अवध

स्वास्थ्य

सभी बीमारियों की माता है कब्ज

प्राकृतिक चिकित्सा का मानना है कि आकस्मिक दुर्घटनाओं को छोड़कर सभी रोगों की माता पेट की खराबी कब्ज है। इसमें मलनिष्कासक अंग कमजोर हो जाने के कारण शरीर से मल पूरी तरह नहीं निकलता और आँतों में चिपककर एकत्र होता रहता है। अधिक दिनों तक पड़े रहने से वह सड़ता रहता है और तरह-तरह की […]

स्वास्थ्य

मिट्टी की पट्टी

यह प्राकृतिक चिकित्सा की सबसे प्रमुख क्रिया है। मैं लिख चुका हूँ कि प्राकृतिक चिकित्सा का मानना है कि आकस्मिक दुर्घटनाओं को छोड़कर सभी बीमारियों की माता पेट की खराबी कब्ज है। कब्ज पुराना पड़ जाने पर आँतों में मल चिपककर सड़ता रहता है और शरीर में विकार पैदा करता है, जिससे अनेक प्रकार की […]

स्वास्थ्य

प्राकृतिक चिकित्सा क्या है?

हमारा शरीर पाँच प्रमुख तत्वों से बना है- ‘क्षिति, जल, पावक, गगन, समीरा। पंच तत्व यह रचित शरीरा।।’ यदि किसी कारणवश हमारा शरीर अस्वस्थ हो गया है, तो इन्हीं पाँच तत्वों (मिट्टी, पानी, धूप, हवा और उपवास) के समुचित प्रयोग से पुनः स्वस्थ हो सकता है। यही प्राकृतिक चिकित्सा विज्ञान है। प्राकृतिक चिकित्सा का मानना […]