Author :

  • तान्या

    तान्या

    आज : दोपहर १ बजे मैंने सारे बर्तन सिंक में डाले और उन्हें धोना शुरू किया. आज मन कुछ अच्छा नहीं था. सुबह से ही अनमना सा था. कोई भी काम सही तरह से नहीं हो...


  • मेन इन यूनिफ़ॉर्म

    मेन इन यूनिफ़ॉर्म

    —————————————– भागएक ————————————— धाँय ….धाँय ….धाँय ….. तीन गोलियां मुझे लगी, ठीक पेट के ऊपर और मैं एक झटके से गिरा….गोली के झटके ने और जमीन की ऊंची -नीची जगह के घेरो ने मुझे तेजी से वहां पहुचाया, जिसे NO MAN’S LAND कहते है...

  • शिष्टाचार

    शिष्टाचार

    ईश्वर के द्वारा रचे गए इस संसार में सबसे अद्भुत प्राणी सिर्फ मनुष्य ही है.मनुष्य को ही ईश्वर ने ज्ञान और बुध्दि से नवाज़ा है ,ताकि वो अन्य सभी प्राणियों में श्रेष्ठ रहे . मनुष्य जैसे...



  • लघुकथा : बेटी

    लघुकथा : बेटी

    आज शर्मा जी के घर में बड़ी रौनक थी, उनकी एकलौती बेटी ममता की शादी जो थी. बहुत से मेहमानों से घर भरा हुआ था, दरवाजे पर शहनाई बज रही थी, खुशियों का दौर था. शर्मा जी...

  • लघुकथा : माँ

    लघुकथा : माँ

    मैंने रेड सिग्नल पर अपनी स्कूटर रोकी . ये सिग्नल सरकारी हॉस्पिटल के पास था . उस जगह हमेशा बहुत भीड़ रहती थी. मरीज , बीमार, उनके रिश्तेदार और भी हर किस्म के लोगों की भीड़...

  • कहानी : जनम

    कहानी : जनम

    गोपाला ने अपना एक झोला और बैग लिया और ट्रेन में बैठ गया, ये ट्रेन दुर्ग से जगदलपुर जा रही थी। गर्मी के दिन थे, उसे खिड़की के पास वाली सीट मिली । ट्रेन चलने लगी तो...

  • इंतजार 

    इंतजार 

    मेरी ज़िन्दगी के दश्त, बड़े वीराने है दर्द की तन्हाईयाँ, उगती है मेरी शाखों पर नर्म लबों की जगह…….!! तेरे ख्यालों के साये उल्टे लटके, मुझे क़त्ल करतें है ; हर सुबह और हर शाम…….!! किसी...