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  • अँधी सोच….

    अँधी सोच….

    मेघा एक बेबस लाचार असहाय वक़्त की मारी हुई वो लड़की थी, ‘जिसे ईश्वर ने बेहद खूबसूरती से नवाज कर साथ में गरीबी, अपाहिज बाप, दमे की मरीज मां व तीन छोटे भाई बहनों की जिम्मेदारी...

  • कौन अपना ???

    कौन अपना ???

    कहां, कब कोई हमेशा साथ होता है, हमेशा कोई संग रहे….. यह सपना कब साकार होता है ? वक्त के साथ बदल जाती है फितरत सबकी। जब तक स्वार्थ हो,तब तक ही साथ होता है। सत्य...

  • कमली

    कमली

    कमली। ###### कमली ….कमली पुकार पुकार के बच्चे उसके पीछे हाथ में पत्थर लिए दौड़ रहे थे. अपने फूले पेट को आंचल से ढ़के वह इधर से उधर बेबस हिरनी की तरह भाग रही थी. अचानक...

  • फैसला

    फैसला

    यूं तो सुखिया के पास उसके नाम के सामान ही सब कुछ हासिल था । घर में मां पत्नी दो बेटे एक सुंदर सी कन्या सोनाक्षी, 2 जोड़ी बैल कुछ बीघा जमीन सर पर अपनी मेहनत...

  • तपन

    तपन

    हमनें हौसलों से सीखा है मुसीबतों से टकराना वरना कौन नंगे पाँव अंगारों पर बार बार चलता है। सेक लेते हैं पाँव के फफोलो को अपने ही सब्र की बरफ से…. दूसरा कौन मरहम लगाने का...


  • एक ख्वाब है।

    एक ख्वाब है।

    एक ख्वाब है ########## विकास के गूंजें चारों ओर मंत्र । असफल हो गंदी राजनीति के षड्यंत्र । ना कहीं भ्रष्टाचार हो ना हो भ्रष्टतंत्र । बस बिगुल बजे समृद्धि का खुशहाली का। हर कोई हो...

  • लाचारी

    लाचारी

    सामने गली की नुक्कड़ में छोटा सा घर दुल्हन की तरह सजा था! घर की चहल-पहल व रौनक से लग रहा था आज कोई बड़ी खुशी का अवसर है। तभी रीना की कामवाली बाई आ गई...

  • क्यूं मुकर्रर  नहीं?

    क्यूं मुकर्रर नहीं?

    क्या करे क्या नहीं? क्यों यह मुकर्रर नहीं? * क्यों परेशान सा हैं ? यहाँ हर कोई आदमी……? * उठ रहे सवाल? कर रहे बवाल? * किधर जाए? हल कोई ? क्यों मिलता नहीं? * मेरे...

  • खामोशियाँ

    खामोशियाँ

    कौन कहता है ? खामोशियाँ बे आवाज़ होती है कभ दिल से सुनो उनमें गहरे लफ्जो़ं की आवाज होती है। गूंजते हैं भाव प्रतिभाव अनेक प्रतिध्वनियां फूटते हैं गहन उद्गार आशयों अभिप्रायों से दूर मौन गूंजती...