लघुकथा

लघुकथा- असफलता में सफलता

यशवंत को लिखने का जैसे भूत सवार हो। यशवंत कहता था- एक दिन मैं बहुत बड़ा लेखक बनूगा। ‘देख लेना मेरी कहानियों पर फिल्में बनेगी और मेरे लिखे गए गाने फिल्मोँ मे आऐगे। पत्रिकाओं और अखबारों में मेरे बारे में छपेगा।’ यशवंत की ये बातें कोई सुनता तो सब हँस पड़ते और कहते- ‘हाहाहा ये […]

लघुकथा

लघुकथा : बीच सफ़र में

रिचा और रणदीप दोनों एक ही सोसायटी में रहते हैं, लेकिन दोनों ही सोसायटी में रहने वाले और लड़के लड़कियों से कुछ अलग हैं। अब दोनों अपनी मंजिल को पाने के लिए लगे है लेकिन ये भी कहते हैं कि जब तक जिंदगी में मौज मस्ती न हो तो जिंदगी जीने का कोई मतलब नहीं […]

लघुकथा

लघुकथा – मदद

विकाश अपनी पढ़ाई के चलते घर से दूर दूसरे शहर में रहता है। विकाश की दूसरों की मदद के मामले में अलग ही सोच थी कहता था कि ‘मेरे पास ऐसा क्या है जिससे मैं किसी की मदद कर सकूँ?’ कुछ दिनों की छुट्टियों के चलते विकाश अपनी नानी के घर चला गया। विकाश को […]

गीत/नवगीत

नवगीत

अंदर ही अंदर दम घुटता है बाहर जाने से मन डरता है कोई शिकारी है इंतजार में ये सोच के मन कांप उठता है और डर डर के एक दिन हम मर जाते है…. हम मर जाते है हमको आगे आना होगा तभी अपराध मुक्त भारत होगा अँधेरे में सननाहटे है रोशनी में चिललाहटे कातिल […]

गीत/नवगीत

गीत : भाग ले

खुद के ही सवालों में उलझा है कोई भी सवाल अभी न सुलझा है दिल को कोई न तोड़ दे बीच राह में कोई न छोड़ दे भाग ले तू भाग ले सोया हुआ है कब से जाग ले अब तू जाग ले हो… हो…. हो…. पीछे पीछे देख तेरे क्या है पड़ा तू है […]

गीत/नवगीत

नवगीत

गुस्ताख दिल मैने अपने दिल को बताया कोने है अपना कोने पराया आँखें चार करके इशक न करना और किसी को अपना न बनाना गुस्ताख दिल को मिली सजा दिल लगाना थीं वजह औरों की क्या कहे खुद की नही है खबर तनहा ही चल पड़ा है भटकता है दरबदर धीमी धीमी सी चाल है […]

बाल कविता

बाल कविता : अपनी माटी

अपनी माटी अपनी माटी हमें है अपनी जान से प्यारी इसके लिये कुछ भी कर जायेंगे अपनी जान भी दे जायेंगे हम चुप है तो डरपोक न समझो वीर पुरुष हम कहलाते हैं ज्वालामुखी जब फटता हमारा दुश्मन को खून से नहलाते हैं जान छिड़कते है इस माटी पर यह सुनाती है वीरो की गाथा […]

गीत/नवगीत

नवगीत : स्टाप दि एसिड अटैक़

अब रोक दो ये सब छोड़ दो बेरहम जंजीरो को अब तुम तोड़ दो एसिड क्या जलाएगा कितने दाग लगाएगा हमारे हौसलों के आगे एसिड भी जल जाएगा इसी बात पे मिलकर बोलो स्टाप दि एसिड अटैक ए लड़के तू सुन ले मेरी बात मैं घूमूंगी फिरूगी चाहें हो दिन या हो रात मेरे पीछे […]

गीत/नवगीत

नवगीत : हम बेरोजगार हैं

डिग्रियां नहीं जल रहीं हमारे ख्वाब जल रहे हैं नौकरी की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं समानता का अधिकार सबको मिला है फिर आरक्षण क्यों लगाया कोई पूछता है जब कि कौन हो तुम तो हम कहते हैं हम बेरोजगार हैं हम बेरोजगार हैं लड़का हो या लड़की हर युवां परेशा है फयूचर की […]

गीत/नवगीत

नवगीत : तलाश है

उड़ जाने दो मुझको आसमाँ में बह जाने दो पानी की धारा में रूकना नहीं है मुझको जाना है रोशनी में खुद को लाना है तलाश है मुझे खुद की ये आवाज है मेरे मन की खामोश क्यों मेरी जुबां है लफज नहीं है कैसी ये दासतां है तनहाई मुझको है डस रही आँखें मेरी […]