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  • इंसाफ हुआ है

    इंसाफ हुआ है

    एकदम सही ये जुर्म के खिलाफ हुआ है छुपा न कुछ भी पूरा साफ साफ हुआ है दक्षिण की खबर सुनके लग रहा है ये भारत में आज असली इंसाफ हुआ है कर्म जैसे थे किए...

  • आंखों का तारा

    आंखों का तारा

    तुम्हीं से बहती है दिल में खुशहाली की एक धारा तुमसे ही तो है रौशन गली आंगन ये चौबारा तुम्ही हो आस जीने की तुम्ही हो सांस की डोरी तुम दोनों ही तो घर में हो...


  • रूठे हुए हैं क्यों

    रूठे हुए हैं क्यों

    ख्वाबों के सारे रंग वो झूठे हुए हैं क्यों शय सारे मेरे नाम से रूठे हुए हैं क्यों क्यों बहारें एक अर्से से यहां आती नहीं ये नजारे मन को मेरे जाने क्यों भाती नहीं बारिश...

  • मुस्कान न भूलो कभी

    मुस्कान न भूलो कभी

    आस न भूलो कभी अरमान न भूलो कभी सबका दाता एक है भगवान न भूलो कभी जीवन में आएं हैं तो आएंगी मुश्किलें भी धैर्य न भूलो कभी मुस्कान न भूलो कभी   खुशियों के वक्त...


  • मुक्तक

    मुक्तक

      जब जमाने से हर आस उठ सा गया अच्छा होने का एहसास उठ सा गया जब भलाई के बदले न हुआ कुछ भला तब भलाई से विश्वास उठ सा गया   शायद तन्हाईयां ही सबको...

  • इंसानियत का भाव

    इंसानियत का भाव

    प्रेम करूणा दया और सद्भाव नहीं भूलूंगा कुछ भी हो इंसानियत का भाव नहीं भूलूंगा   हमने बुजुर्गों को अपने पाया है वरदान में अपना मान भी बसा कनिष्ठों के सम्मान में भाषा जो प्रेम की...

  • मिले न राम न माया

    मिले न राम न माया

    जो चाहा पूरे मन से था वो पूरा हो नहीं पाया खिला था फूल आसों का पल भर में ही मुरझाया पड़कर मोह में कुर्सी की ऐसी हो गई हालत गए दुविधा में दोनों ही मिले...