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  • मुक्तक

    मुक्तक

    मेरे इन होठों पर हरदम पैगाम तुम्हारा ही होगा मुझको ठुकराने से ठोकर बदनाम तुम्हारा ही होगा भले ही तुम दिल से मिटा दो नामोनिशान को मेरे मरते दम तक मेरे दिल में बस नाम तुम्हारा...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    सुना दो मुझे दिल का वो पैगाम जो भी हो नहीं है गम मुझे अब चाहे नीलाम जो भी हो मैं अपने दिल पे रखकर हाथ कहता हूं तुमसे आज तुम्हे अपना बनाना है अंजाम जो...

  • अब याद नहीं

    अब याद नहीं

    दिल में कोई अफसोस नहीं और होठों पर फरियाद नहीं कल तुम क्या थे और मैं क्या था अब फर्क नहीं अब याद नहीं खिलना था तेरे प्यार के दम पर यूं होना था बर्बाद नहीं...

  • जाने क्यों

    जाने क्यों

    आंखे तालाब नहीं पर भरती है जब रोते हैं बीज नहीं है दुश्मनी फिर भी लोग बोते हैं ऐसे ही मिसाल कई जीवन में मिल जाते हैं होठ कपड़ा नहीं है फिर भी सिल जाते हैं...

  • प्रण

    प्रण

    जब बिगुल बजे शैतान से युद्ध का तो निश्चय यही प्रमाण हो चाप धरें हम देशभक्त बन समरसता की बाण हो सर्वधर्म समभाव को लेकर प्रेम के पथ पर बढ़े चलो जाति धर्म का मोह त्याग...



  • राम हमारे बेघर हैं

    राम हमारे बेघर हैं

    सदियों से जो आदर्श रहा, और धरती का अभिमान रहा जो रघु वंश का कुल गौरव, आन बान और शान रहा हिन्द में हिन्दू आलंबन का , वर्षों से हुआ अनादर है नेता रहते महंगे बंगलों...

  • जय हो बाबा भोले शंकर

    जय हो बाबा भोले शंकर

    भक्तों के भक्ति की भाषा त्याग और तप की परिभाषा पर्वत है चरण को चूम रहा नमन करते देव भाष्कर जय हो बाबा भोले शंकर जय हो बाबा भोले शंकर पुष्प सुमन बरसाते इंद्र देवियां गाती...