गीत/नवगीत

आंखें मिलाकर कहो

मुझको ये भरोसा दिलाकर कहो चाहे कोई कसम एक खाकर कहो पहली उंगली उठी थी तेरी ओर से मैं गलत हूं ये आंखें मिलाकर कहो मैं तो हाथों तुम्हारे गया था छला जोर मुझपे ही मेरा नहीं था चला था वही बस किया जैसे हालात थे फिर कैसे गलत हो गया मैं भला खुद को […]

मुक्तक/दोहा

अब

स्वार्थ, छल के पाश में जकड़े हुए हैं लोग अब अपने – अपने दंभ में , अकडे़ हुए हैं लोग अब चल पडे़ हैं लोग सारे, राह सच की छोड़कर के झूठ की ही राह को , पकडे़ हुए हैं लोग अब   तथ्य ये साबित हुआ , जब हो गए प्रयोग सारे आधुनिकताओं में […]

गीत/नवगीत

सुशांत सिंह राजपूत को विनम्र श्रद्धांजलि

जान न पाया कोई भी, एकदम उठा लिया ऐसे क्या हालात थे कि ये कदम उठा लिया अपनी माटी, अपना देश सूना कर गए हो तुम होता है यकीन नहीं कि, गुजर गए हो तुम सुनके खबर आहत ये, दिल हमारा हो गया फिल्मी नभ से एक चमकता सितारा खो गया ये तो समाधान न […]

गीत/नवगीत

केरल में हुई अमानवीय घटना पर

शर्मसार मानवता को गहरी पहुंची चोट है फिर से, एक बार मानवता को फिर से कर डाला मानव ने , शर्मसार मानवता को ज्यादती धरती पर हो गई, देख रहे क्यों नाथ नहीं ? अनानास देने जो आए, कांपे क्यों वो हाथ नहीं ? लाज-शर्म भी भूल गए थे, हया भी उनको न आई दो […]

मुक्तक/दोहा

कौन

गम की तेज धारा में , बहना चाहता है कौन यहां गम के अंधेरे में , रहना चाहता है कौन अक्सर दिल की वो बातें रह जाती हैं दिल में ही सुनना चाहता है कौन, कहना चाहता है कौन   हुआ है साथ जो दिल के, फसाना हम किसे कह दें नये तेवर सभी के […]

गीत/नवगीत

तूफान

रस्ता यहां जीने का अब सुगम नहीं रहा परेशानियों का असर है, कम नहीं रहा हर रोज सहके हो गई बेहाल जिंदगी तूफान जिंदगी का यहां थम नहीं रहा   संभाले न कोई , न कोई थामने आए हर रोज मुसीबत नई एक सामने आए राह इनसे बचने का भी सूझता नहीं कौन है जो […]

गीत/नवगीत

देखा मिसाल दुनिया ने

संकल्प, इच्छाशक्ति की राशि विशाल दुनिया ने एकता के हिंद की, देखा मिसाल दुनिया ने   विश्वास की परिधि ने हर मन को था घेरा हुआ लग रहा था रात में कि, जैसे सवेरा हुआ था हर तरफ प्रकाशमान दीप इतने जल उठे बंद सारी बत्तियां थीं पर न अंधेरा हुआ नौ मिनट में सदियों […]

गीत/नवगीत

आओ एक दीप जलाएं हम

देश ये पूरा साथ खड़ा है, ये दिखलाने की बारी आओ एक दीप जलाएं हम, है दीप जलाने की बारी अपने मन से, जीवन से , तम दूर भगाने की बारी आओ एक दीप जलाएं हम, है दीप जलाने की बारी   अपनी इच्छाशक्ति में उत्कर्ष दिखाना है हमको किया जो हमने कड़ा है वो […]

गीत/नवगीत

वो महान जग में है

अच्छाई और बुराई के सारे निशान जग में हैं साथ हैं अच्छाई के जो, वो महान जग में है   माना कठिन रही है यहां अच्छाईयों की डगर दुख नहीं देती कभी है इस पे जो चलो अगर अंत सदा ही सुखद है रहा अच्छाई का प्रारंभ में भले ही थोडी़ मुश्किलें आतीं नजर हारी […]

गीत/नवगीत

इंसानियत की राह कभी छोड़ना नहीं

भूलके भी दिल किसी का तोड़ना नहीं इंसानियत की राह कभी छोड़ना नहीं   भूलना कभी न प्रेम-स्नेह की भाषा पालना कभी न हीन भाव- निराशा दुर्भावनाओं से कभी भी सामना न हो छल या बुराई की कोई भावना न हो भलाई से कभी भी मुख को मोड़ना नहीं इंसानियत की राह कभी छोड़ना नहीं […]