गीत/नवगीत

नमन विवेकानंद जी

आदर्श उनके हैं बसे ब्रह्मांड के आधार में जीवन लगाया अपना बस युवाओं के उद्धार में दुनिया में सुधारक तो लाखों आए थे मगर विवेकानंद जी सा ना हुआ कोई संसार में     आ

गीत/नवगीत

नया गीत गाएं

ख्वाबों की अपनी एक बगिया सजाएं चलो आज हम – तुम नया गीत गाएं   दिल का नया गीत अनमोल सुन लो धुन हो नई और नए बोल चुन लो होगा पुराना नहीं कुछ भी इसमें खुद से नया एक माहौल बुन लो मिलाकर के सुर आओ गुनगुनाएं चलो आज हम – तुम नया गीत […]

गीतिका/ग़ज़ल

बनाकर बात तो देखो

बनती है मोहब्बत से, बनाकर बात तो देखो जरा एक बार करके प्रेम की बरसात तो देखो अकेले चलने से जीवन बोझिल सा है लगता मजा है साथ चलने में आकर साथ तो देखो इस जग से बहुत सुंदर है ख्वाबों की वो दुनिया कभी साए में ख्वाबों की बिताकर रात तो देखो उनकी फितरतों […]

कविता

दोस्ती

दिली रिश्ते की ऊंची एक पहचान है भाव निश्छल लिए एक आह्वान है दौलतों से न मिलती न जागीर से दोस्ती जग में ईश्वर का वरदान है दोस्ती इस जमाने में रिश्ता है वो जो दो जिस्मों को एक जान करे चाहे राहों में कितने भी रोडे़ रहें राह सारे ये पल में आसान करे […]

इतिहास

युगपुरुष वाजपेयी जी

25 दिसम्बर । यह तारीख भारतीय राजनीति के इतिहास में बहुत ज्यादा मायने रखता है क्योंकि इसी तारीख को भारत के महान नेता श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म हुआ था । निश्चित रूप से भारत की गौरवशाली माटी वाजपेयी जी को अपनी गोद में पाकर और मी गौरान्वित हो गई होगी क्योंकि भारत […]

कविता

वाजपेयी जी की जयंती पर विशेष – आप सदा ही अटल रहे

आप थे सिद्धांतों की धुरी और सुविचारों के पटल रहे नमन आपको अटल बिहारी आप सदा ही अटल रहे आजादी में युद्ध लडे़ थे अंग्रेजी फरमानों से भारत मां की लाज बचाई थी सारे शैतानों से आतुर आजादी की खातिर आप सदा दल-बल रहे नमन आपको अटल बिहारी आप सदा ही अटल रहे राजनीति को […]

गीत/नवगीत

क्या हाल हो गया है भाई

सत्तालोभियों के चक्कर में बेहाल हो गया है भाई देख लो अपने भारत का क्या हाल हो गया है भाई नेताजी का हाल हुआ बिन पेंदी के लोटे वाला हाकिम रिश्वत मांग रहे हैं और वो भी मोटे वाला स्वार्थ सिद्ध हो जाए जहाँ पर वहीं पे जाके टूट रहे नेता अफसर मिल जुल कर […]

कविता

जिंदगी

दिन कभी उदास है कभी सुहानी रात है जिंदगी में खुशियां गम तो पुरानी बात है दुख कभी बसा कभी दिलों में हर्ष है जिंदगी का तो दूसरा नाम ही संघर्ष है आशाओं निराशाओं का खेल है ये जिंदगी कभी है उन्मुक्त कभी जेल है ये जिंदगी हंस रहे कभी कभी रोते हुए जज्बात हैं […]

कविता

बदल गए हो दोस्त

सांचे में दुनियादारी के ढ़ल गए हो दोस्त ऐसा लग रहा है कि बदल गए हो दोस्त तुम्हारे हर कदम को सराहा सदा मैंने मेरे कदमों से भला क्यों जल गए हो दोस्त कल तलक न रंज कोई न थी कोई चोट न कोई शिकवे गिले थे न कोई भी खोट राजी हम सदा थे […]

सामाजिक

रिश्ते

अमूमन इस संसार में कई प्रकार के रिश्तों का प्रचलन आदिकाल से ही रहा है । ये रिश्ते कई प्रकार के होते हैं अथवा कई नामों से जाने जाते है । उदाहरणस्वरुप – सगे, मुंहबोले इत्यादी । कुल मिलाकर इन्हें हम दो भागों में बांट सकते हैं – पहला , खून का रिश्ता और दूसरा […]