Author :

  • दरिद्रता का हक़दार

    दरिद्रता का हक़दार

    महल जगमगाउठा था। प्रजा ने अपने घर के सभी दीपकों से राजा का महल रोशनी से भर दिया। माँ लक्ष्मी पूरे राज्य में घूम ली, सिवाय राजमहल के कहीं उजाला नहीं था। जब देवी लक्ष्मी राजमहल...

  • वतन

    वतन

    उस वक़्त का इन्तजार है जब वतन में खुशहाली होगी, पतझर हो या सावन, हर मौसम हरियाली होगी, न दिन में तपन होगी,न रात काली होगी, हर दिन होली हर रात दिवाली होगी। हर दिल में...

  • बारिशें

    बारिशें

    वो बारिशें अब कहाँ मयस्सर हैं, जिनमें नादान शरारतें होती थी। छतरी की छांव तले भी, भीगने की कवायदें होती थी। सर्दी जुकाम की परवाह किसे थी, जब बादलों से मोहब्बतें होती थी। पानी की हर...

  • पानी

    पानी

    कभी किसी की आँखों से बरसा है, कभी आसमान से पानी। ज़रा संभाल कर रखना, मिट न जाए इस जहां से पानी। मोती इसकी आगोश में पलते है, इसके दम पर ही हमारे प्राण चलते हैं।...

  • टूट कर

    टूट कर

    टूट कर बिखरना तो आइनों की फितरत है मेरे यार, बस तुम्हारी दुआओं की कशिश मुझे बिखरने नहीं देती। कब तक ये टुकड़े इस सीने के सहेज कर रखूँ, मौत सामने है पर जिंदगी मुझे मरने...

  • उनकी पायल में

    उनकी पायल में

    कितने सावन बरसे होंगे एक ही पल में, जब घुंघरू खनका होगा उनकी पायल में, अरमानों के बादल में कोई आग लगाने आ जाए, हंसने की किसको चाहत है,वो मुझे रुलाने आ जाए, सूनापन हर देहरी...

  • उसे गुरूर है

    उसे गुरूर है

    उसे गुरूर है अपने चेहरे की मासूमियत पर उसने मेरी आँखों की गहराई नहीं देखी। **** **** जिनका हर इक आंसू मैंने मोती की तरह संभाल रखा था, उनसे गुजारिश है मुझे मेरी मुस्कान लौट दे।...

  • यादों की गठरी

    यादों की गठरी

    उन्हें याद नहीं आती हमारी, गुरुर में, वो खोये है जाने किस सुरूर में। जिस वक़्त के लम्हात ने हमको रुलाया है, उस वक़्त का झोंका तेरी गली में आया है। इस बार तेरी यादों की...


  • इश्क़ का अंज़ाम

    इश्क़ का अंज़ाम

    आँखों में समन्दर और लबों पर तिश्नगी है, जैसी भी है यार, बड़ी हसीं जिंदगी है। **** **** एक एक पत्ता गिरेगा इस शाख से, जल्द ही शज़र शर्माना बन्द कर देगा, तारीख निकलती जा रही...