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  • इश्क़ का अंज़ाम

    इश्क़ का अंज़ाम

    आँखों में समन्दर और लबों पर तिश्नगी है, जैसी भी है यार, बड़ी हसीं जिंदगी है। **** **** एक एक पत्ता गिरेगा इस शाख से, जल्द ही शज़र शर्माना बन्द कर देगा, तारीख निकलती जा रही...

  • सुन लो मोदीजी

    सुन लो मोदीजी

    फिर से कुछ गीदड़ शेर का सीना छलनी कर गए, मेरे वतन तेरे आँचल पर लहू के दाग नहीं सुहाते। कितनी बार खा चुके है मात जंग के मैदान में, ये कुत्ते मगर अपनी करनी से...

  • उन्हें इश्क़ है हमसे

    उन्हें इश्क़ है हमसे

    उसका कुछ नही बिगड़ा ‘दवे’ तेरी नाराजगी देख कर भी, मेरे आंसुओं का क़र्ज़ न उतारा गया, और वो हंस कर नहीं बोली मुझसे आज एक बार, मैं दिन में कितनी बार बेमौत मारा गया…….  ****...

  • लौट कर आओगी

    लौट कर आओगी

    गुजर जाती है हर शाम उस वक्त को याद कर के,जो वक्त हसीं तो नहीं मगर अपना हुआ करता था,तुझे खोकर भी इतनी ही शिद्दत से याद है मुझे,तुझे पाना एक खूबसूरत सपना हुआ करता था।...

  • अजीब से हालात है

    अजीब से हालात है

    अजीब से हालात है मेरी जिंदगी के दिन ढलता भी नहीं और रात होती हैं.. मुस्कुराना काफी नहीं है इस महफ़िल में, यहां तो आंसुओ के जरिये बात होती है.. इश्क के बाजीगरों को रोते देखा...

  • उस बेवफ़ा की तरह

    उस बेवफ़ा की तरह

    ये वक़्त भी गुजर गया बातोँ बातोँ मेँ,,,,,,,,, दुरियाँ बदल न सकी मुलाकातो मेँ,,,,,,,,, बिजलियोँ को छूने की तमन्ना सी जगी हैँ………. यहाँ सिर्फ धुआँ हैँ तो आग कहाँ लगी हैँ………. **** ****** चला जाऊंगा तेरी...


  • कविता

    कविता

    चुप रहकर भले ही तुमन सत्ता से यारी रखते हो, लेकिन अपने दिल से पूछो, क्या खुद्दारी रखते हो। जफ़ा ये सहकर तुमने शायद कोई खजाना पाया है, शायद इन जंजीरो में तुम्हें सुख चैन नज़र...

  • नव वर्ष- दोहे

    नव वर्ष- दोहे

    पुराना कलैंडर झाँक रहा है, नए वर्ष की छाया को कितना मुश्किल है बंधु, छोड़ कर जाना माया को। नए कलैंडर के चेहरे पर, अभिमानी मुस्कान है वक़्त को गुजर जाना है, यह विधि का विधान...