Author :


  • व्यंग्य – बाबाजी का बजट

    व्यंग्य – बाबाजी का बजट

    अवध में जैसे ही लाल सूटकेश खोला गया संपूर्ण वातावरण में धूप,गुगुल,अगरबत्ती की खुशबू फैल गई।भक्त रूपि जनता को नेपथ्य से शंख एवं घंटी की ध्वनि सुनाई देने लगी और सभी धर्म की वैतरणी में डूबने-उतरने...






  • ऊर्जा

    ऊर्जा

    अध्यात्म मानता है कि 84 लाख योनियों मे प्रकृति की सर्वोत्तम व विवेकशील कृति के रूप मे मनुष्य का जन्म हुआ है।यह मानव काया जिसमें त्याग, दया, स्नेह, प्रेम, सहनशीलता जैसे दूर्लभ गुणों का समावेश होता...