कविता

यूँ तो शान्ति 

यूँ तो शान्ति किसे नहीं सुहाती फिर चाहे पशु-पक्षी हो या इंसान शान्ति का होता एक विज्ञान जो आरोग्य प्रदान करता तन का मन का जो साथ देता जन-जन का शान्ति घर की गली की गाँव-शहर की अद्भुत रस देती है शान्ति दो देशों की बहुत कुछ कहती है पर आज कोलाहल परवान पर है […]

हास्य व्यंग्य

महिमा जूती की… (व्यंग्य)

यद्यपि इंसान स्वयं सदियों से जूतियाँ पैरों में और सिर पर पगड़ी पहनता आया है और दोनों का स्थान भी दो अलग-अलग छोरों पर रहा किन्तु पगड़ी व जूती का संघर्ष संसार में अनवरत चलता रहा कभी रुका नहीं । जब भी मौका मिलता ये दोनों एक दूसरे को नीचा दिखाने में कसर नहीं छोड़ती […]

गीत/नवगीत

बसंत तुम इठलाना मत

बसंत तुम इठलाना मत गीत बेसुरे गाना मत । तुझसे सजेगी धरती प्यारी फूल फूल हर क्यारी क्यारी देख देख स्वयं की शोभा हम पर रोब जमाना मत । भँवरे गुञ्जेंगे तितली नाचेगी कोयल तेरी गाथा बाँचेगी सुनकर अपनी प्रशंसा उससे अपना मुख विचकाना मत । सर्दी अब ना सताये तुमको धूप सहज सहलाये तुमको […]

भजन/भावगीत

हे त्रिपुरारि … 

जय त्रिपुंडधारी गल मुंडधारी सृष्टि जाने तव महिमा न्यारी हे सहज देव हे भोलेनाथ रख सिर हाथ कर दो सनाथ हे नीलकंठ हे अविनाशी जागो जागो हे हिमवासी संसार तृष्त रोगों का भय हे महादेव कर दो अभय हे चंद्रमोलि हे गंगाधर भक्तों के पालक हर हर हर हे त्रिनेत्र त्रिशूलधारि विनती सुनिये हे त्रिपुरारि […]

गीत/नवगीत

गीत – नारी तुम ..

नारी तुम अद्वितीय रचना हो करतार की नारी तुम प्यारी सी गणना हो संसार की बेटी बन लुटाती अपार खुशियाँ घर में भोली सी सयानी सी बैठ जाती सबके मन में सदियाँ गवाह है जिसके निश्छल प्यार की । माँ के किरदार को शब्द नहीं कलम में कर पायें संस्तुति ऐसी शक्ति नहीं हममें पाने […]

लघुकथा

दु:खी संसार 

पत्र साल दो हजार बीस के नाम… समय- मध्य/ नवम्बर /2020 आदरणीया साल 2020 ,              डरते हुए प्रणाम !           तुम प्रसन्न हो या दु:खी हम नहीं जानते, पर हाँ हम सब दुखी हैं ये हमें, तुम्हें बताते हुये खेद हो रहा है ।   […]

लघुकथा

लघुकथा – विकल्प

दीपावली कुछ दिनों बाद आने बाली थी पर अबकी बार मौसम भी कुछ विचित्र सा गर्मी लिए हुए था साथ ही वायु का प्रदुषित होना भी दुविधा का कारण बना हुआ था । वायु प्रदूषण की भयाभयता का अंदाजा लगाते हुए सरकार की मंशा के अनुरूप स्थानीय प्रशासन ने भी पटाखों की दुकान व पटाखे […]

गीत/नवगीत

तोता पिंजरा दाना पानी

तोता पिंजरा दाना पानी सदियों से रही यही कहानी बंधन चंदन या अभिशाप बना जीवन छोटी सी नाप रटे जिह्वा एक ही जाप खुश-नाखुश ना हैरानी तोता पिंजरा दाना पानी सदियों से रही यही कहानी इच्छा मर गई चाव ना रहा नींद विस्मृत ख्वाब ना रहा नियति समझ ताव ना रहा कातर नजरें लगे विरानी […]

गीत/नवगीत

गीत- कुछ कह दें …

अगर तुम साथ दो तो, हम बात कुछ कह दें कदम-दर-कदम चलो मिल, राह कुछ कह दें हमारे दिन हमारी रात और संगदिल इच्छाएं बसा दे प्रेम की नगरी, तो बात कुछ कह दें । अगर तुम साथ दो तो, हम बात कुछ कह दें ।। रहोगे तुम हमसे दूर, जो भर पूर मद में […]

भजन/भावगीत

श्री हनुमान इकतीसा

दोहा :– प्रथम सुमिर श्रीगुरु चरण, ध्याऊं श्री रघुवीर । किंचित  दृष्टि  मात्र से, हरे सकल  भव पीर ।।1।। प्रखर बुद्धि जिन संग में,  जो बल के भंडार । राम  प्रभू   के  दास  का,  वंदन    बारंबार ।।2।। चौपाई :– जय जय जय हनुमत बलधारी । आसुरी  शक्ति    तुमसे    हारी ।।1।। प्रिय श्रीराम […]