धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

भगवान् श्री कृष्ण: महान प्रेरणादायक व्यक्तित्व

एक मित्र ने शंका के माध्यम से पूछा कि क्या आप श्री कृष्ण जी को भगवान् मानते है? मेरा उत्तर इस प्रकार से है- महाभारत में श्री कृष्ण जी के विषय में लिखा है- वेद वेदांग विज्ञानं बलं चाप्यधिकं तथा। नृणां हि लोके कोSन्योSस्ति विशिष्ट: ।। अर्थात आज के समुदाय में वेद वेदांग के ज्ञान […]

संस्मरण

आर्यसमाज में मेरे 19 वर्षों का अनुभव

आर्यसमाज में मेरे 19 वर्षों का अनुभव (आज 28/11/2019 को जन्मदिवस के अवसर पर आप सभी मित्रों का मंगल कामना एवं बधाई सन्देश मिला। उनका कोटि कोटि धन्यवाद। अनेक मित्रों ने इस अवसर पर अपने आर्यसमाज के अनुभवों को साँझा करने का निवेदन किया। मैं मेरे आर्यसमाज में 19 वर्षों के अनुभव को एक लेख […]

राजनीति

डॉ अम्बेडकर बनाम पेरियार

एक विशेष जमात ट्विटर पर स्वामी रामदेव का पेरियार को दिए बयान को लेकर विरोध कर रही है। स्वामी रामदेव ने रिपब्लिक टीवी पर कहा था कि पेरियार को मानने वाले बढ़ रहे है जो कहते है कि ईश्वर को मानने वाले मुर्ख होते है। ईश्वर सबसे बड़ा शैतान है। इस देश के लिए आदर्श […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

नवबुद्ध बनना : नौटंकी या फैशन

रोहित वेमुला की माँ और भाई ने बुद्ध मत स्वीकार कर लिया। बुद्ध मत स्वीकार करने वाला 99.9 %दलित वर्ग बुद्ध मत को एक फैशन के रूप में स्वीकार करता हैं। उसे महात्मा बुद्ध कि शिक्षाओं और मान्यताओं से कुछ भी लेना देना नहीं होता। उलटे उसका आचरण उससे विपरीत ही रहता हैं। उदहारण के […]

इतिहास

रोमिला थापर का ‘अद्भुत’ इतिहास ज्ञान: वामपंथी मानसिकता का प्रत्यक्ष दर्शन

कथित इतिहासकार रोमिला थापर का सोशल मीडिया पर थापर का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उनके इतिहास ज्ञान की पोल खुल रही है। रोमिला थापर का यह वीडियो 2010 में इंटरनेशनल डेवलपमेंट रिसर्च सेंटर (आईडीआरसी) के अध्यक्ष डेविड एम मैलोन से बातचीत के दौरान का है। कार्यक्रम के दौरान रोमिला थापर से पूछा […]

राजनीति

इस्लामी आतंकवाद को कैसे नेस्तनाबूद किया जाए?

कट्टरपंथी मुसलमान हिन्दू बहुल भारत को ‘इस्लामी विजय का एक अधूरा अध्याय’ मानते हैं। हमें यह ध्यान में रखना चाहिए कि दुनिया के बाकी सभी वो देश, जिन पर इस्लाम ने विजय प्राप्त की , इस्लामी आक्रमण के केवल दो दशकों के भीतर 100% इस्लाम में परिवर्तित हो गए। परन्तु भारत में ऐसा नहीं हो […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

यह अंधेरगर्दी कब तक?

देवदत्त पटनायक काल्पनिक उपन्यास लिखने वाले लेखक है जिनके विषय मुख्य रूप से पौराणिक देवी-देवता होता हैं। आपके उपन्यास न केवल तथ्य रहित होते है बल्कि वैदिक सिद्धांतों से भी कोसो दूर होते हैं। मेरे विचार से यह व्यापार तुरंत बंद किया जाना चाहिए क्यूंकि इसके दूरगामी परिणामों पर कोई ध्यान नहीं देता। आज हमारी […]

सामाजिक

रामरहीम कांड को लेकर विभिन्न लोगों की प्रतिक्रियाएं/विचार

1. रामरहीम के अंधभक्त- हमारे “पिता जी” ने ऐसा कुछ नहीं किया है। उन्हें जानकर फंसाया जा रहा है। वे निर्दोष है। वे तो समाज सेवा का बहुत काम करते हैं। 2. रामरहीम के पूर्व भक्त- आखिर पाप का घड़ा एक न एक दिन फूटता अवश्य है। रामरहीम को उसके किये पापों की सजा मिल […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

संगठन में शक्ति

एक दिन एक राजा ने मंत्री से कहा, “मेरा राज्य के योग्य प्रजाजनों को सम्मानित करने का विचार है, आप मुझे बताये की उनका चुनाव कैसे हो?” मंत्री ने कुछ सोच कर उत्तर दिया ,”राजन, आपके राज्य में योग्य जन तो बहुत हैं, मगर उनमें एकता का सर्वथा आभाव हैं। वे अपनी शक्ति एक दूसरे […]

राजनीति

दलित-मुस्लिम एकता का सच

स्वामी श्रद्धानन्द अविभाजित भारत में कांग्रेस के ऐसे पहले सदस्य है जिन्होंने कांग्रेस से इस कारण से त्यागपत्र दे दिया था क्यूंकि महात्मा गांधी को बार बार दलितों के साथ हो रहे अत्याचारों से अवगत करवाने के बाद भी गांधी जी ने गंभीरता से दलित उत्थान का कार्य में रूचि नहीं दिखाई। उल्टा गांधी जी […]